इमरान खान के हेल्थ पर घमासान: बहनों का शहबाज-मुनीर और नकवी पर साजिश के आरोप, 14 पूर्व कप्तानों ने की मेडिकल एक्सेस की मांग
पाकिस्तान के रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान की आंखों की रोशनी को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. कपिल देव और गावस्कर समेत 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने दुश्मनी भुला बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट और कानूनी एक्सेस की मांग की है. जबकि सरकार ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है.;
पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर है, और इस बार केंद्र में हैं पूर्व प्रधानमंत्री व विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान. रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद खान की आंखों की रोशनी को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक, कानूनी और खेल जगत में हलचल मचा दी है. उनकी बहनों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख पर जानलेवा साजिश के आरोप लगाए हैं. दावा किया है कि खान को उचित इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंच नहीं दी जा रही.
दूसरी ओर, यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक दायरों तक सीमित नहीं रहा. भारत, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के 14 पूर्व क्रिकेट कप्तान, जो कभी मैदान पर कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे, अब एकजुट होकर इमरान खान को बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट और पारदर्शी कानूनी एक्सेस देने की मांग कर रहे हैं. क्रिकेट की सीमाएं पार कर यह समर्थन एक मानवीय अपील के रूप में सामने आया है, जिसने इस पूरे विवाद को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला खड़ा किया है.
सरकार जहां मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देकर स्थिति को सामान्य बता रही है, वहीं PTI समर्थक इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और ‘सुनियोजित दबाव’ करार दे रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह महज स्वास्थ्य का मामला है या फिर पाकिस्तान की सत्ता संघर्ष की बड़ी कहानी का नया अध्याय? आने वाले दिनों में अदालत, सड़क और वैश्विक मंच जगह इस मुद्दे की गूंज और तेज हो सकती है.
इमरान खान की सेहत पर सियासी संग्राम क्यों?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान इन दिनों अपनी सेहत को लेकर सुर्खियों में हैं. रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल में बंद खान की आंखों की रोशनी घटने के दावों ने देश की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक इंसाफ (PTI) ने इसे गंभीर मानते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं, जबकि सरकार ने मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से स्थिति सामान्य बताई है.
क्या इमरान खान की आंखों की रोशनी सचमुच 15% रह गई है?
PTI और खान के परिवार का दावा है कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी कम हो गई है और उन्हें अपनी पसंद के विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा. हालांकि, सरकारी मेडिकल बोर्ड के अनुसार करेक्टिव चश्मे के साथ उनकी दृष्टि में सुधार दर्ज किया गया है और स्थिति नियंत्रण में है.
शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और मोहसिन नकवी पर क्या आरोप लगे?
खान की बहनों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री Mohsin Naqvi पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि जेल में खान के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है और यह एक “जानलेवा साजिश” का हिस्सा हो सकता है. सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है.
मीडिया से बात करते हुए उजमा खान और अलीमा खान ने खास तौर पर पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी का नाम इस तथाकथित 'जानलेवा' प्लान के हिस्से के तौर पर लिया.
उन्होंने कहा कि अदियाला जेल में इमरान खान से हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान कहा था, "अगर जेल में मुझे कुछ होता है, तो आसिम मुनीर जिम्मेदार होगा." उजमा खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर नकवी, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ़ भी हैं, उनके परिवार को धमका रहे थे.
उजमा खान ने आगे कहा, "मोहसिन नकवी हमें धमका रहे हैं; उन्होंने खून का स्वाद चख लिया है और धमकी दी कि अगर उनके भाई या उन्हें कोई नुकसान हुआ तो वे बदला लेंगे. अगर इमरान खान या हमें कुछ हुआ, तो मेरी बात याद रखना, हम किसी की आने वाली पीढ़ियों को भी नहीं छोड़ेंगे."
अलीमा खान ने भी अपने भाई की हेल्थ के बारे में अपडेट शेयर करते हुए कहा कि उनकी नजर कमजोर हो रही है, लेकिन उन्हें उनकी भरोसेमंद मेडिकल टीम से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने क्या मांग की?
विश्व क्रिकेट जगत की दिग्गज हस्तियां, जिनमें भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव, इंग्लैंड के माइक एथरटन; ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर, इयान और ग्रेग चैपल; वेस्ट इंडीज के क्लाइव लॉयड और न्यूजीलैंड के जॉन राइट शामिल हैं. इन हस्तियों ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि खान को तुरंत और निरंतर मेडिकल सुविधा दी जाए तथा उन्हें अदालत और कानूनी प्रक्रिया तक पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जाए.
सरकार ने मेडिकल रिपोर्ट में क्या कहा?
सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद कहा कि खान की आंखों की स्थिति स्थिर है और सुधार के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट के अनुसार, करेक्टिव लेंस के साथ उनकी दृष्टि सामान्य सीमा के करीब दर्ज की गई। गृह मंत्री नकवी ने कहा कि मामले को “पॉलिटिकलाइज़” नहीं किया जाना चाहिए.
PTI का ‘इमरान खान रिलीज फोर्स’ क्या है?
PTI ने “इमरान खान रिलीज फोर्स” के गठन की घोषणा की है, जो उनके समर्थन में देशव्यापी आंदोलन चलाएगी. विपक्षी गठबंधन भी बेहतर मेडिकल सुविधाओं और अस्पताल शिफ्ट की मांग को लेकर इस्लामाबाद में धरना दे रहा है.
क्या सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान?
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अदियाला जेल में खान की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तलब की है. यह कदम बढ़ते राजनीतिक दबाव और स्वास्थ्य संबंधी दावों के बीच उठाया गया है.
परिवार ने क्यों की तत्काल मुलाकात की मांग?
पाकिस्तान में यह विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के उस बयान के एक बाद देखने को मिला है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इमरान खान की आइसाइट कमजोर होती जा रही है. 7 पन्नों की रिपोर्ट में वकील ने कहा कि 73 साल के इमरान खान साल 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं और उनकी दाहिनी आंख की रोशनी केवल 15 प्रतिशत ही बची है. इसके बाद इमरान खान के परिवार ने पूर्व प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने की मांग की, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई.
मेडिकल बोर्ड के मुताबिक, दाहिनी आंख की रोशनी में साफ सुधार हुआ है, जो 6/36 से 6/9 पार्शियल हो गई है. बाईं आंख की रोशनी नॉर्मल लिमिट में है, और जांच में संतोषजनक रिपोर्ट आई है. चश्मा लगाने के बाद, बाईं आंख की रोशनी 6/6 रिकॉर्ड की गई.
इमरान खान की आंखों की रोशनी को लेकर उठे सवाल अब महज स्वास्थ्य मुद्दा नहीं रह गए हैं, बल्कि पाकिस्तान की सियासत का केंद्र बन चुके हैं. एक ओर परिवार और समर्थक गंभीर साजिश के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सब कुछ सामान्य बता रही है.
इमरान खान रिलीज फोर्स की घोषणा क्यों
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने “इमरान खान रिलीज फोर्स” बनाने की घोषणा की है, जो खान को जेल से रिहा कराने के लिए काम करेगी। पूर्व क्रिकेटर से नेता बने इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। इमरान के वफादार खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि उन्हें जेल में बंद PTI के संस्थापक ने "स्ट्रीट मूवमेंट" को लीड करने की जिम्मेदारी दी है।
PTI ने खैबर पख्तूनख्वा को बाकी पाकिस्तान से क्यों काटा?
इस बीच, पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए बेहतर हेल्थ सुविधाओं की मांग को लेकर इस्लामाबाद में अपना धरना जारी रखा. इस धरने को तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-ऐन पाकिस्तान (TTAP) लीड कर रहा है, यह गठबंधन पिछले साल देश के संविधान का विरोध करने के लिए बनाया गया था. खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) इसकी मुख्य ताकत है, जबकि गठबंधन को बलूचिस्तान के पश्तून आदिवासी नेता महमूद खान अचकजई लीड कर रहे हैं, जो नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता भी हैं.
इस ग्रुप ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में दो जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें पार्लियामेंट बिल्डिंग के पास और राजधानी में प्रांतीय सरकार की ऑफिशियल बिल्डिंग खैबर पख्तूनख्वा हाउस शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों ने कसम खाई है कि जब तक खान को स्पेशलिस्ट केयर के लिए एक प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक वे धरना जारी रखेंगे. PTI ने रोड ब्लॉक करके खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को देश के बाकी हिस्सों से काट दिया है और मांग की है कि खान को तुरंत हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाए और उनके डॉक्टरों को उन्हें देखने दिया जाए.
सरकार ने किस आधार पर किया आरोपों को खारिज?
पूर्व मंत्री मोहसिन नकवी ने मीडिया को बताया कि सरकार का खान की सेहत के मामले को "पॉलिटिकलाइज़" करने का कोई इरादा नहीं है, जबकि उन्होंने विपक्ष पर ऐसा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "मेडिकल रिपोर्ट भी कल सामने आई, और उसके अनुसार सब कुछ साफ है. न तो हम और न ही सरकार इसे पॉलिटिकलाइज़ करना चाहते हैं." वहीं सूत्रों के आधार पर बताया गया है कि शहबाज शरीफ सरकार आने वाले दिनों में इमरान को हॉस्पिटल में भर्ती करा सकती है. यह डेवलपमेंट तब हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने इमरान के परिवार की अर्जी पर अधिकारियों को निर्देश दिए थे.