Shehbaz Sharif की पोस्ट पर बवाल, लोग बोले किसी और ने दी स्क्रिप्ट; Iran जंग रुकवाने में निभाया रोल, अब क्यो रही छीछालेदर?

पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ की पोस्ट पर बवाल मचा हुआ है, लोग उनकी एडिट हिस्ट्री में घुस गए, जिसके बाद लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि पाकिस्तान बाहरी ताकतों पिट्ठू है.

( Image Source:  X-@ANI )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On :

Pakistan PM: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर हो गया है. लेकिन इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. यह विवाद सिर्फ पोस्ट के कंटेंट को लेकर नहीं, बल्कि उस पर किसका कंट्रोल है, इस सवाल को लेकर भी है.

दरअसल, शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर एक पोस्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से अपील की थी कि वह ईरान को दी गई समय-सीमा बढ़ाएं और कूटनीति को ज्यादा समय दें. साथ ही उन्होंने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की भी अपील की.

कैसे इस पोस्ट पर हुआ विवाद?

लेकिन जो एक सामान्य कूटनीतिक संदेश होना चाहिए था, वह तब विवादित हो गया जब यूजर्स ने पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में कुछ असामान्य देखा. वहां “Draft – Pakistan’s PM Message on X” लिखा हुआ नजर आया.

क्या यह गलती थी या कोई संकेत?

किसी आधिकारिक संदेश में “Draft” शब्द का दिखना कई असहज सवाल खड़े करता है. क्या यह पाकिस्तान की कम्युनिकेशन टीम की साधारण लापरवाही थी? या यह किसी गहरे संकेत की ओर इशारा करता है कि यह संदेश शायद पाकिस्तान के नेतृत्व के अंदर से नहीं आया?

ड्राफ्ट में “Pakistan’s PM” जैसी भाषा ने शक को और बढ़ा दिया है. आलोचकों का कहना है कि यह किसी नेता की अपनी आवाज कम और एक तैयार टेम्पलेट ज्यादा लगता है.

क्या अमेरिका के इशारे पर नाच रहे शहबाज?

इस घटना ने उस धारणा को और मजबूत किया है जो लंबे समय से सियासी हलकों में चर्चा का विषय रही है कि पाकिस्तान के रणनीतिक और कूटनीतिक फैसलों पर बाहरी शक्तियों का प्रभाव होता है, खास तौर पर अमेरिका का. हालांकि इस खास संदेश के बाहर से लिखे जाने का कोई सीधा सबूत नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव काफी नेगेटिव रहा.

पोस्ट में ड्राफ्ट जाने का क्या है मतलब?

कूटनीति में धारणा भी उतनी ही अहम होती है जितनी हकीकत. एक पब्लिक पोस्ट में “Draft” का रह जाना यह संकेत देता है जैसे इस पोस्ट के लिए कोई स्क्रिप्ट तैयार करके दी गई हो, न कि खुद लिखा गया हो.

क्या हो सकता है इसका असर?

एक छोटी सी गलती, जैसे पोस्ट में “Draft” का रह जाना, वैश्विक स्तर पर भरोसे को कमजोर कर सकती है. पाकिस्तान के लिए इसका असर सिर्फ छवि तक सीमित नहीं है. ऐसे घटनाक्रम ग्लोबल पॉलीटिक्स में इसकी पॉजीशन को कमजोर कर सकता हैं, खासकर उस समय जब क्षेत्रीय स्थिरता पहले से ही नाजुक है और वह बतौर मीडिएटर जंग को रुकवाने में रोल निभा रहा है.

सोशल मीडिया पर लोगों की राय भी काफी तीखी रही. कई यूजर्स ने मजाक में कहा कि ट्रंप सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सोशल मीडिया के एडिटर-इन-चीफ भी हैं. कुछ ने यह भी तंज कसा कि इस्लामाबाद की कूटनीति का “रिमोट कंट्रोल” सीधे व्हाइट हाउस से जुड़ा हुआ लगता है.

Similar News