इजरायल का ‘Bomb Shelter Dating App’ : मिडिल ईस्ट वार के बीच मिसाइल के साए में सिंगल से मिंगल का मौका, छिड़ी बहस
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इजराइल का “Bomb Shelter Dating App” सोशल मीडिया पर चर्चा में है. QR कोड के जरिए शेल्टर में मौजूद सिंगल लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं, जिस पर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है.
जिंदगी चीज ही ऐसी है, जो कभी रुकती नहीं. सुख हो या दुख, लव हो या वार, हर समय वो चलती रहती है. कुछ ऐसा ही मामला मिडिल ईस्ट वार के बीच इजरायल के जंगी मैदान से सामने आया है. दरअसल, इजरायल ने मिसाइल हमलों और लगातार बजते एयर-रेड सायरन के बीच भी जिंदगी रुकती नहीं का नायाब उदाहरण पेश किया. यह एक अनोखा डिजिटल कॉन्सेप्ट है, जिसका नाम “बम शेल्टर डेटिंग ऐप”. यह आइडिया ऐसे समय में चर्चा में आया है जब सुरक्षा कारणों से आम नागरिकों को बार-बार बंकरों और शेल्टर्स में शरण लेनी पड़ रही है. यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इजरायल के इस नवाचार की सहायता से बम शेल्टर डेटिंग ऐप के जरिए शेल्टर में मौजूद लोग एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकते हैं. QR कोड स्कैन करते ही पता चल जाता है कि उसी बंकर में और कौन-कौन सिंगल है. युद्ध के माहौल में भी लोगों के बीच बातचीत और रिश्तों की शुरुआत का, यह तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इस कॉन्सेप्ट को इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर साझा किया है, जिसके बाद इंटरनेट पर इस पर इसको लेकर बहस शुरू हो गई.
क्या है बम शेल्टर डेटिंग ऐप, कैसे करता है काम?
बम शेल्टर डेटिंग ऐप मिसाइल हमलों के दौरान जब लोग शेल्टर में इकट्ठा होते हैं, तब यह ऐप बातचीत और कनेक्शन का एक नया जरिया बन जाता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शेल्टर के दरवाजे पर एक QR कोड लगाया जाता है. जो लोग इसे स्कैन करते हैं, वे देख सकते हैं कि उसी शेल्टर के अंदर और कौन-कौन लोग सिंगल हैं और बातचीत के लिए तैयार हैं.
असल में यह फीचर मूल रूप से स्पीड-डेटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में बनाए गए Hooked dating app से जुड़ा है, जिसे अब बम शेल्टर के माहौल के हिसाब से इस्तेमाल किया जा रहा है.
बम शेल्टर डेटिंग ऐप की खासियत क्या?
QR कोड से तुरंत कनेक्शन : शेल्टर के बाहर लगे QR कोड को स्कैन करते ही पता चलता है कि अंदर कौन-कौन सिंगल है.
रियल-टाइम मैचिंग : उसी बंकर में मौजूद लोगों के साथ तुरंत बातचीत शुरू हो सकती है.
स्पीड डेटिंग कॉन्सेप्ट : ऐप तेजी से लोगों को जोड़ने के लिए बनाया गया है.
संकट में सोशल कनेक्शन : युद्ध जैसे तनावपूर्ण माहौल में भी लोगों को बातचीत का मौका मिलता है.
डिजिटल कम्युनिटी बिल्डिंग : शेल्टर में मौजूद लोग अकेलापन कम करने के लिए एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं.
ऐप किसके लिए उपयोगी?
- सिंगल युवाओं के लिए जो नए लोगों से मिलने के इच्छुक हैं.
- युद्ध के तनाव में फंसे नागरिकों के लिए जो बातचीत से मानसिक तनाव कम करना चाहते है.
- शेल्टर में लंबे समय तक रहने वाले लोगों के लिए जो समय बिताने का एक सामाजिक तरीका मिलता है.
- स्थानीय समुदाय के लिए जो पड़ोस के लोगों के बीच जुड़ना चाहते हैं.
- डिजिटल नेटवर्किंग चाहने वालों के लिए तनाव भरे माहौल में कनेक्शन बनाना आसान हो जाता है.
- “शावर रिस्क प्रिडिक्टर” क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
बम शेल्टर डेटिंग ऐप कॉन्सेप्ट के साथ एक और टूल भी चर्चा में आया है, “शावर रिस्क प्रिडिक्टर”. यह फीचर हाल ही में आए सायरन अलर्ट के डेटा को ट्रैक करता है और अनुमान लगाता है कि अगला मिसाइल अलर्ट आने की संभावना कितनी है. इसका उद्देश्य लोगों को यह तय करने में मदद करना है कि नहाने या अन्य कामों के लिए सुरक्षित समय कब हो सकता है. ताकि अचानक हमले के दौरान वे फंस न जाएं. इसके अलावा “बॉम्ब शेल्टर ट्रैकर” नाम का टूल भी बनाया गया है, जो यह रिकॉर्ड करता है कि लोगों को कितनी बार शेल्टर में जाना पड़ा और बार-बार बजने वाले सायरन का उनकी नींद पर क्या असर पड़ा.
नेटिजंस का रिएक्शन
सोशल मीडिया पर इस आइडिया को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ यूज़र्स ने इसे रचनात्मक और मानवीय पहल बताया. उनका कहना है कि युद्ध के बीच भी लोग जीवन को सामान्य रखने और एक-दूसरे से जुड़ने के तरीके ढूंढ़ लेते हैं. वहीं कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की. कुछ यूज़र्स ने इसे अनुचित या असंवेदनशील बताते हुए कहा कि युद्ध जैसे गंभीर हालात में डेटिंग को बढ़ावा देना सही नहीं है.
कुछ आलोचकों का यह भी मानना है कि ऐसे कॉन्सेप्ट शायद बड़े सैन्य और राजनीतिक हालात से लोगों का ध्यान हटाने का तरीका भी हो सकते हैं.
क्या युद्ध के बीच भी इंसानी रिश्ते बनते हैं?
इस कॉन्सेप्ट के समर्थकों का कहना है कि संकट के समय में इंसान एक-दूसरे के और करीब आ जाते हैं. यही वजह है कि युद्ध के माहौल में भी लोग दोस्ती, बातचीत और रिश्तों के नए रास्ते तलाशते हैं.
इसी संदर्भ में Mike Huckabee (इज़राइल में अमेरिकी राजदूत) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक दिन लोग अपने बच्चों को यह कहानी भी सुना सकते हैं—कि वे एक बम शेल्टर में मिसाइल हमलों से बचते हुए एक डेटिंग ऐप पर मिले थे.