फ्लैट में किया कैद और 6 दिन तक बारी-बारी से रेप, फिर पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग का शिकार बनी 14 साल की बच्ची, सिखों ने ऐसे बचाई मासूम की जान
पश्चिम लंदन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 14 वर्षीय सिख किशोरी को पाकिस्तानी मूल के एक गिरोह ने बंधक बना लिया.उसे एक फ्लैट में कई दिनों तक कैद रखा गया और पांच-छह पुरुषों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया.परिवार से कटाकर रखी गई इस लड़की की यातना तब खत्म हुई जब स्थानीय सिख समुदाय के लोगों ने हिम्मत दिखाई और उसकी रिहाई करवाई.;
पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग अपनी जड़ें गहरी कर रहा है. इसका ताजा उदाहरण वेस्ट लंदन से आई एक सनसनीखेज घटना है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. जहां महज 14 साल की सीख बच्ची को इस गैंग ने एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा. इतना ही नहीं, अलग-अलग लोगों ने कई बार उसका रेप किया.
इसके बाद जब सिख समुदाय ने एकजुट होकर फ्लैट घेर लिया. 200 से ज्यादा लोगों का गुस्सा भड़का और आखिरकार मासूम को मौत के मुंह से खींच निकाला. यह केस ब्रिटेन में बढ़ते ग्रूमिंग अपराधों की पोल खोलता है, जहां मासूम बेटियां असुरक्षित घूम रही हैं.
फ्लैट में बंधक बनाकर रखा
कैद की भयावह कहानीलड़की ने बताया कि उसे जबरन फ्लैट में ले जाया गया था.भागने की हर कोशिश पर धमकियां दी गईं और आखिरकार उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया.डराने-धमकाने के साथ हिंसा का सहारा लिया गया ताकि वह चुप रहे.समुदाय के सदस्यों के अनुसार, पुलिस को शिकायतें की गईं लेकिन कोई फौरी कार्रवाई नहीं हुई.
समुदाय का गुस्सा और रिहाई का संघर्ष
सिख समुदाय को जब इसकी भनक लगी तो वेस्ट लंदन के विभिन्न इलाकों से लोग इकट्ठा होने लगे.शुरुआत में छोटी संख्या वाली भीड़ धीरे-धीरे 200 से अधिक हो गई.फ्लैट के बाहर घंटों प्रदर्शन चला, नारे लगे और लड़की को बाहर निकालने की मांग की गई.अंततः दबाव काम कर गया और पीड़िता को मुक्त कर दिया गया.रिहा होने पर उसने खुलासा किया कि एक व्यक्ति ने उसे फंसाया और फिर अन्यों को बुला लिया.
बार-बार हो रहे अपराध
स्थानीय सिखों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है. वेस्ट लंदन के कुछ हिस्सों में किशोरियां लगातार निशाना बन रही हैं. अभिभावक डरे हुए हैं कि उनकी बेटियां असुरक्षित हैं.कई ऐसी घटनाओं की अफवाहें हैं, लेकिन ज्यादातर सुलझ नहीं पातीं. यह गिरोहों की संगठित रणनीति का नतीजा है.
क्या है ग्रूमिंग गैंग
ये गिरोह 11 से 16 साल की लड़कियों को चुनते हैं, खासकर गरीब या अस्थिर पारिवारिक पृष्ठभूमि वाली.अकेली महसूस करने वाली, ऑनलाइन ज्यादा समय बिताने वाली या स्कूल छोड़ने वाली लड़कियां उनका टारगेट होती हैं.पहले दोस्ती का झांसा दिया जाता है—प्यार, तोहफे, शादी के वादे.भरोसा बनने पर परिवार से दूर कर लिया जाता है.फिर शोषण शुरू.विरोध पर ब्लैकमेल, धमकी या जान से मारने की चेतावनी दी जाती है.कई बार लड़कियों को फ्लैट्स और होटलों में घुमाया जाता है, पैसे के लिए बेचा जाता है.
ब्रिटेन में बढ़ते खतरे और वैश्विक चिंता
इंग्लैंड भर में ग्रूमिंग और यौन शोषण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुके हैं.अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भी इन पर चिंता जताई है और सवाल उठाया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे.