कट गया Mojtaba Khamenei का पैर, कोमा में पहुँच गए: क्या अब घायल है तो और घातक हो जाएगा Iran?

मिडिल-ईस्ट युद्ध के बीच ईरान के कथित नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के कोमा में होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, ऐसे में 5 बिंदुओं में समझिए सच्चाई क्या है.

Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 13 March 2026 4:01 PM IST

मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच एक सनसनीखेज दावा सामने आया है. ब्रिटिश टैबलॉयड अखबार The Sun ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान के कथित नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं. रिपोर्ट के मुताबिक वह 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल की एयर स्ट्राइक में घायल हुए थे और उनकी हालत बेहद नाजुक है. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक रूप से किसी ने पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इस खबर में कितना तथ्य है और दावा कितना सही है. खासकर, इस ंमसले पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आने के बाद से लोग भी यह जानना चाहते हैं, क्या सही में मोजतबा खामेनेई घायल हैं और कॉमा में हैं. पांच अहम बिंदुओं के जरिए समझिए, मोजतबा को लेकर तरह—तरह के दावों में कितना है दम?

1. क्या एयर स्ट्राइक में घायल हुए थे मोजतबा खामेनेई?

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने एक सैन्य अभियान चलाया, जिसे Operation Epic Fury नाम दिया गया था. इस हमले के बाद मीडिया में खबरें आईं कि कथित तौर पर मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए. ब्रिटिश अखबार के सूत्रों का दावा है कि विस्फोट में उन्हें इतनी गंभीर चोट लगी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके पेट व लिवर को भी नुकसान पहुंचा. अखबार के इस दावे की किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी, अमेरिकी या इजरायली आधिकारिक बयान से पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए, यह दावा फिलहाल अपुष्ट माना जा रहा है.

2. क्या सच में कोमा में हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर?

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई फिलहाल तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के ICU में भर्ती हैं और कोमा में हैं. बताया जा रहा है कि मोजतबा अस्पताल के जिस हिस्से में भर्ती हैं, उसे पूरी तरह से सील कर दिया गया है और वहां काफी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं. कथित तौर पर उनका इलाज ईरान के स्वास्थ्य मंत्री और ट्रॉमा सर्जन मोहम्मद रेजा जफरघंदी की निगरानी में चल रहा है. लेकिन ईरान की सरकार या किसी आधिकारिक चैनल ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है. इंटरनेट ब्लैकआउट और युद्ध की स्थिति के कारण स्वतंत्र रूप से जानकारी की पुष्टि करना मुश्किल बताया जा रहा है.

3. क्या पिता की मौत के बाद मोजतबा बने सुप्रीम लीडर?

ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने 9 मार्च 2026 को सुप्रीम लीडर का पद संभाल लिया है. यहां पर इस बात का जिक्र कर दें कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सुप्रीम लीडर का चुनाव Assembly of Experts द्वारा किया जाता है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा लंबे समय से सत्ता के अंदरूनी दायरे में प्रभावशाली रहे हैं और उन्हें संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है. इस मामले में भी अभी तक ईरान की आधिकारिक घोषणाओं में उनके सुप्रीम लीडर बनने की पुष्टि सामने नहीं आई है. इसलिए यह दावा भी पूरी तरह प्रमाणित नहीं है.

4. अगर वह कोमा में हैं तो ईरान का युद्ध कौन चला रहा है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सबसे दिलचस्प दावा यह है कि अगर मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं तो भी ईरान की सैन्य कार्रवाई किसकेस निर्देशन में जारी है. विश्लेषकों के मुताबिक इसकी वजह ईरान की सैन्य संरचना है. देश की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने पूरे देश को कई क्षेत्रीय कमांड में बांट रखा है. बताया जाता है कि इन कमांड केंद्रों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शीर्ष नेतृत्व के खत्म होने पर भी युद्ध मशीन चलती रहे. यही कारण बताया जा रहा है कि मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं.

5. क्या मोजतबा की हालत छिपाने की कोशिश हो रही है?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी सरकारी टीवी ने मोजतबा के नाम से एक बयान प्रसारित किया, लेकिन उसे एक न्यूज एंकर ने पढ़कर सुनाया. इस बयान में कहा गया कि ईरान अपने नागरिकों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा और जरूरत पड़ने पर Strait of Hormuz को बंद करने तक की कार्रवाई कर सकता है.

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर नेता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहा है तो इससे अफवाहों को बल मिलता है. ऐसे में यह भी संभव है कि युद्धकालीन सुरक्षा कारणों से उन्हें सार्वजनिक रूप से पेश न किया जा रहा हो.

जिंदा हैं, जख्मी हालत में - डोनाल्ड ट्रंप का दावा

इस बीच फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई घायल हैं. ट्रंप के मुताबिक मोजतबा खामेनेई अभी जिंदा हैं, लेकिन वे जख्मी हालत में हैं. दरअसल, जब से मोजतबा खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर बने हैं, वे अब तक एक बार भी जनता के सामने नहीं आए हैं. उनका जो पहला संबोधन था, वह भी गुरुवार को एक टीवी एंकर ने पढ़ा.

क्या घायल मोजतबा पहले ज्यादा हो गया खतरनाक?

Mojtaba Khamenei को लेकर इन दिनों मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच कई तरह की सनसनीखेज खबरें सामने आ रही हैं. मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि हालिया हवाई हमलों में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, उनका एक पैर काटना पड़ा और वे कोमा में हैं. हालांकि, ईरानी अधिकारियों और सरकार से जुड़े लोगों ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि वे जिंदा हैं और सुरक्षित स्थान पर हैं. कुछ रिपोर्टों में उनके पैरों में चोट लगने की बात कही गई है. इस बीच सार्वजनिक रूप से उनके सामने न आने से अटकलें और तेज हो गई हैं.

सच क्या है?

पूरी कहानी पर नजर डालें तो The Sun की रिपोर्ट कई बड़े दावे करती है, जैसे एयर स्ट्राइक में गंभीर चोट, पैर कटना और कोमा में होना. लेकिन इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ईरान की सरकार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों या विश्वसनीय मीडिया संस्थानों की ओर से भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.

फिलहाल यह कहा जा सकता है कि Mojtaba Khamenei के कोमा में होने की खबर दावा है, जिसकी पुष्टि बाकी है. यानी सवाल अभी भी वही है. क्या ईरान का नया अयातुल्ला जिंदा है, घायल है या सच में कोमा में? इसका जवाब अभी दुनिया को साफ-साफ नहीं मिला है.

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