लुकास ड्रोन, B2 बॉम्बर और इलेक्ट्रॉनिक अटैक विमान..America के 23 हथियार जिन्होंने Iran में बरपाया कहर; पूरी लिस्ट
अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया गया. इस अभियान में 23 तरह के आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें ड्रोन से लेकर स्टील्थ बॉम्बर तक शामिल हैं. हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं.
Israel Iran War News: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (U.S. Central Command) ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में इस्तेमाल किए जा रहे अमेरिकी मिलिट्री हथियारों की एक लिस्ट जारी की है. अमेरिका और इजराइन ने शुक्रवार, 27 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया था, जिसमें इस्लामिक मुल्क के सुप्रीम लीडर को भी निशाना बनाया गया था.
इसके साथ ही इस हमले में ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल सुविधाएं और नौसैनिक अड्डे शामिल थे. इस हमले के बाद ईरान ने भी अपनी तरफ से जवाबी कार्रवाई की और तभी से दोनों मुल्क (इजराइल और ईरान) के बीच हालात संगीन बने हुए हैं.
इजराइल के खिलाफ अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्यों किया?
“ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के कई बड़े सैन्य और नौसैनिक ठिकानों पर हमले किए. इस अभियान का मकसद मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगियों के लिए खतरों को खत्म करना था. साथ ही, ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर एक सख्त संदेश देना भी इसका मकसद बताया गया.
शनिवार, 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया. इनमें आत्मघाती ड्रोन, टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें और स्टील्थ लड़ाकू विमान शामिल थे. पहली बार कम लागत वाले एक-तरफा अटैक ड्रोन भी युद्ध में इस्तेमाल किए गए, जो ईरानी डिजाइनों पर आधारित बताए गए हैं.
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किन हथियारों का किया इस्तेमाल
- बी-2 स्टील्थ बॉम्बर
- लुकास ड्रोन
- पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम
- थाड (THAAD) एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम
- एफ-18 लड़ाकू विमान
- एफ-16 लड़ाकू विमान
- एफ-22 लड़ाकू विमान
- ए-10 अटैक जेट
- एफ-35 स्टील्थ फाइटर
- ईए-18जी इलेक्ट्रॉनिक अटैक विमान
- एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान
- एयरबोर्न कम्युनिकेशन रिले सिस्टम
- पी-8 समुद्री गश्ती विमान
- आरसी-135 टोही विमान
- एमक्यू-9 रीपर ड्रोन
- एम-142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS)
- परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत
- गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत
- काउंटर-ड्रोन सिस्टम
- ईंधन भरने वाले टैंकर विमान
- ईंधन भरने वाले जहाज
- सी-17 ग्लोबमास्टर कार्गो विमान
- सी-130 कार्गो विमान
एंथ्रोपिक पर बैन, क्या है मतलब?
यह सैन्य कार्रवाई उस घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसमें अमेरिका ने एंथ्रोपिक (Anthropic) को सप्लाई चेन रिस्क घोषित किया था. इसका मतलब है कि उसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है. 27 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार को निर्देश दिया कि वह इस स्टार्टअप के साथ काम करना बंद करे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि युद्ध के प्रयासों में इन टूल्स का किस तरह इस्तेमाल हुआ.
एंथ्रोपिक की एआई तकनीक का पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सशस्त्र बलों में इस्तेमाल हो चुका है. यह अपने क्षेत्र की उन शुरुआती एआई कंपनियों में से थी, जिसने क्लाउड प्रदाता अमेज़न के जरिए सप्लाई डील के माध्यम से गोपनीय सूचनाओं के साथ काम किया था.




