Hibatullah Akhundzada vs Asim Munir: TTP पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान जंग की दहलीज पर क्यों? 10 Point में समझें दुश्मनी

Afghanistan Pakistan Conflict : अफगानिस्तान के तालिबान प्रमुख और पाकिस्तान आर्मी चीफ के बीच TTP को लेकर तनाव चरम पर है. सीमाई झड़पों, एयरस्ट्राइक और रणनीतिक अविश्वास ने हालात को युद्ध जैसे मोड़ पर पहुंचा दिया है.

( Image Source:  Sora AI )
Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 28 Feb 2026 4:58 PM IST

Afghanistan Pakistan Conflict : अफगानिस्तान के तालिबान सुप्रीमो हिबतुल्ला अखुंदजादा और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच बढ़ता तनाव अब खुले टकराव की शक्ल लेता दिख रहा है. कभी “रणनीतिक साझेदार” माने जाने वाले पाकिस्तान और तालिबान आज सीमा, सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर आमने-सामने हैं. पिछले कुछ दिनों से दोनों देश के बीच एक-दूसरे के खिलाफ घातक हमले जारी हैं. दरअसल, पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) लगातार हमले कर रही है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों को नकारते हुए उल्टा पाकिस्तान पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगा रही है.

सीमा विवाद, ड्यूरंड लाइन की वैधता, और आतंकी संगठनों पर नियंत्रण, इन तीन बड़े मुद्दों ने दोनों देशों के रिश्तों में ऐसी दरार डाल दी है, जो अब सैन्य और कूटनीतिक टकराव में बदलती जा रही है. ऐसे में सवाल उठता है. क्या यह सिर्फ सीमाई विवाद है, या फिर दक्षिण एशिया में एक बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष की शुरुआत? ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान टीटीपी पर भड़क उठा है. 10 प्वाइंट में समझे पूरी कहानी.

1. टकराव की असली वजह क्या है?

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के मुखिया और पाकिस्तान की सेना के प्रमुख के बीच तनाव का मुख्य कारण TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) है. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि अफगान जमीन से TTP हमले कर रहा है, जबकि तालिबान इसे नकारता है.

2. Tehrik-i-Taliban Pakistan क्या है, विवाद का केंद्र क्यों?

तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (तत्प) एक आतंकी संगठन है जो पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करना चाहता है. यह संगठन कई बड़े हमलों में शामिल रहा है. पाकिस्तान के लिए यह सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा खतरा बन चुका है.

3. अफगानिस्तान TTP पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?

तालिबान का कहना है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन जमीनी हकीकत में TTP के ठिकानों पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती. इसके पीछे वैचारिक नजदीकी और रणनीतिक मजबूरी दोनों कारण माने जाते हैं.

4. पाक का आरोप: क्या अफगानिस्तान ‘सेफ हेवन’ दे रहा है?

पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान TTP को पनाह दे रहा है. सीमा पार हमलों और आतंकी गतिविधियों के बाद पाकिस्तान का रुख और सख्त हो गया है. इस बात को लेकर तीन दोनों दोनों के बीच युद्ध चल रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल सहित कई शहरों में हवाई हमला बोला था. उसके जवाब में तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में जमीनी लड़ाई के साथ हवाई हमले भी किया है. तालिबान के हमलों ने पाकिस्तान को सकते में डाल दिया. तालिबान के इस उग्र और खतरनाक रूप को देखकर पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर सकते में हैं.

5. डूरंड लाइन विवाद इस तनाव को कैसे बढ़ाता है?

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद है. तालिबान इस सीमा को पूरी तरह मान्यता नहीं देता, जिससे सीमा पर झड़पें और अविश्वास बढ़ता है.

6. क्या पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई का विकल्प तलाश रहा है?

आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने कई बार संकेत दिए हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो सीमा पार कार्रवाई भी की जा सकती है. इससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ रही है. हालांकि, पाक सरकार ने चीन, सउदी अरब, ईरान, सहित कई मुस्लिम देशों से तालिबान सरकार को समझाने की गुजारिश की है. दूसरी तरफ तालिबान का कहना है कि युद्ध की शुरुआत तो पाकिस्तान ने की है.

7. तालिबान का रुख: क्या हिबतुल्ला दबाव में हैं?

हिबतुल्ला अखुंदजादा एक संतुलन बनाने की कोशिश में हैं. एक तरफ अंतरराष्ट्रीय दबाव, दूसरी तरफ TTP जैसे समूहों के साथ वैचारिक जुड़ाव. यही दुविधा स्थिति को जटिल बनाती है.

8. क्या यह तनाव बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है?

अगर TTP हमले जारी रहते हैं और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया तेज होती है, तो यह टकराव सीमित नहीं रहेगा. इससे पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है.

9. भारत और अन्य देशों के लिए इसका क्या मतलब है?

भारत के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर उसकी सुरक्षा और रणनीति पर पड़ता है. साथ ही वैश्विक शक्तियां भी इस तनाव पर नजर बनाए हुए हैं. दोनों देशों के सामने विकल्प है, या तो बातचीत के जरिए समाधान निकालें या टकराव को बढ़ने दें. फिलहाल हालात संकेत दे रहे हैं कि तनाव जल्द कम होता नहीं दिख रहा.

10. अखुंदजादा और आसिम मुनीर टकराव की राह पर क्यों?

भारत सहित कई देशों के लिए यह तनाव महत्वपूर्ण है. इससे क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और कूटनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं. TTP, सीमा विवाद (डूरंड लाइन) और आपसी अविश्वास वजहें हैं, जिन्होंने तालिबान और पाकिस्तान को आमने-सामने ला दिया है. जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं निकलता, तब तक यह टकराव और गहरा सकता है.

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