6 Minutes 39 Seconds का वीडियो वायरल होने के बाद सामने आई Tiktok स्टार Fatima Jatoi, बताई चौंकाने वाली सच्चाई
सोशल मीडिया पर “6 Minutes 39 Seconds” वीडियो को लेकर पाकिस्तान की TikTok स्टार Fatima Jatoi का नाम तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि उनका कोई प्राइवेट वीडियो लीक हुआ है, लेकिन फैक्ट-चेक में ऐसी किसी क्लिप की पुष्टि नहीं हुई. खुद फातिमा जटोई ने इन दावों को फर्जी बताया है और इसे AI व डीपफेक से जुड़ी साजिश करार दिया है.;
सोशल मीडिया पर अचानक एक कीवर्ड ने आग की तरह फैलना शुरू किया “6 Minutes 39 Seconds”. इसी के साथ पाकिस्तान की TikTok स्टार Fatima Jatoi का नाम ट्रेंड करने लगा और तरह-तरह के दावे सामने आने लगे. ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि फातिमा से जुड़ा कोई प्राइवेट वीडियो वायरल हो गया है. बिना किसी ठोस सबूत के फैली इस चर्चा ने कुछ ही घंटों में उन्हें सुर्खियों के केंद्र में ला दिया.
जैसे-जैसे यह दावा फैला, वैसे-वैसे फर्जी लिंक और भ्रामक पोस्ट भी सामने आने लगे. कई अकाउंट्स ने सनसनीखेज कैप्शन के साथ लोगों को क्लिक करने पर मजबूर किया. असल में यह पूरा मामला सोशल मीडिया एल्गोरिद्म और जिज्ञासा का फायदा उठाने का तरीका बन गया. बिना पुष्टि के शेयर की गई जानकारियों ने अफवाहों को और हवा दे दी.
फैक्ट चेक में क्या निकला सामने?
साइबर एक्सपर्ट्स और फैक्ट-चेकर्स की जांच में यह साफ हुआ कि “Fatima Jatoi 6 Minutes 39 Seconds Original Video” नाम से कोई भी प्रमाणिक वीडियो मौजूद नहीं है. जिन लिंक या पोस्ट्स को वायरल बताया जा रहा है, वे या तो किसी और कंटेंट से जुड़े हैं या पूरी तरह भ्रामक हैं. अब तक किसी भी विश्वसनीय प्लेटफॉर्म ने ऐसे वीडियो की पुष्टि नहीं की है, जिससे पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है.
AI और डीपफेक एंगल: नई डिजिटल साजिश?
डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विवाद AI या डीपफेक तकनीक से जुड़ा हो सकता है. आज के दौर में किसी की तस्वीर या वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश करना आसान हो गया है. अक्सर ऐसे कंटेंट का मकसद सिर्फ व्यूज, ट्रैफिक और फॉलोअर्स बढ़ाना होता है. फातिमा जटोई का नाम जोड़कर भी यही कोशिश की गई, जिससे मामला और ज्यादा वायरल हो सके.
फातिमा जटोई ने तोड़ी चुप्पी
लगातार बढ़ती अफवाहों के बीच फातिमा जटोई ने खुद सामने आकर स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है. फातिमा के मुताबिक, कुछ लोग जानबूझकर AI-जनरेटेड या डीपफेक कंटेंट के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने फैंस से अपील की कि किसी भी अपुष्ट दावे पर भरोसा न करें.
वायरल नहीं, भ्रम है पूरी कहानी
अब तक न तो कोई ओरिजिनल वीडियो सामने आया है और न ही किसी भरोसेमंद स्रोत ने इसकी पुष्टि की है. पूरा मामला अफवाह, भ्रामक सूचनाओं और डिजिटल साजिशों पर टिका नजर आता है. “6 Minutes 39 Seconds” से जुड़ा फातिमा जटोई का नाम फिलहाल सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड है, सच्चाई नहीं. ऐसे में जरूरी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर वायरल चीज को बिना फैक्ट-चेक किए न माना जाए और न ही आगे शेयर किया जाए.