माघ मेले में सनातन धर्म अपना छाई इटालियन लुक्रेशिया कौन? प्रयागराज में सुबह से शाम तक कर रही भजन, Video Viral
Who Is Lucrezia: प्रयागराज के माघ मेले में इटालियन लुक्रेशिया ने लाखों भक्तों की मौजूदगी में संस्कृत श्लोक का सस्वर मंत्रोच्चार और जय सियाराम बोलकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. वह सनातन धर्म की वैचारिक सोच से इतना प्रभावित हैं कि वह अब इसी में रम गई हैं. उन्होंने इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया. लुक्रेशिया का कहना है कि प्रयागराज के इस अनुभव ने उन्हें जीवन जीने की नई दृष्टि दी है.;
Who Is Lucrezia: हर साल की तरह बार भी प्रयागराज के 'माघ मेला' में भक्ति भाव चरम पर पहुंच गया है. 'माघ मेला' वह अद्भुत पर्व है जो हर साल देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है. इस साल मेला सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है. यहां आकर और सनातन धर्म अपनाकर खूबसूरत इटालियन लुक्रेशिया दुनिया भर में छा गई हैं. 22 साल की लुक्रेशियास न केवल स्थानीय संस्कृति में रुचि दिखाई बल्कि सनातन धर्म की गहरी दृष्टि से अपने जीवन को नई दिशा दी है. उनके अनुभव और दृष्टिकोण ने यह साबित किया कि धर्म और संस्कृति केवल भारतीय सीमाओं में नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी जीवन को प्रेरित कर सकते हैं. जानिए कौन हैं लुक्रेशिया और सनातन धर्म में उनकी प्रेरक यात्रा की कहानी.
लुक्रेशिया कौन?
लुक्रेशिया, इटली की एक युवा और ओजस्वी महिला हैं. उन्हें सनातन संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक यात्रा में गहरी रुचि है. वह यात्रा और अनुभव के माध्यम से जीवन की नई दृष्टि खोजने की दिशा में सक्रिय हैं. प्रयागराज के माघ मेले में उनकी उपस्थिति ने कई लोगों को प्रेरित किया और दिखाया कि सनातन धर्म के संदेश आज भी विश्व स्तर पर प्रासंगिक हैं.
'सनातन ने दी जिंदगी को नई दृष्टि'
इटालियन लुक्रेशिया ने न केवल स्थानीय संस्कृति में रुचि दिखाई बल्कि सनातन धर्म की गहराई ने उनके जीवन को नई दिशा भी दी है. इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वह अब सनातनी हो गई हैं. उनके अनुभव और दृष्टिकोण ने यह साबित किया कि धर्म और संस्कृति केवल भारतीय सीमाओं में नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी जीवन को प्रेरित कर सकते हैं.
प्रयागराज सच में सुंदर शहर
इटली से आई 22 वर्षीय लुक्रेशिया वीडियो में में मुस्कुराते हुए दिखाई देती हैं. वह कहती हैं, 'प्रयागराज सच में सुंदर शहर है. लोगों का सनातन के प्रति भक्तिभाव 'माइंड ग्लोइंग' है. भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से प्रेरित होकर अपने गुरु के सानिध्य में दीक्षा ग्रहण कर रही हूं. पूरे उत्साह से कहती हैं 'जय सियाराम', 'जय सीताराम' और 'हर हर महादेव.' इतना ही नहीं, वो आध्यात्मिक जयकारों बीच मंत्रोच्चार, ध्यान और साधना में लीन नजर आती हैं.'
मेरे जीवन में पॉजिटिव बदलाव आया
लुक्रेशिया का कहना है कि सनातन धर्म ने उन्हें जीवन को समझने की नई दृष्टि और आंतरिक शांति प्रदान की है. गंगा की पवित्र धारा, माघ मेले का आध्यात्मिक वातावरण और साधु-संतों का सानिध्य उनके भीतर सकारात्मक बदलाव ला रहा है. उनकी उपस्थिति यह प्रमाण है कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आध्यात्मिक शक्ति आज भी न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है.
लुक्रेशिया के गुरु कौन?
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा से ही विदेशियों को अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं. भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से प्रभावित होकर इटली के मिलानो शहर की 22 साल की लुक्रेशिया भी अपने पिता पेरांजल के साथ इन दिनों माघ मेले में आई हुई हैं. माघ मेले के सेक्टर 5 में अपने गुरु सीतापुर नैमिषारण्य से आए नागा संन्यासी मनमौजी रामपुरी के साथ बैठी हुई हैं. लुक्रेशिया इससे पहले 2025 के महाकुंभ में भी प्रयागराज आई थीं. वह तीसरी बार भारत आई हैं.