न्यूक्लियर डील की वापसी? ईरान बोला- सभी प्रतिबंध हटे तो यूरेनियम करेंगे ‘डायल्यूट’, लेकिन 400 किलो स्टॉक का क्‍या?

ईरान ने कहा है कि वह बैकफुट पर आने के लिए तैयार है अगर अमेरिका लगाए गए प्रतिबंध को पूरी तरह से हटा देता है. मौजूदा वक्त में ईरान 60 फीसद से ज्यादा न्यूक्लियर इनरिचमेंट कर रहा है.;

( Image Source:  x- @khamenei_ir )
Edited By :  समी सिद्दीकी
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Iran Ready for Backfoot: ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगर अमेरिका तेहरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा लेता है, तो वह अपने यूरेनियम इनरिचमेंट को कम करेगा और उसे घटाकर 3.67 फीसद ले आएगा. यह बयान ऐसे समय आया है, जब लंबे तनाव के बाद ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा न्यूक्लियर टॉक शुरू हुई है.

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने सोमवार को कहा कि यूरेनियम इनरिचमेंट को कम स्तर पर लाने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि बदले में प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाते हैं या नहीं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इसमें केवल अमेरिकी प्रतिबंध शामिल होंगे या ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध.

पहले क्यों रुक गई थी ईरान के साथ बातचीत?

दरअसल, पिछले शुक्रवार को ओमान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत हुई थी. यह बातचीत एक साल से चले आ रहे तनाव के बाद हुई है. इससे पहले जून में इजरायल के हमले के कारण हालात और बिगड़ गए थे. उस समय दोनों देश नए परमाणु समझौते के लिए छठे दौर की वार्ता करने वाले थे.

क्या है यूरेनियम इनरिचमेंट का मतलब?

यूरेनियम को ‘डायल्यूट’ करने का मतलब है उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर संवर्धन का स्तर कम करना, ताकि वह तय सीमा से ऊपर न जाए. 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान को 3.67 फीसदी से ज्यादा यूरेनियम इनरिचमेंट की इजाजत नहीं थी. लेकिन, अमेरिका और इजरायल के जून 2024 में किए गए हमलों से पहले ईरान 60 फीसदी तक यूरेनियम इनरिचमेंट कर चुका था, जो उस सीमा से कहीं ज्यादा है.

क्या परमाणु हथियार बना रहा है ईरान?

पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका, लंबे समय से आशंका जताते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा है. हालांकि ईरान इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के अनुसार, ईरान दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जो परमाणु हथियार संपन्न न होते हुए भी 60 फीसदी तक यूरेनियम इनरिचमेंट कर रहा है.

कहां गया ईरान का 400 किलोग्राम न्यूक्लियर

एक और बड़ा सवाल यह भी है कि जंग खत्म होने से पहले ईरान के पास मौजूद 400 किलोग्राम से ज्यादा हाईली एनरिच्ड यूरेनियम फिलहाल कहां है. संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों ने आखिरी बार 10 जून को इसके भंडार का रिकॉर्ड किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी यूरेनियम को 90 फीसदी तक इनरिचमेंट किया जाए, तो इससे नौ से ज्यादा परमाणु बम बनाए जा सकते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग करते रहे हैं. लेकिन तेहरान का कहना है कि वह इस शर्त को स्वीकार नहीं कर सकता, क्योंकि यह 2015 के समझौते की तुलना में उसके लिए कहीं ज्यादा नुकसानदेह है.

क्या है ईरान की दलील?

ईरान इस बात पर जोर देता है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत उसे शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का पूरा अधिकार है. इस संधि पर ईरान समेत दुनिया के 190 से ज्यादा देशों ने दस्तखत किए हैं.

गौरतलब है कि 2015 में ईरान, अमेरिका, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) पर सहमति बनी थी. इसके तहत ईरान ने यूरेनियम इनरिचमेंट सीमित किया और बदले में उस पर लगे प्रतिबंध हटाए गए. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2018 में अमेरिका को इस समझौते से बाहर कर लिया. इसके बाद ईरान ने भी समझौते की कई शर्तों का पालन करना बंद कर दिया.

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