Iran War के बीच दुनिया के सबसे बड़े भुखमरी संकट से गुजर रहा ये अफ्रीकी देश, अब अस्पताल पर हमला, 10 की मौत

सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच एक अस्पताल पर ड्रोन हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जिसमें कई मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं. इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है और स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार हमले चिंता का कारण बन रहे हैं.

Edited By :  समी सिद्दीकी
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Sudan Crisis: ईरान में जंग जारी है, लेकिन एक ऐसा देश है जो भारी भुखमरी और सिविल वॉर से जूझ रहा है. हर रोज़ हो रही गोलबारी और मौतें ने हजारों जिंदगियां छीन ली हैं. अंतरराष्ट्रीय मेडिकल संस्था Doctors Without Borders ने सूडान के एक अस्पताल पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है. इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जो देश के दक्षिण-मध्य हिस्से में हुआ.

संस्था, जिसे उसके फ्रेंच नाम एमएसएफ के नाम से भी जाना जाता है, ने बताया कि गुरुवार को व्हाइट नाइल राज्य के अल जबलैन अस्पताल पर दो बार हमला किया गया. इन हमलों में अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर और मैटरनिटी वार्ड को निशाना बनाया गया. एमएसएफ के मुताबिक, यह हमला कथित तौर पर पैरामिलिट्री ग्रुप रैपिड सपोर्ट फोर्सेस द्वारा किया गया.

अस्पताल पर हमले में कितने मरे?

सूडान में एमएसएफ की आपातकालीन प्रमुख एस्पेरांजा सैंटोस ने कहा कि इस हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें सात मेडिकल स्टाफ शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ पहले एमएसएफ के साथ काम कर चुके थे. उन्होंने कहा कि यह हमला और भी ज्यादा दुखद इसलिए है क्योंकि उस समय वहां बच्चों के टीकाकरण का अभियान चल रहा था. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

सूडान में कब शुरू हुआ था सिविल वॉर?

यह हमला सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर हो रहे लगातार हमलों की कड़ी का हिस्सा है. यह युद्ध अप्रैल 2023 में सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के बीच शुरू हुआ था. इसी दिन एक और हमले में व्हाइट नाइल प्रांत की राजधानी रबाक में एक मेडिकल सप्लाई डिपो को निशाना बनाया गया.

स्थानीय अधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने कहा कि मार्च से अब तक साउथ कोर्डोफान, ब्लू नाइल, पूर्व, मध्य और दक्षिण दारफुर जैसे इलाकों में ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं.

मार्च से अभी तक कितने हुए हमले?

World Health Organization के अनुसार, मार्च तक युद्ध शुरू होने के बाद से 200 से अधिक हमले स्वास्थ्य केंद्रों पर हो चुके हैं. पिछले महीने पश्चिमी दारफुर क्षेत्र के एक अस्पताल पर हुए हमले में 70 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कम से कम 13 बच्चे शामिल थे.

शुक्रवार को सूडान के संस्कृति, सूचना, पुरातत्व और पर्यटन मंत्री खालिद अलेइसिर ने इस हमले की निंदा की और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस हिंसा को बढ़ावा देने में क्षेत्रीय समर्थन देने वाले भी जिम्मेदार हैं, जो सैन्य और तकनीकी मदद, आधुनिक हथियार और ड्रोन उपलब्ध करा रहे हैं.

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