जिस भूकंप से हिला Delhi-NCR, उससे इस देश में तबाही, पूरा परिवार खत्म बचा सिर्फ 2 साल का बच्चा
शुक्रवार रात आए भूकंप के झटकों ने जहां दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में लोगों को कुछ पलों के लिए डरा दिया, वहीं अफगानिस्तान के काबुल मे एक घर मलबे में तब्दील हो गया और उसके नीचे दबकर एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई.
भूकंप में काबुल परिवार हुआ तबाह
(Image Source: x- @sirajnoorani )जिस भूकंप के झटकों ने दिल्ली-NCR में लोगों को कुछ पलों के लिए डरा दिया, उसी ने अफगानिस्तान में एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी. काबुल प्रांत के एक छोटे से इलाके में एक घर मलबे में बदल गया और उसके नीचे दबकर एक ही परिवार के आठ लोगों की जान चली गई. कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरा घर सन्नाटे और दर्द में बदल गया.
इस भयावह मंजर के बीच सिर्फ एक दो साल का मासूम जिंदा बचा, जख्मी, सहमा हुआ और अब पूरी तरह अकेला. जिसने शायद समझा भी नहीं होगा कि उसने क्या खो दिया है. यह हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है, जो इंसान को अंदर तक झकझोर देती है.
एक झटके में खत्म हो गया परिवार
रात करीब 8:42 बजे आए 5.8 तीव्रता के इस भूकंप ने सब कुछ बदल दिया. घर के अंदर मौजूद परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला. दीवारें गिर गईं और देखते ही देखते खुशियों से भरा घर मातम में बदल गया. मलबे से जब शव निकाले गए, तो हर चेहरा एक दर्दनाक कहानी कह रहा था.
सिर्फ 2 साल का बच्चा बचा जिंदा
इस त्रासदी के बीच एक छोटी-सी उम्मीद बची- दो साल का बच्चा. वह घायल हालत में मिला, लेकिन जिंदा था. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे को चोटें आई हैं, लेकिन उसकी जान बच गई. अब सवाल यह है कि उस मासूम का आगे क्या होगा, जिसने एक ही पल में अपने पूरे परिवार को खो दिया.
दूर-दराज इलाके ने बढ़ाई मुश्किल
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में था, जो बेहद दुर्गम इलाका है. 5.8 तीव्रता का भूकंप का केंद्र 186 किलोमीटर (115 मील) की गहराई पर था. राजधानी काबुल भूकंप के केंद्र से लगभग 290 किलोमीटर (180 मील) दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. यहां से जानकारी काबुल तक पहुंचने में भी घंटों लग जाते हैं. यही वजह रही कि शुरुआती नुकसान का पूरा अंदाजा तुरंत नहीं लगाया जा सका.