Epstein Files Leak: जिनकी सुरक्षा का वादा था, वही बेनकाब, 300 पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर; DOJ की गलती या साजिश?
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी की गई एपस्टीन जांच फाइलों से कई पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर हो गई. 300 पीड़ितों के वकीलों ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे गंभीर गोपनीयता उल्लंघन बताया है. साथ ही इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग सरकार से की है.;
अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज एक बार फिर भूचाल लेकर सामने आया है. इस बार सवाल सिर्फ यौन अपराधों का नहीं, बल्कि पीड़ितों की सुरक्षा और निजता से भी जुड़ गया है. न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी की गई एपस्टीन जांच फाइलों में कई महिलाओं की पहचान बिना रेडैक्शन सार्वजनिक हो गई, जिससे 300 से ज्यादा पीड़ितों की ज़िंदगी अचानक खतरे में पड़ गई है. जिन महिलाओं को गोपनीयता का भरोसा दिया गया था, वही अब मीडिया ट्रोलिंग, धमकियों और मानसिक आघात का सामना कर रही हैं. एनबीसी न्यूज के मुताबिक पीड़ितों और उनके वकीलों का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया गंभीर गोपनीयता उल्लंघन हो सकता है. अब सवाल उठ रहा है, क्या DOJ से इतनी बड़ी गलती संभव है, या फिर इसके पीछे कोई और मंशा छिपी है?
DOJ की बड़ी चूक: एपस्टीन पीड़ितों की पहचान कैसे हुई उजागर?
दरअसल, न्याय विभाग ने लाखों पन्नों की जांच फाइलें जारी कीं, लेकिन कई दस्तावेजों में पीड़ितों के नाम, निजी बातचीत और बैंकिंग डिटेल्स बिना एडिट किए सार्वजनिक हो गए. अब पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने DOJ वेबसाइट से एपस्टीन फाइल्स को तत्काल प्रभाव से हटाने और एक स्पेशल मास्टर की नियुक्ति की मांग की है.
‘यह दुर्घटना नहीं, हमला लगता है’ - पीड़िता डेनिएल बेन्स्की का बयान
पीड़िता डेनिएल बेन्स्की ने कहा कि FBI के साथ उनकी गोपनीय बातचीत भी सार्वजनिक हो गई, जिससे उनकी निजी जिंदगी पूरी तरह बेपटरी हो गई है. मेरे जीवन में भूचाल आ गया है. बिना शिकायत के पीड़ितों की पहचान उजागर होने से मचा हड़कंप. कम से कम एक महिला ऐसी थी जिसने पहले कभी सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाए थे, लेकिन उसकी पहचान भी डॉक्यूमेंट्स में सामने आ गई.
जान से मारने की धमकियां, मीडिया ट्रोलिंग और बैंक अकाउंट तक खतरे में
इस मामले में जेन डो के नाम से दर्ज कई पीड़ितों ने धमकियों, गंदे मैसेज और वित्तीय जानकारी लीक होने की शिकायत कोर्ट में की. DOJ ने कोर्ट को बताया कि हजारों दस्तावेज हटाए जा चुके हैं और यह चूक तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण हुई.
Epstein Files Transparency Act और DOJ पर उठे सवाल
अमेरिकी कानून के तहत अधिकतर अनक्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स जारी करना जरूरी था, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि रेडैक्शन में घोर लापरवाही हुई.
क्या पावरफुल लोगों की जांच होगी या पीड़ित फिर अकेले पड़ जाएंगे?
पीड़ितों का कहना है कि फाइल्स जारी करने का मकसद ताकतवर दोषियों को बेनकाब करना था, न कि सर्वाइवर्स को दोबारा शिकार बनाना.
एपस्टीन फाइल्स से किन–किन की पहचान हुई उजागर?
न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी की गई एपस्टीन जांच फाइलों ने कई पीड़ितों की पहचान को सार्वजनिक कर दिया. जबकि इन्हें पूरी तरह गोपनीय रखा जाना था. सामने आई जानकारी के मुताबिक पीड़ितों की पहचान अलग–अलग स्तरों पर उजागर हुई हैं. जिन-जिन उजागर हुई हैं उनमें प्रमुख :
1. डेनिएल बेन्स्की (Danielle Bensky)
एपस्टीन की सर्वाइवर्स में से एक. FBI जांचकर्ताओं के साथ की गई गोपनीय बातचीत डॉक्यूमेंट्स में सार्वजनिक हुई. पहले ही सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी थीं, लेकिन निजी डिटेल्स लीक होने से उनकी जान फिर खतरे में है.
2. ‘जेन डो 5’
इससे पहले जेन डो 5 पर कभी भी सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाए गए थे. नाम और पहचान अचानक फाइलों में सामने आ गई. मीडिया और अज्ञात लोगों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत मिली हैं.
3. ‘जेन डो 4’
जेन डो 4 पहचान उजागर होने के बाद घिनौने और आपत्तिजनक संदेश मिलने की शिकायत की है. उन्होंने हा है कि अब उनकी मानसिक और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा गया है.
4. ‘जेन डो 7’ और ‘जेन डो 8’
दोनों को डीओजे फाइल्स जारी होने के बाद से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. जेन डो 8 की निजी बैंकिंग जानकारी तक लीक हो गई है. जेन डो 8 के कार्ड और अकाउंट बंद कराने की नौबत आ गई.
5. ‘जेन डो 1’ और ‘जेन डो 3’
दोनों ने खुद को बदले की कार्रवाई का शिकार बताया है. डीओजे की फाइल पब्लिक होने से उन लोगों का करियर, परिवार और निजी जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो गयाहै.
कुल कितनी महिलाएं प्रभावित?
एपस्टीन फाइल्स की पीड़ित लगभग 300 महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने कोर्ट में याचिका दायर की है. वकील ने आरोप लगाया है कि DOJ की वेबसाइट पर हजारों पेज बिना पूरी रेडैक्शन के पब्लिक डोमेन में हैं.
यह मामला इतना गंभीर कैसे?
जांच एजेंसियों और डीओजे ने पीड़ितों को पहले गोपनीयता की गारंटी दी थी. पहचान उजागर होने से अब इन लोगों के जान का खतरा पैदा हो गया है. सामाजिक बदनामी और मानसिक आघात का भी डर है. ये महिलाओं एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के बाद से मानसिक पीड़ा से गुजर रही हैं. इस घटना को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा पीड़ित-गोपनीयता उल्लंघन बताया जा रहा है.