Dehradun Cloudburst: उत्तराखंड में इस बार मानसून ने काफी तबाही मचाई. मई महीने से लेकर सितंबर तक बादल फटने की घटना देखने को मिली. राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश से यह घटना हो रही है. अब मंगलवार 16 सितंबर की सुबह देहरादून में भारी बारिश के कारण बादल फटा. इस दौरान दो लोग लापता हो गए, जिससे कई मकान नष्ट हो गए तथा कारें और दुकानें बह गईं.

प्रशासन ने देर रात बादल फटने की घटना के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया. दो लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव और राहत अभियान जारी है. पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर में भी बारिश से प्रलय आ गया है. आपदा इतनी भयानक रही कि 1962 में बना पुल भी बह गया.

बारिश का रेड अलर्ट

बादल फटने की वजह से तमसा नदी उफान पर है. मौसम विभाग ने आज देहरादून और टिहरी गढ़वाल में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. टपकेश्वर मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. इस आपदा के कई वीडियो सामने आए हैं.

सुबह 5 बजे से हो रही बारिश

टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि सुबह 5 बजे से नदी बहुत तेजी से बहने लगी थी और पूरी मंदिर की जमीन पानी में डूब गई. ऐसी स्थिति बहुत लंबे समय में नहीं हुई थी. कई जगहों पर नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, इस वक्त लोगों को नदियों के पास जाने से बचना चाहिए. मंदिर का गर्भगृह सुरक्षित है. अभी तक किसी की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है. 

मंदिर में पहुंचा नुकसान

बादल फटने से तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. कल रात से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में काफी नुकसान पहुंचा है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं.

सड़कों तक पहुंचा पानी

देहरादून जिले के सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आए ज्यादा पानी से मालदेवता में 100 मीटर सड़क बह गई. इसकी तस्वीरें बेहद डरा देने वाली है.

पानी में बह गए होटल

सहस्त्रधारा में कल रात 11 बजे के आसपास बादल फटा. इसके बाद पहाड़ से मलबे के साथ पानी का सैलाब आया, जिसमें कई होटल-दुकानों को नुकसान पहुंचा. रात में ही 100 से ज्यादा लोग रेस्क्यू किए गए हैं.

तैरती नजर आईं गाड़ियां

सहस्त्रधारा में कई मकान-दुकान मलबे की चपेट में आए. IT पार्क में गाड़ियां डूब गईं. साथ ही करलीगाड़ क्षेत्र में भी दुकानों और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है.