इधर सीजफायर, उधर नेतन्याहू नाराज! कैसे ईरान की शर्तें ला रही इजरायल-अमेरिका में दरार?
इजरायल, ईरान के खिलाफ आक्रामक सैन्य कार्रवाई जारी रखना चाहता था. नेतन्याहू और उनकी सुरक्षा टीम अब ट्रंप के सीजफायर वाले फैसले से नाखुश नजर आ रही है.
Donald Trump-netanyahu
Iran-US Ceasefire: पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से इजरायल-अमेरिका मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे थे. लेकिन ईरान डट कर दोनों देशों को मुंहतोड़ जवाब देता रहा. ऐसे में अब 8 अप्रैल को आकर सीजफायर पर सहमती बनी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 सप्ताह के सीजफायर की घोषणा. ट्रंप के इस फैसले ने मिडिल ईस्ट की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है. इस फैसले ने जहां वैश्विक स्तर पर तनाव को कुछ हद तक कम किया है, वहीं इजरायल के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक झटका साबित हुआ है.
इजरायल, ईरान के खिलाफ आक्रामक सैन्य कार्रवाई जारी रखना चाहता था. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सुरक्षा टीम अब सीजफायर के फैसले से असहज नजर आ रही है, क्योंकि यह उनके सैन्य लक्ष्यों के विपरीत जाता दिख रहा है.
क्यों नाराज है इजरायल?
इजरायली मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल इस युद्धविराम से संतुष्ट नहीं है और वह ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को जारी रखना चाहता था. इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस समझौते में लेबनान को भी शामिल करने पर जोर दिया है, जिसे इजरायल किसी भी हालत में स्वीकार करने को तैयार नहीं है.
क्या है इजरायल के अलग रुख की वजह?
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं हिजबुल्लाह के साथ इजरायल की लड़ाई ईरान युद्ध से अलग है हालांकि, अमेरिकी दबाव और कूटनीतिक परिस्थितियों के चलते इजरायल को इस युद्धविराम का पालन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
ईरान की किस शर्त से नाराज है इजरायल?
ईरान की ओर से युद्धविराम में लेबनान को शामिल करने की मांग ने इजरायल की चिंताएं और बढ़ा दी हैं. इससे हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी रणनीति प्रभावित हो सकती है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय सुप्रीम लीडर मोहम्मद मोजतबा खामेनेई के निर्देश पर लिया गया है.
क्या बोले ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद और ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने की सहमति के बाद, मैं ईरान पर बमबारी और हमला दो हफ्तों के लिए रोक रहा हूं. यह दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर होगा."




