जब Iran में फंसे एयरमैन का US को मिला रेडियो संदेश, सुनते ही क्यों चौंक गए अमेरिकी अधिकारी?

ईरान में फंसे एयरमैन को अमेरिका ने बीते रोज बचा लिया. जेट क्रैश होने के बाद एयरमैन ने यूएस के नाम एक संदेश दिया था. ट्रंप के मुताबिक यह संदेश कुछ ऐसा लग रहा था जैसे मुस्लिम बोलते हैं.

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America Operation in Iran: अमेरिका ने एक ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसकी तारीफ हर जगह हो रही है. लेकिन, ये ऑपरेशन इतना आसान नहीं था. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब लापता अमेरिकी एयरमैन ने आखिरकार दक्षिण-पश्चिमी ईरान के पहाड़ों से संपर्क किया, तो उसका संदेश इतना छोटा और असामान्य था कि वॉशिंगटन को शक हुआ कि यह कहीं ईरान का जाल तो नहीं है.

ट्रंप के मुताबिक, F-15E स्ट्राइक ईगल से इजेक्ट होने के बाद उस वेपन सिस्टम्स ऑफिसर ने रेडियो पर कहा, “Power be to God.” ट्रंप ने Axios से कहा कि यह वाक्य कुछ ऐसा लगा जैसे कोई मुस्लिम कहता है. बाद में उस अधिकारी को जानने वालों ने बताया कि वह धार्मिक स्वभाव का है, इसलिए उसका ऐसा कहना स्वाभाविक था.

एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने भी ट्रंप की बात की पुष्टि की, लेकिन कहा कि असल में उसने “God is good” कहा था. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यही शब्द साझा किए.

एयरमैन के पास क्या था?

एयरमैन के पास एक कम्युनिकेशन डिवाइस, ट्रैकिंग बीकन और एक हैंडगन थी. जब अमेरिकी और ईरानी बल उसे खोजने की कोशिश कर रहे थे, तब वह पहाड़ों की दरारों में छिपा रहा, लगातार अपनी जगह बदलता रहा और एक समय पर 7000 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गया ताकि पीछा कर रही ताकतों से बच सके. उसकी लोकेशन 24 घंटे से ज्यादा समय तक अमेरिका को भी पता नहीं चल सकी.

कैसे पता लगी एयरमैन की लोकेशन?

बाद में Central Intelligence Agency ने अपनी खास तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए उसकी लोकेशन का पता लगाया. The New York Times के अनुसार, एजेंसी ने उसे ट्रैक किया जब वह पहाड़ी इलाकों में घूमते हुए स्थानीय लोगों से बच रहा था. लोकेशन की पुष्टि होने के बाद CIA ने यह जानकारी व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सेना के साथ साझा की, जिसके बाद शनिवार रात स्पेशल फोर्स की एक टीम को उसके पास उतारा गया.

यह एयरमैन 3 अप्रैल को उस समय पहाड़ों में पहुंचा था, जब एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को दक्षिण-पश्चिमी ईरान में मार गिराया गया था. विमान में दो लोग सवार थे, जिनमें पायलट को कुछ ही समय बाद बचा लिया गया था, लेकिन वेपन सिस्टम्स ऑफिसर की तलाश दो दिनों तक चलती रही.

रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि यह बहादुर सैनिक दुश्मन के इलाके में, ईरान के खतरनाक पहाड़ों के बीच फंसा हुआ था, जहां दुश्मन हर घंटे उसके करीब पहुंच रहे थे.

क्या है एयरमैन की कंडीशन?

एयरमैन घायल था, लेकिन ट्रंप के अनुसार वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा. इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी रेस्क्यू टीम का कोई भी सदस्य घायल या मारा नहीं गया. ट्रंप ने इस मिशन को खास बताते हुए कहा कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार है जब दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाया गया है.

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