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ट्रंप की ‘ईरान हिट लिस्ट’ तैयार: 50 ठिकानों का नक्शा व्हाइट हाउस के पास, क्‍या ईरान पर होकर रहेगा अमेरिकी हमला?

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित हमले के लिए 50 सैन्य ठिकानों की एक विस्तृत हिट लिस्ट सौंपी गई है. इस सूची में IRGC के मुख्य और सब-हेडक्वार्टर, बसीज मिलिशिया के ठिकाने और सुरक्षा ब्रिगेड शामिल हैं. ईरान में 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत के बीच ट्रंप ने कूटनीति खत्म करने और कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. इससे अमेरिका-ईरान टकराव के युद्ध में बदलने की आशंका बढ़ गई है.

ट्रंप की ‘ईरान हिट लिस्ट’ तैयार: 50 ठिकानों का नक्शा व्हाइट हाउस के पास, क्‍या ईरान पर होकर रहेगा अमेरिकी हमला?
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( Image Source:  X/@MarioNawfal )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Published on: 14 Jan 2026 10:07 AM

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमले के लिए 50 हाई-वैल्यू सैन्य ठिकानों की एक पूरी सूची सौंपी गई है. यह सूची इतनी विस्तृत है कि इसमें ईरान की सुरक्षा मशीनरी की रीढ़ कहे जाने वाले ठिकानों के सटीक लोकेशन तक शामिल हैं.

यह डोज़ियर वॉशिंगटन स्थित गैर-लाभकारी संगठन United Against Nuclear Iran (UANI) ने तैयार किया है और इसे सोमवार तड़के व्हाइट हाउस के अधिकारियों को सौंपा गया. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दुनिया भर में चिंता गहराती जा रही है.

क्या है यह ‘हिट लिस्ट’?

डेली मेल के अनुसार, यह हिट लिस्ट ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य ताकत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित है. इसमें खास तौर पर शामिल है:

थारल्लाह हेडक्वार्टर (Tharallah Headquarters)

यह ईरान में प्रदर्शनकारियों पर की जा रही सख्त कार्रवाई का मुख्य कंट्रोल सेंटर माना जाता है. यही वह जगह है जहां से पुलिस और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए जाते हैं. इस डोज़ियर में सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि सटीक जियोग्राफिक कोऑर्डिनेट्स दिए गए हैं, ताकि अमेरिकी सेना इन ठिकानों को सीधे निशाना बना सके.

तेहरान को चार हिस्सों में बांटने वाले सब-हेडक्वार्टर

रिपोर्ट के मुताबिक, थारल्लाह हेडक्वार्टर के अलावा चार अहम सब-हेडक्वार्टर भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जो तेहरान के अलग-अलग हिस्सों को कंट्रोल करते हैं:

  • कुद्स सब-हेडक्वार्टर - उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी तेहरान
  • फतह सब-हेडक्वार्टर - दक्षिण-पश्चिमी तेहरान
  • नस्र सब-हेडक्वार्टर - उत्तर-पूर्वी तेहरान
  • घद्र सब-हेडक्वार्टर - दक्षिण-पूर्वी और मध्य तेहरान

इन ठिकानों से ही ईरानी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ दमन अभियान चलाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन मानता है कि अगर इन केंद्रों को कमजोर किया गया, तो ईरानी शासन की दमनकारी ताकत को बड़ा झटका लगेगा.

IRGC की ‘छिपी हुई ताकत’ भी उजागर

UANI के डोज़ियर में सिर्फ बड़े हेडक्वार्टर ही नहीं, बल्कि तेहरान में फैले एक छिपे हुए कमांड नेटवर्क का भी जिक्र है. यह नेटवर्क खुफिया जानकारी, पुलिस ऑपरेशन के साथ मानसिक दबाव और डर फैलाने की रणनीति को एक साथ कंट्रोल करता है.

23 बसीज (Basij) ठिकाने भी निशाने पर

रिपोर्ट बताती है कि इस सूची में IRGC की बसीज मिलिशिया के 23 क्षेत्रीय ठिकाने भी शामिल हैं. बसीज को ईरान में सबसे क्रूर घरेलू मिलिशिया माना जाता है, जो प्रदर्शनकारियों को कुचलने, गिरफ्तारियों, हिंसा और डर फैलाने में सबसे आगे रहती है. तेहरान के 22 नगर निगम क्षेत्रों में से लगभग हर इलाके में बसीज का एक बेस मौजूद है.

कौन-कौन सी ब्रिगेड्स निशाने पर?

हिट लिस्ट में दो खास सुरक्षा ब्रिगेड्स का भी नाम है. एक है आलेह-ए-मोहम्मद सिक्योरिटी ब्रिगेड जो कि उत्तर-पूर्वी तेहरान में स्थित है और दूसरी है अल-ज़हरा सिक्योरिटी ब्रिगेड जो दक्षिण-पूर्वी तेहरान में है. इन ब्रिगेड्स पर सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों की हत्या और हिंसा का आरोप है.

2,000 से ज्यादा मौतें, हजारों पर फांसी का खतरा

एक मानवाधिकार संगठन के हवाले से डेली मेल ने बताया कि अब तक 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग ईरान की कुख्यात जेलों में बंद हैं. कई लोगों को फांसी दिए जाने का खतरा है. इसी के चलते ट्रंप प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब सिर्फ कूटनीति पर भरोसा नहीं किया जाएगा.

ट्रंप का सख्त रुख: “मदद आ रही है”

डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दीं और प्रदर्शनकारियों से कहा, “मदद आ रही है. अत्याचारियों और हत्यारों के नाम संभाल कर रखो.” इस बयान के बाद दुनिया भर में यह चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिका सीधी सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ सकता है.

रिपब्लिकन नेताओं का आक्रामक रुख

डेली मेल के अनुसार, अमेरिकी संसद में भी माहौल गर्म है. कैपिटल हिल में GOP लंच के दौरान सीनेटर टॉम कॉटन ने ईरानी शासन पर तीखा हमला बोला. Punchbowl News के मुताबिक, कॉटन ने कहा कि “ईरानी शासन की लोकप्रियता आज सिफिलिस जैसी बीमारी से भी कम है.” उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं से कहा कि वे प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन करें और ट्रंप प्रशासन के सख्त कदमों का साथ दें.

‘पुरानी नीतियां तबाही लाएंगी’: UANI की चेतावनी

UANI के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. सईद गोलकर ने डेली मेल से कहा, “ईरान के साथ कोई भी समझौता सिर्फ संकट को टालता है, खत्म नहीं करता.” उनके मुताबिक तेहरान समझौते नहीं, समय काटने की रणनीति अपनाता है. ईरान को भरोसा है कि वह ट्रंप और नेतन्याहू दोनों को राजनीतिक रूप से पछाड़ देगा. इसके बाद फिर वही मिसाइल, परमाणु और क्षेत्रीय विस्तार की नीति चलेगी.

ट्रंप की आखिरी चेतावनी: ‘खतरनाक खेल’

व्हाइट हाउस जब इस हिट लिस्ट की समीक्षा कर रहा है, तब ट्रंप की भाषा और ज्यादा सख्त हो गई है. CBS से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “अगर वे हजारों लोगों को मारते हैं, फांसी देते हैं, तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे.” जब उनसे पूछा गया कि इसका मतलब क्या है, तो ट्रंप ने साफ कहा, “ये उनके लिए अच्छा नहीं होगा. बिल्कुल अच्छा नहीं.”

अब आगे क्या?

रिपोर्ट के मुताबिक, अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ट्रंप इस हिट लिस्ट को कार्रवाई में बदलते हैं या नहीं. अमेरिका सिर्फ चेतावनी देगा या ईरान पर सीधा हमला करेगा. एक बात साफ है कि ईरान-अमेरिका टकराव अब सिर्फ शब्दों की लड़ाई नहीं रहा. दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां एक फैसला पूरे मिडिल ईस्ट को आग में झोंक सकता है.

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