Exclusive: जहां शंख भी नहीं बजते वहां हुई अश्लीलता, इसके जिम्मेदार CM धामी, बद्रीनाथ DJ-डांस विवाद क्या बोले स्वामी आनंद स्वरूप?
बद्रीनाथ धाम में DJ डांस और गाने के कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ गया है. जिसके बाद स्वामी आनंद स्वरूप ने आयोजन की अनुमति से लेकर धार्मिक मर्यादा और सरकार की भूमिका पर कई सवाल उठाए. आइए जानते हैं उन्होंंने क्या कुछ कहा है...
Devbhoomi Cultural Festival- उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम से सामने आए एक वीडियो ने धार्मिक मर्यादा और मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर नई बहस छेड़ दी है. बद्रीनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम में डांस और गाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संत समाज ने आपत्ति जताई है. कार्यक्रम से जुड़ी इन्फ्लुएंसर प्रियंका मेहर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भी इस तरह के आयोजन पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि जहां शंख बजाने तक को लेकर नियम हैं, वहां डांस और गाने का कार्यक्रम कैसे आयोजित हुआ? इसी विवाद पर स्टेट मिरर हिंदी ने हरिद्वार के शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप से खास बातचीत की. उन्होंने बद्रीनाथ की धार्मिक मर्यादा, ऐसे आयोजनों और प्रशासन की भूमिका को लेकर क्या कहा आइए जानते हैं...
स्वामी आनंद स्वरूप ने बद्रीनाथ विवाद पर क्या-क्या कहा?
इस विवाद पर विवाद पर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि 'आजकल धर्म का व्यापार बढ़ गया है. जहां भी सरकार ने मंदिरों को अपने कब्जे में लिए है वहां से उनको पैसा कमाना है. सरकारों को सिर्फ पैसा कमाना है. इसी के साथ उन्होंने आगे कहा कि बद्रीनाथ धाम सिर्फ 6 महीने खुलता है, जबकि पूरे 12 महीने भगवान वहां ध्यान मुद्रा में हैं. ध्यान भंग न हो इसलिए वहां पर शंख भी नहीं बजाई जाती है और इस तरह का आयोजन हो रहा है.
वहां भजन नहीं अश्लील गाने बजे हैं... स्वामी आनंद स्वरूप
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि जहां पर शंख भी मना हो वहां पर ऐसा काम करना, शराब वाले गाने चलाना और अश्लील हरकत करना और भी क्या-क्या हुआ भगवान जाने. राज्य के मुख्यमंत्री को न जाने क्या बताया गया, ये बेहद निंदनीय है. इसके आगे जब उनसे हेरिटेज वाले सवाल पूछे गए हो उन्होंने साफ कहा कि बद्रीनाथ धाम हेरिटेज नहीं है, ये हमारी धरोहर है. ये भगवान के रहने का स्थान है. सरकार इसको हेरिटेज कहकर बदनाम ही करेंगे.
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि जोन 7 में आता है वो क्षेत्र, जहां हथौड़ा मारने पर भी पहाड़ों के दरकने का डर रहता है और यहां इस तरह का कार्यक्रम करना भगवान माफ नहीं करेगा. अगर सेना के अधिकारियों को क्या जानकारी दी गई या उनको पता था तो उन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए. वहीं जब सवाल पूछा कि आखिर इसकी परमिशन किसने दी तो उन्होंने कहा कि परमिशन तो उत्तराखंड की सरकार ने ही दिया है इसके लिए धामी को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और उन्हें माफी मांगनी चाहिए नहीं तो 2027 सामने हैं भगवान माफ नहीं करेगा. इंसान तो माफ कर देगा.
क्या इस इंवेंट की जानकारी CM धामी को थी?
वहीं जब आनंद स्वरूप से ये सवाल किया गया कि क्या मुख्यमंत्री को इस बात की कतई भी जानकारी नहीं थी तो स्वामी ने कहा कि आज के मुख्यमंत्री सिर्फ धर्म को बेच कर सिर्फ सरकारों के लिए पैसा कमा रहे हैं और गुरु घंटालों के पास जाकर उनके चमचे बने रहते हैं वे अच्छे गुरु के पास नहीं जाते हैं यानी किसी मंत्रियों को पहाड़ की परंपराओं का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है इसलिए दुर्गति हो रही है. मुख्यमंत्री को पहाड़ और उत्तराखंड की परम्पराओं से कोई लेने-देने नहीं है. इसी के साथ स्वामी ने आगे दावा किया कि वहां पर कोई भजन नहीं हो रहा था वहां तो अश्लीलता हो रही थी. वहां पर उछल कूद हुआ कोई भजन नहीं हुई है.
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि सरकार तो गई अब ऐसी सरकार आने वाली नहीं जिस तरह से घटनाएं पहाड़ों पर हुई है. जिस तरह से लूट मची है तो अब सरकार नहीं आने वाली. वहीं आगे कहा अगर धर्म का विरोध कोई करेगा तो मैं उसके खिलाफ हो जाता हूं. इसलिए मुख्यमंत्री ज्यादा हमारे पास नहीं आते हैं. सरकार को समझना पड़ेगा तीर्थाटन और पर्यटन में अंतर होता है. सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को लुभाने के लिए कार्यक्रम कर रही है.
आखिर में स्वामी ने कहा कि सरकार सभी मंदिरों को कब्जे में लेकर कॉरिडोर बना रही है, जबकि बद्रीनाथ धाम 6 महीने बंद रहता है, फिर वहां मॉल क्यों बनाया जा रहा है? सरकार ने अगर इस तरह की व्यवस्था के खिलाफ उचित कदम नहीं उठाए तो संत समाज सरकार के खिलाफ खड़ा होगा.