LPG वाले तो सड़क पर आ गए, PNG वालों को कब तक राहत? गैस सप्लाई पर बड़ा अपडेट
मिडिल ईस्ट संकट के बीच PNG और CNG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी. IGL ने कहा है कि सरकार के नए आदेश के बाद घरेलू PNG और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई फिलहाल बिना रुकावट जारी रहेगी. हालांकि वैश्विक ऊर्जा संकट लंबा चला तो आगे असर पड़ सकता है.
LPG के बाद अब PNG पर टेंशन?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत में गैस सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. एक तरफ एलपीजी सिलेंडर के दाम और सप्लाई को लेकर चर्चा तेज है, वहीं पाइप से आने वाली किचन गैस यानी PNG इस्तेमाल करने वाले भी सोच रहे हैं कि उन्हें राहत कब तक मिलेगी. इसी बीच Indraprastha Gas Limited (IGL) ने बड़ा अपडेट दिया है. कंपनी ने कहा है कि घरेलू PNG गैस और गाड़ियों के लिए CNG की सप्लाई फिलहाल बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी.
9 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 जारी किया है. इस आदेश में घरेलू PNG और CNG सप्लाई को सबसे ऊंची प्राथमिकता दी गई है. यानी अगर वैश्विक संकट के कारण गैस की कमी भी होती है तो भी सबसे पहले घरों की पाइप गैस और वाहनों के लिए CNG की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी. IGL ने बयान में कहा कि कंपनी सरकार के आदेश के मुताबिक घरों की रसोई गैस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए CNG की सप्लाई जारी रखेगी, ताकि शहरों की रोजमर्रा की जिंदगी और परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो.
मिडिल ईस्ट संकट से क्यों बढ़ी चिंता?
- मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल है. कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. इसके साथ ही समुद्री रास्तों में बाधा आने से LPG और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ रहा है
- ऊर्जा संकट की सबसे बड़ी वजह Strait of Hormuz का संकट है. यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है. इस रास्ते से करीब 20% वैश्विक LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का व्यापार होता है.
- अगर यहां शिपिंग प्रभावित होती है तो दुनिया भर में गैस और तेल की सप्लाई पर असर पड़ता है.
- फिलहाल सरकार और गैस कंपनियों के अनुसार घरेलू PNG और CNG की सप्लाई सुरक्षित है, लेकिन अगर मिडिल ईस्ट में संकट लंबा चलता है और होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो भविष्य में गैस की कीमतों और सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है.
आम लोगों के लिए इसका मतलब क्या है?
अभी PNG और CNG की सप्लाई जारी रहेगी. घरेलू गैस को सरकार ने टॉप प्रायोरिटी दी है, लेकिन मिडिल ईस्ट संकट लंबा चला तो आगे कीमतें बढ़ सकती हैं.
LPG ग्राहकों के लिए अपडेट: बड़ी राहत और कुछ कड़े नियम
- कीमतों में बढ़ोतरी: 7 मार्च 2026 से घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 kg) के दाम में ₹60 की भारी वृद्धि की गई है. दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹913 हो गई है.
- बुकिंग के नियमों में बदलाव: अब ग्राहक शहर में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर पाएंगे.
- सप्लाई में प्राथमिकता: सरकार ने नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर, 2026 के तहत घरेलू LPG उत्पादन को 'टॉप प्रायोरिटी' लिस्ट में डाल दिया है ताकि घरों में सप्लाई बाधित न हो.
- सब्सिडी पर अपडेट: 1 फरवरी 2026 से उन ग्राहकों की सब्सिडी बंद कर दी गई है जिन्होंने ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की थी.
PNG ग्राहकों के लिए अपडेट: क्या राहत मिलेगी?
- सप्लाई का आश्वासन: Indraprastha Gas Limited (IGL) और Mahanagar Gas (MGL) ने आश्वासन दिया है कि घरों में PNG की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी.
- प्राथमिकता: सरकार ने पाइप वाली गैस (PNG) और CNG को गैस आवंटन में सबसे ऊपर रखा है. इंडस्ट्रियल सप्लाई में कटौती करके घरेलू PNG को 100% गैस दी जा रही है.
- कीमतें: जनवरी 2026 में IGL ने PNG की कीमतों में ₹0.70 प्रति scm की कटौती की थी, जिससे दिल्ली में दर ₹47.89/scm चल रही है. फिलहाल नई बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में बढ़ते दाम चुनौती बन सकते हैं.
जहां LPG ग्राहकों को ऊंची कीमतों और सीमित बुकिंग का सामना करना पड़ रहा है, वहीं PNG ग्राहक फिलहाल सुरक्षित हैं क्योंकि उन्हें घरेलू गैस आवंटन में प्राथमिकता मिल रही है.
कमर्शियल गैस की कीमतों में इजाफा होने से क्या असर पड़ेगा?
1. रेस्टोरेंट और बाहर का खाना महंगा
कमर्शियल सिलेंडर के दाम दिल्ली में ₹1,883 और पटना जैसे शहरों में ₹2,150 के पार पहुंच गए हैं. इसका असर यह हुआ है;
- थाली के दाम: छोटे और मध्यम दर्जे के रेस्टोरेंट्स ने 'वेज थाली' और 'स्पेशल थाली' की कीमतों में 10% से 15% तक का इजाफा कर दिया है.
- फास्ट फूड: समोसे, कचोरी और चाय जैसी चीजों के दाम में भी ₹2 से ₹5 की बढ़ोतरी कई शहरों में देखी जा रही है.
2. PNG (पाइप्ड गैस) वाले रेस्टोरेंट्स को फायदा?
जिन रेस्टोरेंट्स के पास PNG कनेक्शन है, वे फिलहाल थोड़े फायदे में हैं.
- लागत में अंतर: कमर्शियल PNG की दरें कमर्शियल सिलेंडर के मुकाबले लगभग 20-25% सस्ती पड़ रही हैं.
- बचत: IGL और MGL जैसी कंपनियां कमर्शियल PNG की सप्लाई को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे इन रेस्टोरेंट्स को अपना मेन्यू प्राइस स्थिर रखने में मदद मिल रही है.
3. होम डिलीवरी और स्वीगी-ज़ोमैटो पर असर
गैस के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की महंगाई के कारण कई रेस्टोरेंट्स ने ऑनलाइन ऑर्डर्स पर 'Packaging Charges' या 'Service Fee' बढ़ा दी है ताकि बढ़ी हुई गैस लागत की भरपाई की जा सके.
ये भी पढ़ें :क्लास 8 की किताब पर बवाल: SC के दबाव में NCERT ने मांगी माफी, X पोस्ट में क्या सफाई दी?
4. आगे क्या होगा?
अगर मार्च के अंत तक कमर्शियल गैस के दाम नीचे नहीं आते, तो हलवाई और केटरिंग सर्विस वाले भी अपनी बुकिंग दरों में 20% तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिसका असर शादियों के सीजन पर पड़ेगा.




