कौन हैं मोहम्मद दीपक? रातों-रात हिला डाला पूरा सोशल मीडिया, राहुल गांधी भी हुए फैन

कोटद्वार के जिम ट्रेनर दीपक कुमार सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. हाल ही में उन्होंने बजरंग दल के लोगों से एक बुजुर्ग मुस्लिम को बचाया था.;

mohammed Deepak

(Image Source:  X/ @RahulGandhi, @syedmohdmurtaza )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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उत्तराखंड के कोटद्वार से सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है. एक जिम मालिक दीपक कुमार का वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह धर्म से ऊपर इंसानियत की बात करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के बाद उन्हें न सिर्फ धमकियों का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके घर पर भी भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

दीपक कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि वह अपने विचारों से पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में दो टूक कहा, "मैं पीछे नहीं हटूंगा" यह पूरा मामला एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को कथित तौर पर धमकाए जाने से जुड़ा है, जहां दीपक ने भीड़ के सामने खड़े होकर इंसानियत का पक्ष लिया.

इंस्टाग्राम वीडियो में क्या बोले दीपक कुमार?

दीपक कुमार ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा "मैं हिंदू नहीं हूं, मैं मुसलमान नहीं हूं, मैं सिख नहीं हूं, और मैं ईसाई नहीं हूं. सबसे पहले, मैं एक इंसान हूं। क्योंकि मरने के बाद मुझे भगवान और इंसानियत को जवाब देना है, किसी धर्म को नहीं." उन्होंने बताया कि यह वीडियो उन धमकियों के जवाब में था, जो उन्हें अपने विचारों की वजह से मिल रही थीं.

कौन हैं मोहम्मद दीपक?

इस युवक का नाम दीपक कुमार है जो जिम ट्रेनर है. इससे पहले कभी दीपक को इस तरह की कंट्रोवर्सी का सामना नहीं करना पड़ा. इंस्टाग्राम पर दीपक के 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. अक्सर दीपक को जिम में ट्रेनिंग करने के वीडियो डालते हुए देखा जाता है.

राहुल गांधी भी हुए फैन

राहुल गांधी ने दीपक का सपोर्ट करते हुए एक्स पर पोस्ट शेयर करके लिखा कि 'उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं. दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं. वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है.'

बजरंग दल के लोगों से हुआ था टकराव

पूरा घटनाक्रम 26 जनवरी का बताया जा रहा है, जब दीपक अपने एक दोस्त की दुकान पर मौजूद थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग, जो खुद को हिंदुत्व संगठन बजरंग दल से जुड़ा बता रहे थे, 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद को धमका रहे हैं. भीड़ का कहना था कि अहमद को अपनी दुकान का नाम ‘बाबा स्कूल ड्रेस’ बदलना होगा और ‘बाबा’ शब्द हटाना पड़ेगा. उनका तर्क था कि ‘बाबा’ शब्द केवल हिंदू धार्मिक लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि अहमद मुसलमान हैं.

वीडियो हुआ था वायरल

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दीपक कुमार भीड़ का सामना करते हुए सवाल पूछते नजर आते हैं. वीडियो में वह कहते हैं कि जब दूसरे लोग ‘बाबा’ नाम का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो वकील अहमद क्यों नहीं. वीडियो में दीपक भीड़ से पूछते हैं "दुकान 30 साल पुरानी है; क्या आप नाम बदल देंगे?" जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति दीपक से उसकी पहचान पूछता है, तो वह जवाब देते हैं "मेरा नाम मोहम्मद दीपक है."

बाद में दीपक ने स्पष्ट किया कि यह वाक्य उन्होंने जानबूझकर कहा था, ताकि हिंदू और मुस्लिम पहचान को जोड़कर भारत के सेक्युलर विचार को सामने रखा जा सके. यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, लेकिन इसके बाद उनके घर पर खतरे की स्थिति भी बन गई.

घर के बाहर जुटी भीड़

शनिवार को दीपक के घर पर भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए. पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. इसके बाद दीपक ने कुछ और वीडियो साझा किए, जिनमें उन्होंने भारत के सेक्युलर मूल्यों और आपसी भाईचारे की बात दोहराई.

दीपक का कहना है कि "मैं आप सभी से अपने भाइयों, बहनों और दोस्तों से बस इतना कहना चाहता हूं कि हमारे देश को प्यार और स्नेह की जरूरत है, न कि नफरत की. आप जितनी चाहें उतनी नफरत फैला सकते हैं; उसे कोई रोक नहीं सकता लेकिन प्यार फैलाना बहुत बड़ी बात है."

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