Iran की सबसे खौफनाक फोर्स के हेडक्वार्टर पर वार! अमेरिका बोला, ‘सांप का सिर’ कुचला, क्या है ईरान की रीढ़ कहे जाने वाली IRGC?

अमेरिका ने आईआरजीसी के हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया है. अमेरिका इसे “सांप का सिर” कहता है और क्षेत्रीय अस्थिरता की जड़ मानता है. आखिर क्या है यह संगठन, जिसकी वजह से Middle East की सियासत लगातार उथल-पुथल में रहती है?

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Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 2 March 2026 10:30 AM IST

Israel-Iran War Update: अमेरिकी सेना ने सोमवार को घोषणा की कि उसने तेहरान में ईरान की एलीट फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. अमेरिका ने इस हमले को “सांप का सिर काट देना” बताया.

यह कार्रवाई अमेरिका और इज़राइल के चल रहे मिलिट्री 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का हिस्सा है, जिसमें ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी दावे के अनुसार, इस अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता मारे गए हैं और राजधानी के अहम प्रशासनिक व मंत्रालयों के दफ्तरों को भारी नुकसान पहुंचा है.

IRGC हेडक्वार्टर पर हमला, क्या बोला अमेरिका?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले 47 सालों में 1,000 से अधिक अमेरिकियों को मारा है. कल बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमले ने सांप का सिर काट दिया.”

क्या है आईआरजीसी?

IRGC ईरान की सशस्त्र सेनाओं की एक स्पेशल ब्रांच है, जिसकी स्थापना 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश की इस्लामी व्यवस्था की रक्षा के लिए की गई थी. अली खामेनेई के नेतृत्व में यह संगठन और मजबूत हुआ और सीधे उनके नियंत्रण में काम करता था. अमेरिकी ने इस हमले बाद कहा कि हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, और अब IRGC का कोई मुख्यालय नहीं बचा है.

आईआरजीसी में इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं. इसके अलावा एक आंतरिक सुरक्षा बल 'बसीज' और एक बाहरी ऑपरेशन फोर्स “IRGC-क़ुद्स फोर्स (IRGC-QF)” भी इसका हिस्सा हैं.

IRGC-क़ुद्स फोर्स का क्या काम है?

IRGC-QF ईरानी शासन की उन प्रमुख यूनिट्स में से एक है, जो ईरान के बाहर गुप्त और घातक अभियानों को अंजाम देती है. इसमें असमान युद्ध (asymmetric warfare) और आतंकवादी गतिविधियां भी शामिल बताई जाती हैं. ईरान आतंकवाद को अपने दुश्मनों को रोकने, दुनिया भर में शिया मुसलमानों के बीच नेतृत्व जताने और मध्य पूर्व में अपनी ताकत दिखाने के एक साधन के रूप में देखता है.

IRGC-QF ने दुनिया के कई हिस्सों में गुप्त अभियान चलाए हैं. यह अपने सहयोगियों और प्रॉक्सी ग्रुप्स को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, पैसा और हथियार देता है. खासकर मध्य पूर्व के शिया उग्रवादी समूहों को समर्थन देता है.

IRGC के कितने मेंबर्स हैं?

IRGC में लगभग 1,50,000 से 1,90,000 तक कर्मी हैं. IRGC-QF में लगभग 5,000 से 15,000 तक सदस्य हैं. इन्हें बड़े IRGC बल में से चुनकर लिया जाता है और इनकी वफादारी शासन के प्रति पक्की मानी जाती है.

आईआरजीसी पर क्या हैं आरोप?

IRGC-QF पर आरोप है कि उसने अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब, यूएई और ईरान के विरोधी समूहों को निशाना बनाया है. यह अपनी खुफिया और सैन्य ताकत का इस्तेमाल अपने अभियानों और अपने सहयोगियों के अभियानों को समर्थन देने के लिए करता है. कुछ मामलों में IRGC के तत्वों पर आपराधिक समूहों के साथ मिलकर काम करने का भी आरोप लगाया गया है.

आरोप है कि IRGC ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह को मॉर्डन मिलिट्री एक्विपमेंट्स दिए हैं, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रक्षा क्रूज़ मिसाइलें, लंबी दूरी के रॉकेट और ड्रोन सिस्टम शामिल हैं. इसी तरह, इराक के शिया उग्रवादियों को एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार, विस्फोटक उपकरण (IED), रॉकेट, रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड और ड्रोन दिए गए.

आईआरजीसी पर अमेरिका का क्या है रुख?

अमेरिका ने अप्रैल 2019 में IRGC को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया था. अक्टूबर 2007 में अमेरिका ने IRGC-QF को भी विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया और उस समय के कमांडर क़ासिम सुलेमानी तथा मौजूदा IRGC कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी को “स्पेशली डिज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट” (SDGT) की लिस्ट में डाला था.

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की क्या है डिटेल?

  • अमेरिकी सेना की एक फैक्ट शीट के अनुसार, शनिवार को शुरू किए गए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अब तक ईरान के 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है.
  • अमेरिका का दावा है कि इस अभियान में ईरान के शीर्ष नेतृत्व- जिनमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल हैं- को मार दिया गया है और देश के सैन्य व प्रशासनिक ढांचे को नष्ट कर दिया गया है.
  • हमलों के निशानों में IRGC का जॉइंट हेडक्वार्टर, कमांड और कंट्रोल सेंटर, IRGC एयरोस्पेस फोर्स का मुख्यालय, एकीकृत एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, ईरानी नौसैनिक जहाज और पनडुब्बियां, एंटी-शिप मिसाइल ठिकाने और सैन्य संचार ढांचा शामिल हैं.
  • सेंटकॉम ने एक और वीडियो साझा किया, जिसमें एक एयरबेस पर खड़े ईरानी विमान पर बमबारी दिखाई गई.
  • ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हमले शुरू होने के बाद से अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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