आंखों पर पट्टी बांधी, घुटनों के बल बिठाया और माफी मंगवाई- जब ईरान ने US सैनिकों को बनाया था बंधक, क्या फिर रिपीट होगी हिस्ट्री?

ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट F-15E को मार गिराया. इस दौरान एक अधिकारी लापता हो गया. पहले भी ईरान अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिकों को पकड़ चुका है. इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इतिहास फिर दोहराया जाएगा?

ईरान के पुराने बंधक इतिहास ने बढ़ाई अमेरिका चिंता

Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 4 April 2026 10:11 PM IST

Iran US soldiers Hostage History:  ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर हालात गंभीर हो गए हैं. शनिवार को ईरान ने अमेरिकी F-15E Strike Eagle को मार गिराने का दावा किया, जिसके बाद एक अमेरिकी क्रू मेंबर लापता हो गया है. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उस लापता अधिकारी को खोजने की होड़ शुरू हो गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए जंग के बाद पहली बार ईरान के अंदर अमेरिकी विमान गिराया गया है. F-15E में दो सदस्य होते हैं- एक पायलट और दूसरा वेपन सिस्टम ऑफिसर. अमेरिकी सेना ने एक सदस्य को बचा लिया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है.  इसी बीच ईरान के स्थानीय मीडिया ने लोगों से अपील करते हुए घोषणा की, "अगर कोई दुश्मन पायलट को जिंदा पकड़कर सेना या पुलिस को सौंपता है तो उसे इनाम दिया जाएगा." इस घोषणा के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.

1979 में कितने दिन तक बंधक थे अमेरिकी सैनिक?

अगर ईरान लापता अमेरिकी अधिकारी को पकड़ता है, तो यह पहली बार नहीं होगा. इससे पहले, 4 नवंबर 1979 को Iran Hostage Crisis के दौरान राजधानी तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हमला कर अयातुल्ला समर्थक छात्रों ने 66 अमेरिकियों को बंधक बना लिया था. इनमें राजनयिक, सैन्य अधिकारी और मरीन गार्ड शामिल थे. इनमें से 52 लोगों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था. उन्हें 20 जनवरी 1981 को  ठीक उस समय रिहा किया गया, जब Ronald Reagan ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी.

2016 में अमेरिकी नौसेना के 10 जवानों के साथ क्या हुआ था?

12 जनवरी 2016 को अमेरिकी नौसेना के 10 जवान गलती से ईरानी जलक्षेत्र में पहुंच गए. Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने उन्हें बंदूक की नोक पर पकड़ लिया. सैनिकों की आंखों पर पट्टी बांधी गई, घुटनों पर बैठाया गया, हाथ सिर के पीछे रखने को कहा गया और तस्वीरें- वीडियो बनाए गए. इन सैनिकों को Farsi Island ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई और रात भर रखा गया. अगले दिन 15 घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

अमेरिकी सैनिकों से क्या कहा गया?

रिहाई से पहले अमेरिकी सैनिकों से कैमरे पर खाना खाने और खुश दिखने को कहा गया. एक कप्तान से ईरान द्वारा लिखी गई माफी पढ़वाई गई. हालांकि बाद में पता चला कि John Kerry और Mohammad Javad Zarif के बीच बैक-चैनल बातचीत के जरिए पहले ही रिहाई तय हो चुकी थी.

ब्रिटेन के सैनिकों के साथ क्या हुआ? 

2007 में ईरान ने United Kingdom के 15 नौसैनिकों को पकड़ लिया था. ईरान का दावा था कि वे उसके जलक्षेत्र में घुस आए थे, जबकि ब्रिटेन ने इसे गलत बताया. 2004 में भी 8 ब्रिटिश सैनिकों को तीन दिन तक हिरासत में रखा गया था. उन्हें भी आंखों पर पट्टी बांधकर पूछताछ की गई और टीवी पर माफी पढ़वाई गई.

क्या फिर दोहराया जा सकता है इतिहास?

अब लापता अमेरिकी अधिकारी को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है. अगर ईरान उसे पकड़ता है, तो यह संकट और गहरा सकता है और वैश्विक तनाव बढ़ सकता है. इससे इतिहास दोहराया जा सकता है.

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