Trump की समुद्री नाकाबंदी, Ghalibaf ने मैथ्स फॉर्मूला से किया अलर्ट- तेल बाजार में आएगा पहले से बड़ा तूफान?

अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी को लेकर ईरान का बयान आया है. संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने मैथमैटिकल फॉर्मूला के जरिए Donald Trump को चेतावनी दी है.

( Image Source:  X-@ANI and @jacksonhinklle )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 13 April 2026 11:31 AM IST

Iran War: ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान का मजाक उड़ाया है, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास नाकाबंदी करने की चेतावनी दी थी. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी अगर अमेरिका ऐसा कदम उठाता है तो तेल की कीमतों में तेजी से इजाफा होगा.

गालिबाफ ने अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों का जिक्र करते हुए ट्रंप की आलोचना की. उन्होंने एक तस्वीर साझा की, जिसमें व्हाइट हाउस के पास पेट्रोल की कीमतें दिखाई गई थीं. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर नाकेबंदी होती है, तो अमेरिकी लोग जल्द ही इन कीमतों को याद करेंगे, क्योंकि तेल के दाम काफी बढ़ सकते हैं.

गालिबाफ ने क्या पोस्ट किया?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गालिबाफ ने लिखा, "अभी के पेट्रोल के दाम का आनंद लें. इस तथाकथित 'नाकेबंदी' के बाद आप जल्द ही 4-5 डॉलर प्रति गैलन वाले दाम को याद करेंगे." गालिबाफ का सीधे तौर परस कहना था कि जो ट्रंप कदम उठा रहे हैं, उससे सीधा असर तेली की कीमतों पर पड़ने वाला है."

क्या बढ़ेंगी तेल की कीमतें?

उन्होंने एक समीकरण भी साझा किया- “ΔO_BSOH>0 ⇒ f(f(O))>f(O)” — और इसके साथ गूगल मैप्स का स्क्रीनशॉट भी लगाया, जिसमें अमेरिका में ईंधन की कीमतें दिख रही थीं. इस समीकरण का मतलब यह बताया गया कि अगर होर्मुज की नाकेबंदी बढ़ती है, तो तेल की कीमतें सिर्फ सामान्य तरीके से नहीं बढ़ेंगी, बल्कि तेजी से और लगातार बढ़ेंगी. यानी एक बार कीमत बढ़ने के बाद उसका असर और ज्यादा तेजी से कीमतों को ऊपर ले जाएगा. यहां 'BSOH' का मतलब होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से है.

ईरान का कहना है कि जब सप्लाई कम होती है, तो कीमतें बढ़ती हैं और उस बढ़ोतरी का असर आगे और ज्यादा कीमतें बढ़ाता है, जिससे उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ता है.

अमेरिका क्या उठा रहा है कदम?

इधर, अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगी. यह फैसला वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीजफायर वार्ता विफल होने के बाद लिया गया है, जो पाकिस्तान में हुई थी.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड, यानी United States Central Command ने पुष्टि की कि यह नाकेबंदी सोमवार सुबह 10 बजे EDT से लागू होगी, जो ईरान के समय के अनुसार शाम 5:30 बजे है. CENTCOM ने बताया कि यह नाकेबंदी ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर लागू होगी, जिनमें Persian Gulf और Gulf of Oman के इलाके भी शामिल हैं. यह भी कहा गया कि यह नियम सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा.

फिलहाल तेल की कीमतों पर क्या हुआ असर?

हालांकि, यह किया गया है कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के बीच यात्रा कर रहे हैं, उन्हें Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति रहेगी, जिससे कुछ व्यापारिक रास्ते खुले रहेंगे. इस घोषणा का असर वैश्विक तेल बाजार पर तुरंत पड़ा. कच्चे तेल की कीमतों में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया.

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