'ट्रिगर पर है हमारा हाथ'...Iran की US को दो टूक, क्या 10 अप्रैल की मीटिंग बनेगी टर्निंग प्वाइंट, जंग पर लगेगा पूर्ण विराम?
ईरान और यूएस के बीच जंग कुछ दिनों के लिए रुक गई है. तेहरान ने धमकी दी है कि उनका हाथ ट्रिगर पर है, अगर अमेरिका या इजराइल की तरफ से कोई भी हमला होता है तो इसका सख्ती से जवाब दिया जाएगा.
Iran-US Ceasefire: ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद अपने सभी सैन्य बलों को फायरिंग रोकने का निर्देश दिया है. हालांकि, तेहरान ने साथ ही साफ कर दिया है कि यह युद्ध का अंत नहीं है, और उनकी उंगली हमेशा ट्रिगर पर रहने वाली है.
सरकारी प्रसारण संस्था Islamic Republic of Iran Broadcasting पर पढ़े गए बयान में खामेनेई ने कहा, “यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाएं सुप्रीम लीडर के आदेश का पालन करें और फायरिंग बंद करें.”
ईरान ने सीजफायर पर कहा?
ईरान ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम का मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है और उसकी “उंगली अब भी ट्रिगर पर है.” अगर दुश्मन यानी अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी कदम उठाया गया, तो उसका जवाब दिया जाएगा.
सीजफायर के ऐलान के बाद जारी बयान में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा, “यह जोर देकर कहा जाता है कि इसका मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है... हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं और दुश्मन की जरा सी गलती का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.”
कब हुई थी जंग की शुरुआत?
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसमें पहले ही दिन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. पिछले 39 दिनों में इस संघर्ष में कई देशों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है.
आयतुल्लाह अली खामेनेई को याद करते हुए क्या बोला ईरान?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने देश के लोगों को उनके बलिदान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, “अब हम ईरान की महान जनता को यह खुशखबरी देते हैं कि युद्ध के लगभग सभी लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं और आपके बहादुर बच्चों ने दुश्मन को ऐतिहासिक रूप से कमजोर और पराजित कर दिया है.”
ईरान ने इसे “जंग के मैदान में दुश्मन की हार” बताया और कहा कि अगर यह युद्धविराम बातचीत में ठोस राजनीतिक उपलब्धि में बदलता है, तो इसे “ऐतिहासिक जीत” के रूप में मनाया जाएगा, वरना उसकी सभी मांगें पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी.
अमेरिका के प्रस्ताव के बाद ईरान ने भेजा था 10 प्वाइंट्स का प्रस्ताव
अमेरिका ने ईरान को सीजफायर के लिए 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा था, जिसके जवाब में ईरान ने संशोधित 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया. इस प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की सेना के साथ समन्वय में नियंत्रित आवाजाही, ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ के सभी हिस्सों के खिलाफ युद्ध खत्म करने की जरूरत, क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की वापसी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित ट्रांजिट प्रोटोकॉल, ईरान को नुकसान की पूरी भरपाई, सभी प्रतिबंधों को हटाना, विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों की रिहाई और इन सभी बिंदुओं को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव में शामिल करने जैसी मांगें शामिल हैं.
ईरान ने साफ किया कि वह बातचीत के बाद जब इन शर्तों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा, तभी युद्ध खत्म करने को तैयार होगा. तेहरान ने यह भी पुष्टि की कि बातचीत 10 अप्रैल, शुक्रवार को इस्लामाबाद में होगी और यह दो हफ्तों तक चलेगी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया भी जा सकता है. इस दौरान देश में एकता बनाए रखने और जीत के जश्न को जारी रखने की बात भी कही गई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार), ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की समय-सीमा से कुछ घंटे पहले सीजफायर का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद लिया गया. ट्रंप ने इसे “दोतरफा सीजफायर” बताया और कहा कि अमेरिका अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और ईरान के साथ लंबे समय की शांति को लेकर समझौते के काफी करीब पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जो बातचीत के लिए एक “व्यवहारिक आधार” है.