Video Viral : कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम पर बवाल, यूजर बोले - 'धर्म पर लड़ाओ, जनता चूरन चाट लेगी'

उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम वाली दुकान को लेकर हुए विवाद में स्थानीय हिंदू नागरिक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े हो गए. “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है” कहने वाले युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल बन गया.;

( Image Source:  @Roshan_4IND )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 1 Feb 2026 5:29 PM IST

उत्तराखंड के शांत माने जाने वाले कोटद्वार में ‘बाबा’ शब्द ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि मामला दुकान की नेम प्लेट से निकलकर देश की सोच पर सवाल बन गया. एक मुस्लिम दुकानदार से उसके दुकान के नाम पर जवाब तलब किया गया, वीडियो वायरल हुआ और फिर सोशल मीडिया की अदालत लग गई. किसी ने इसे कट्टरता कहा, तो किसी ने सिस्टम पर तंज कसते हुए लिखा, “धर्म पर लड़ाओ, जनता चूरन चाट लेगी.” यह सिर्फ एक दुकान या एक शब्द का विवाद नहीं, बल्कि उस राजनीति और मानसिकता की तस्वीर है, जहां नफरत को मुद्दा बनाकर इंसानियत को पीछे धकेलने की कोशिश की जाती है. वायरल वीडियो ने साफ कर दिया कि सवाल ‘बाबा’ का नहीं, बल्कि मानसिकता की है.

कोटद्वार में क्यों भड़का ‘बाबा’ नाम को लेकर विवाद?

बुधवार को कोटद्वार में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब कथित तौर पर बजरंग दल से जुड़े एक समूह ने मुस्लिम दुकानदार से उसकी दुकान के नाम पर आपत्ति जताई. शोएब अहमद के परिवार द्वारा चलाई जा रही यह दुकान पिछले तीन दशकों से इलाके में मौजूद है, जिसे लेकर अचानक विवाद खड़ा हो गया.

‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है’, बदल दी बहस की दिशा

वीडियो में कुछ लोग दुकानदार के बुजुर्ग पिता से ‘बाबा’ शब्द हटाने को कहते नजर आए, जिसे स्थानीय लोगों ने खुली धमकी के तौर पर देखा. स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है”, जिसने धार्मिक पहचान के आधार पर सवाल उठाने की सोच को चुनौती दी.

स्थानीय हिंदू नागरिकों का सवाल: क्या मुसलमान भारत के नागरिक नहीं? स्थानीय लोगों ने पूछा कि जब दुकान दशकों से चल रही है, तो अब नाम बदलने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है.

झड़प के बाद हालात शांत, कोई कानूनी कार्रवाई नहीं

परिवार ने पुलिस में शिकायत के बावजूद मामले को आगे न बढ़ाने का फैसला किया, ताकि इलाके में शांति बनी रहे. वीडियो में दीपक कुमार ने कहा कि धर्म से ऊपर इंसानियत है और समाज को बांटने वाली सोच देश के लिए खतरनाक है.

सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल बना कोटद्वार

चारधाम की भूमि उत्तराखंड में यह घटना बताती है कि आम लोग आज भी गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे के साथ खड़े हैं.

सोशल मीडिया पर कमेंट की बाढ़

एक्स के यूजर इस विवाद पर तरह तरह के कमेंट दे रहे हैं. यूजर अपने स्टेटमेंट में गालियों को भी इस्तेमाल खुलकर रक रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया यूजर कातिल नम्बर 1 ने एक्स पर लिखा, 'नाम और धर्म पर लड़ाओ, कांग्रेस और बीजेपी वालों, जानता चूटिया चूरण चाट ही लेगी.' वहीं, रोबिन ने ​का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश है कृपया देश के भीतर पल रहे ये झांटू दलों को जल्द से जल्द बैन किया जाएं. इनका किसी धर्म से कोई लेना देना नहीं है. सीधे सीधे आतंकी संगठन समझा जाए,जो देश को भीतर से मानसिक बीमार बनाते जा रहे हैं. भारतीय झांटू पार्टी ने विगत वर्षों में प्रदेश को सड़ा डाला है.

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