लीबिया में मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम की हत्या, ज़िंटान में घर में घुसकर मारी गई गोली
लीबिया के ज़िंटान शहर में मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. चार नकाबपोश हमलावरों द्वारा की गई इस वारदात की जांच शुरू कर दी गई है.;
लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के दूसरे सबसे बड़े बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या कर दी गई है उनकी उम्र 53 साल थी. लीबियाई अधिकारियों, उनके परिवार के लोगों, वकील और राजनीतिक टीम ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को इस दुखद घटना की पुष्टि की है. यह हत्या उत्तर-पश्चिमी लीबिया के ज़िंटान शहर में उनके अपने घर पर हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार नकाबपोश और हथियारबंद हमलावरों ने उनके घर में घुसपैठ की. उन्होंने पहले घर के सुरक्षा कैमरों को बंद कर दिया, फिर झड़प के दौरान सैफ अल-इस्लाम को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. हमलावरों ने हत्या के बाद मौके से फरार हो गए. अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि ये हमलावर कौन थे और उनकी हत्या के पीछे क्या वजह थी. लीबिया की सरकार ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
सैफ अल-इस्लाम को पहले उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी के बाद लीबिया का अगला नेता माना जाता था. मुअम्मर गद्दाफी ने 1969 से 2011 तक यानी करीब 42 साल तक लीबिया पर कड़ा शासन किया था. 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान देश में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए, जो जल्द ही गृहयुद्ध में बदल गए. नाटो देशों के समर्थन से विद्रोहियों ने गद्दाफी को सत्ता से हटा दिया और उन्हें पकड़कर मार डाला. उस समय सैफ अल-इस्लाम भी सरकार में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. कुछ लोग उन्हें एक सुधारवादी नेता के रूप में देखते थे, लेकिन विद्रोह के दौरान उन्होंने विरोधियों को कुचलने के लिए सख्त कदमों का समर्थन किया था.
अल-इस्लाम नाइजर भागने की कोशिश
2011 में गद्दाफी शासन के गिरने के बाद सैफ अल-इस्लाम नाइजर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन विद्रोही लड़ाकों ने उन्हें पकड़ लिया. उन्हें ज़िंटान शहर की एक मिलिशिया (सशस्त्र समूह) ने कई सालों तक कैद में रखा. 2015 में लीबिया की एक अदालत ने उन्हें अनुपस्थित में मौत की सजा सुना दी थी, क्योंकि उन पर विद्रोह के दौरान हिंसा फैलाने के आरोप थे. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने भी उनके खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था.
हत्या से मच सकती है उथल-पुथल
2017 में लीबिया में एक आम माफी के तहत उन्हें रिहा कर दिया गया. इसके बाद वे फिर से राजनीति में सक्रिय हो गए. 2021 में उन्होंने लीबिया के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की, लेकिन देश में राजनीतिक मतभेद और अस्थिरता के कारण चुनाव टल गए. चुनाव आयोग ने उनकी उम्मीदवारी को भी खारिज कर दिया था. सैफ अल-इस्लाम की इस हत्या से लीबिया की पहले से ही अस्थिर राजनीति में और उथल-पुथल मच सकती है. देश में अलग-अलग मिलिशिया और गुटों के बीच संघर्ष जारी है, और इस घटना ने सुरक्षा की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.