“Pakistan भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं”- इज़राइल का बड़ा बयान, फिर भी जंग रोकने में क्यों ली जा रही मदद?
इजराइल का मानना है कि पाकिस्तान भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं है. बता दें, इजराइल-यूएस और ईरान के बीच जंग में पाकिस्तान मीडिएटर का काम कर रहा है.
Israel News: भारत में इज़राइल के राजदूत रेउवेन अज़र ने अमेरिका-ईरान सीजफायर बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इज़राइल पाकिस्तान को “विश्वसनीय खिलाड़ी” नहीं मानता. ANI को दिए इंटरव्यू में अज़र ने कहा, “हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद पक्ष नहीं मानते.” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के अपने कारण हो सकते हैं, जिसकी वजह से वह पाकिस्तान की मदद ले रहा है.
अज़र ने कहा कि अमेरिका पहले भी “कतर” और “तुर्की” जैसे देशों के साथ काम कर चुका है, जिन्हें उन्होंने “समस्याग्रस्त राज्य” बताया. उन्होंने कहा कि इज़राइल के लिए यह जरूरी है कि वह अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखे, खासकर उस नतीजे को लेकर जो वह चाहता है.
क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति करेंगे पाकिस्तान का दौरा?
इन बयानों के बीच खबर है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाने वाले हैं, जहां वह एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर के बाद लंबी अवधि के समझौते के लिए बातचीत के उद्देश्य से हो रहा है.
क्या चाहता है इजराइल?
सीजफायर पर बात करते हुए अज़र ने कहा कि इज़राइल को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए दो बड़े खतरों को खत्म किया जाएगा- ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता. उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइल ने ईरानी शासन को कमजोर कर वहां के लोगों को बेहतर भविष्य अपनाने का मौका देने की कोशिश की है.
अज़र ने कहा कि अब सैन्य कार्रवाई कम होने के बाद इज़राइल कूटनीति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर फिर से सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
क्या बोले इजराइल के प्रधानमंत्री?
दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इज़राइल के हमले सीजफायर को खतरे में डाल सकते हैं और इससे स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ में तनाव फिर बढ़ सकता है. हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू दोनों ने साफ किया है कि इस सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किया बंद?
बुधवार को इज़राइल ने लेबनान पर भारी हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है.
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यह स्थिति अप्रत्याशित नहीं है. उन्होंने कहा, “ईरान को लगा कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, जबकि ऐसा नहीं था.” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सीजफायर में कुछ न कुछ तनाव बना रहता है. इस पूरे मामले में ईरान का परमाणु कार्यक्रम सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन रोकने और अपने भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर जमीन में दबे परमाणु अवशेषों को बाहर निकालेगा.
हालांकि ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि इज़राइल पहले ही हिज़्बुल्लाह पर हमले कर सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है. उन्होंने अमेरिका पर भी आरोप लगाया कि वह ईरान से उसका परमाणु कार्यक्रम छोड़ने की मांग कर समझौते की शर्तें तोड़ रहा है.