अब क्‍या करोगे 'चचा' शहबाज और 'मुल्‍ला' मुनीर? तुम्‍हारा 'आका' ही मान रहा POK है भारत का, कैसे ट्रंप ने पाक को दिया झटका?

भारत और अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के साथ जारी नक्शे में PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जिससे पाकिस्तान और चीन दोनों असहज हो गए. यह अमेरिका की पुरानी नीति से हटकर कदम माना जा रहा है. इसे भारत के लिए बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.;

अमेरिका की तरफ से जारी नक्शे में पीओके को दिखाया गया भारत का हिस्सा
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 7 Feb 2026 5:32 PM IST

US Trade Deal Official Map on PoK and Aksai Chin: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का एलान तो बड़ी खबर थी ही, लेकिन इस डील से जुड़ी एक छोटी सी चीज़ ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा कर दिया. दरअसल, जब ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड डील से जुड़े दस्तावेज़ जारी किए, तो उसमें भारत का जो आधिकारिक नक्शा इस्तेमाल किया गया, वही चर्चा का केंद्र बन गया. इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया. यानी वो इलाका, जिस पर पाकिस्तान और चीन दशकों से दावा करते आए हैं, अमेरिकी दस्तावेज़ में सीधे भारत का हिस्सा दिखा दिया गया.

यह पहला मौका है जब अमेरिका की तरफ से जारी किसी आधिकारिक दस्तावेज़ में भारत के नक्शे को इतनी स्पष्टता से दिखाया गया है, वो भी बिना किसी विवादित डैश या नोट के. हालांकि, भारत को अपनी संप्रभुता साबित करने के लिए किसी विदेशी मुहर की ज़रूरत नहीं है. भारत हमेशा से कहता आया है कि कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है, लेकिन फिर भी यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका पहले तक PoK को अलग तरह से दिखाता रहा है, ताकि पाकिस्तान की भावनाओं को ठेस न लगे.

पाकिस्तान को क्यों लगी सबसे ज़्यादा चोट?

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब पाकिस्तान पिछले कई महीनों से अमेरिका को खुश करने में लगा हुआ था. पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर बीते छह महीनों में तीन बार अमेरिका दौरा कर चुके हैं. यहां तक कि उन्होंने जून में डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच मीटिंग भी की थी, वो भी बिना किसी पाकिस्तानी सिविल लीडर के. इसके बावजूद, अमेरिका की तरफ से जारी नक्शे ने पाकिस्तान की सारी लॉबिंग पर पानी फेर दिया. सोशल मीडिया पर इसे सीधे तौर पर पाकिस्तान की कूटनीतिक हार बताया जा रहा है.

चीन के लिए क्या संदेश है?

इस नक्शे में लद्दाख का अक्साई चिन इलाका भी भारत का हिस्सा दिखाया गया, जिस पर चीन दावा करता रहा है. यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि भारत लगातार अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा गलत नक्शों पर आपत्ति दर्ज कराता रहा है. भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) कई बार कह चुका है कि जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर गलत मैपिंग स्वीकार नहीं की जाएगी. इस बार अमेरिका ने भारत की इस पुरानी आपत्ति को व्यावहारिक तौर पर स्वीकार किया है.

क्या ट्रेड डील बनी वजह? 

यह सब उस वक्त हुआ है जब भारत-अमेरिका रिश्ते हाल के महीनों में उतार-चढ़ाव से गुज़रे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले भारत पर 50% टैरिफ लगा दिए थे, जो अमेरिका के सहयोगी देशों में सबसे ज़्यादा थे, लेकिन अब अंतरिम ट्रेड डील के तहत यह टैरिफ घटाकर 18% कर दिए गए हैं, जो एशियाई देशों में सबसे कम हैं. इसके साथ ही भारत को स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर, फार्मा, कार और ऑटो पार्ट्स में बड़ी राहत मिली है, जबकि भारत ने कृषि और डेयरी सेक्टर पर अपनी लाल रेखा बरकरार रखी.

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

डिफेंस एक्सपर्ट और रिटायर्ड मेजर गौरव आर्य ने ट्वीट किया, “मैप के लिए अमेरिका को फुल मार्क्स. बहुत बढ़िया.” एक अन्य यूज़र ने लिखा, “पाकिस्तान, आसिम मुनीर और वॉशिंगटन दौरे की सारी पीआर हवा हो गई.” कई पत्रकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड डील से ज़्यादा बड़ा संदेश यही नक्शा है.  अब सवाल यही है कि क्या यह अमेरिका की नीति में जानबूझकर किया गया बदलाव है? या फिर भारत को साधने के लिए किया गया कूटनीतिक इशारा? जो भी हो, इतना तय है कि इस नक्शे ने भारत को कूटनीतिक बढ़त दी. पाकिस्तान को असहज किया और चीन को साफ संदेश दिया. इसके साथ ही, भारत को अपने सबसे संवेदनशील मुद्दे पर वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति दिला दी.

अब क्या करेगा पाकिस्तान?

ये मैप पिछले कई दशकों से अमेरिका के मैप्स से अलग है, जहां PoK को आमतौर पर अलग या disputed दिखाते थे. अब ये सीधे भारत के पॉलिटिकल मैप से मैच करता है. सोशल मीडिया पर लोग इसे पाकिस्तान को बड़ा डिप्लोमैटिक झटका बता रहे हैं, खासकर ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के तहत. पाकिस्तान के लिए ये शर्मिंदगी वाली बात है क्योंकि उनका प्रोपगैंडा कि PoK अलग है या डिस्प्यूटेड, अब अमेरिका के ऑफिशियल ग्राफिक में फेल हो गया. आसिम मुनीर की वॉशिंगटन विजिट्स और प्रोपगैंडा अब और कमजोर पड़ गए. शहबाज शरीफ को इसका जवाब देना पड़ेगा कि उनका 'आका' (अमेरिका) अब भारत की तरफ क्यों झुक गया है.

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