बांग्लादेश में फैल रहा इस बीमारी का कहर, अब तक 40 से ज्यादा बच्चों की गई जान

बांग्लादेश में इन दिनों खसरा तेजी से फैलता जा रहा है और मार्च-अप्रैल 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संक्रामक बीमारी ने अब तक 40 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है. जिस बीमारी को वर्षों पहले नियंत्रण में मान लिया गया था, वह अब फिर से खतरनाक रूप में लौट आई है.

खसरा की बीमारी से 40 बच्चों की मौत

(Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 4 April 2026 4:54 PM IST

बांग्लादेश में खसरा एक बार फिर खतरनाक रूप में फैलता नजर आ रहा है, जिसने बच्चों की जिंदगी पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संक्रामक बीमारी के कारण अब तक 40 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. राजधानी ढाका समेत कई जिलों में तेजी से बढ़ते मामलों ने हेल्थ सिस्टम की चिंता बढ़ा दी है.

मिसेल्स यानी खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो खासकर छोटे बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में लेता है. बुखार, खांसी, आंखों में लालिमा और शरीर पर दाने इसके प्रमुख लक्षण हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान और टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.

तेजी से फैल रहा संक्रमण

खसरे के मामले राजधानी ढाका समेत कई जिलों में तेजी से बढ़ रहे हैं. कम से कम 10 जिले इस संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं. अस्पतालों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है.

क्या है खसरा?

खसरा एक फैलने वाली वायरल बीमारी है, जो हवा के जरिए फैलती है. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से आसानी से दूसरों तक पहुंच जाता है. खास बात यह है कि बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में संक्रमण का खतरा बहुत अधिक होता है.

खसरे के प्रमुख लक्षण

खसरे के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 7 से 14 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं. इसके शुरुआती संकेत इस प्रकार हैं:

  • तेज बुखार (40°C तक)
  • सूखी खांसी
  • नाक बहना
  • आंखों में लालिमा और पानी आना
  • मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे (कोपलिक स्पॉट)
  • कुछ दिनों बाद शरीर पर लाल या भूरे रंग के दाने (रैश) निकलते हैं, जो पहले चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं.

क्यों खतरनाक है यह बीमारी?

अधिकांश लोग खसरे से ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, कुपोषित लोगों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले मरीजों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह निमोनिया, डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है.

बचाव के उपाय क्या हैं?

खसरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीनेशन है.

  • समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें
  • साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें
  • बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रखें

बांग्लादेश में खसरे का बढ़ता प्रकोप एक चेतावनी है कि संक्रामक बीमारियां कभी भी लौट सकती हैं. ऐसे में जागरूकता, समय पर टीकाकरण और सतर्कता ही इस खतरे से बचने का सबसे बड़ा हथियार है.

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