अमेरिका की गुप्त ऑपरेशन वाली डिवाइस ने जासूसों और डिप्लोमैट्स में पैदा की रहस्यमयी बीमारी, विदेशी साजिश का शक! रूस का हाथ तो नहीं!

अमेरिका के डिप्लोमैट्स और खुफिया एजेंसी में फैल रही रहस्यमयी बीमारी (हवाना सिंड्रोम) ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. खासकर, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन (HSI) से जुड़े खुफिया अफसर और डिप्लोमेट्स को. इसको लेकर सामने आये रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह किसी गुप्त रेडियो फ्रीक्वेंसी पर आधारित डिवाइस का असर हो सकता है, जिसे विदेशी ताकतों ने इस्तेमाल किया हो.;

( Image Source:  Meta AI )
Edited By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 14 Jan 2026 12:25 PM IST

अमेरिका के जासूस, डिप्लोमैट और सैन्य अधिकारी का एक खुफिया डिवाइस के इस्तेमाल की वजह से जान खतरे में पड़ने के बाद वहां के सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप की स्थिति है. होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन (HSI) से जुड़े अफसर यह समझ नहीं पा रहे है कि अमेरिकी गुप्त मिशन से जुड़े सीआईए ऑफिसर और डिप्लोमेट्स अचानक सिर दर्द, चक्कर, याददाश्त कमजोर होना और दिमाग पर असर की बात क्यों करने लगे हैं. न कोई वायरस, ना कोई जहर, तो क्या यह गुप्त माइक्रोवेव या सोनिक हथियार का हमला था? अगर हां तो यह विदेशी साजिश भी हो सकता है. इसको लेकर खुफिया अधिकारियों का शक अब गहराता जा रहा है. सवाल यह है कि क्या इसके पीछे रूस का हाथ तो नहीं?

अभी तक की जांच में कुछ अमेरिकी जांच एजेंसियां रूस पर शक जता रही हैं. जबकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. क्या यह नई तरह की जासूसी जंग की शुरुआत है? सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से जानें पूरी कहानी.

'हवाना सिंड्रोम' का खतरा

CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक अंडरकवर ऑपरेशन के जरिए हासिल किए गए एक डिवाइस की टेस्टिंग में एक साल से ज्यादा समय लगाया. इस मामले की जांच में जुटे अफसरों का मानना है कि यह अमेरिकी डिप्लोमेट्स, इंटेलिजेंस अधिकारियों और मिलिट्री कर्मियों को प्रभावित करने वाली कई रहस्यमयी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है, जिन्हें आमतौर पर 'हवाना सिंड्रोम' कहा जाता है.

डिवाइस की कीमत करोड़ों में

यह डिवाइस होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के एक डिवीजन, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन (HSI) ने लाखों डॉलर में खरीदा था, जिसके लिए फंडिंग रक्षा विभाग ने दी थी. खरीद से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने डिवाइस के लिए आठ अंकों की रकम चुकाई. हालांकि, उन्होंने सटीक रकम बताने से इनकार कर दिया. डिवाइस अभी भी जांच के दायरे में है और अमेरिकी सरकार के अंदर इस बात पर लगातार बहस चल रही है. कुछ हलकों में संदेह भी शामिल है. क्या यह दर्जनों असामान्य स्वास्थ्य घटनाओं से जुड़ा है, जिनकी आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई व्याख्या नहीं की गई है.

सुरक्षा अफसरों पर मंडराया खतरा

एचएसआई (HSI) के अफसरों के रहस्यमयी बीमारी गंभीर चिंता का कारण बन गया है. अगर यह टेक्नोलॉजी कारगर साबित होती है, तो यह एक से ज्यादा लोगों में में गुप्त बीमारी फैल सकती है. ब्रॉडकास्टर ने अज्ञात अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि इसका मतलब यह हो सकता है कि अब एक से ज्यादा देशों के पास एक ऐसा डिवाइस है जो अमेरिकी कर्मियों को गंभीर और करियर खत्म करने वाली चीजें पहुंचाने में सक्षम है.

एक पूर्व होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारी के मुताबिक बताया कि ये जांचें "HSI और अमेरिकी सेना के बीच सहयोग का सबसे बड़ा बिंदु हैं," जो संवेदनशील वैश्विक ऑपरेशनों में दोनों एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय को रेखांकित करता है.

डिवाइस में है रूसी कंपोनेंट्स

एक सूत्र ने बताया कि HSI द्वारा हासिल किया गया डिवाइस पल्स रेडियो तरंगें उत्पन्न करने में सक्षम है. सालों से, कुछ अधिकारियों और शिक्षाविदों ने अनुमान लगाया है कि पल्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक या रेडियो फ्रीक्वेंसी ऊर्जा हवाना सिंड्रोम के मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि यह डिवाइस पूरी तरह से रूसी मूल का नहीं है, लेकिन इसमें रूसी कंपोनेंट्स हैं.

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अधिकारी लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि जो डिवाइस कुछ पीड़ितों द्वारा बताई गई चोटों का कारण बनने के लिए काफी शक्तिशाली है. वह पोर्टेबल भी कैसे हो सकता है.

डिवाइस कब खरीदा?

दरअसल, यह डिवाइस बाइडेन प्रशासन के आखिरी दिनों में खरीदा गया था. हालांकि, यह अभी भी साफ नहीं है कि इसे कहां से या किससे खरीदा गया था. इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रक्षा अधिकारियों ने इन मामले की जानकारी पिछले साल के आखिर में हाउस और सीनेट इंटेलिजेंस कमेटियों को भी दी थी,  जिसमें डिवाइस और उसकी टेस्टिंग के बारे में डिटेल्स शामिल थीं.

डिवाइस इतना छोटा है कि एक बैकपैक में फिट हो सकता है, जिससे इस बात की चिंता फिर से बढ़ गई है कि ऐसी टेक्नोलॉजी को कितनी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. इस खोज ने अमेरिकी सरकार के अंदर हवाना सिंड्रोम पर एक गरमागरम बहस को फिर से शुरू कर दिया है, जिसे आधिकारिक तौर पर 'असामान्य स्वास्थ्य घटनाओं' के रूप में जाना जाता है.

हवाना सिंड्रोम क्या है?

हवाना सिंड्रोम पहली बार 2016 के आखिर में सामने आया, जब क्यूबा के हवाना में तैनात अमेरिकी राजनयिकों ने गंभीर सिरदर्द, चक्कर आना, मतली और सोचने-समझने में दिक्कत जैसे लक्षणों की शिकायत की, जिन्हें अक्सर सिर की चोट जैसा बताया जाता था. बाद में कई देशों में ऐसे ही मामले सामने आए. उसके बाद से खुफिया और मेडिकल कम्युनिटी इन घटनाओं को समझने की कोशिश में जुटे हैं.

विदेशी साजिश से इनकार नहीं

साल 2022 में एक अमेरिकी खुफिया पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि कुछ मामले बाहरी स्रोत से पल्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी के कारण हुए हो सकते हैं. हालांकि, 2023 में खुफिया कम्युनिटी ने सार्वजनिक रूप से आकलन किया कि यह संभावना नहीं है कि ये घटनाएं किसी विदेशी दुश्मन के कारण हुई हों. जनवरी 2025 तक, वह आकलन अपरिवर्तित रहा, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि वे कुछ मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह से खारिज नहीं कर सकते हैं.

बीमारी की वजह से कई पीड़ित नाराज हैं, जिनमें से कईयों का मानना है कि ऐसे सबूत मौजूद हैं जो साबित करते हैं कि इसके लिए रूस जिम्मेदार था. कुछ अधिकारियों ने CNN को बताया कि उनकी चोट इतनी गंभीर थीं कि उन्हें समय से पहले रिटायरमेंट लेना पड़ा और उन्होंने सरकार पर सबूतों को कम आंकने का आरोप लगाया.

CIA मांगे सभी से माफी

इस मामले में CIA के पूर्व अधिकारी मार्क पॉलीमेरोपोलोस के हवाले से कहा गया है, "अगर अमेरिकी सरकार ने वास्तव में ऐसे डिवाइस खोजे हैं, तो CIA को सभी पीड़ितों से हमारे साथ किए गए व्यवहार के लिए एक बड़ी और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए." पॉलीमेरोपोलोस ने कहा है कि वह 2017 में मास्को में घायल हुए थे.

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