स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी कौन? अब फंस सकते हैं बड़ी मुसीबत में
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय (आशुतोष ब्रह्मचारी) विवादों में घिर गए हैं. आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को शंकराचार्य के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उकसाया था. आइए, जानते हैं कौन हैं आशुतोष महाराज...
आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज कराया केस
(Image Source: X/SachinGupta/ANI )Who is Ashutosh Brahmachari: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय इस समय सुर्खियों में हैं. उनके ऊपर शाहजहांपुर के रहने वाले राम शंकर दीक्षित ने गंभीर आरोप लगाए हैं. दीक्षित का दावा है कि आशुतोष पांडेय ने उनसे संपर्क कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उकसाने की कोशिश की है.
राम शंकर दीक्षित के मुताबिक, तीन लोग उनके पास आए और फोन पर आशुतोष पांडेय से बात कराई. उन्होंने कहा कि स्वामीजी को थोड़ा ‘ठीक’ करना है' और उनके खिलाफ नाबालिग बेटियों के नाम पर शिकायत दर्ज कराने की बात कही. इस पर दीक्षित ने इनकार करते हुए कहा- आप मेरी बेटियों के बारे में ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं... मैं स्वयं शंकराचार्य जी से मिला हूं. मैंने शंकराचार्यजी पर कोई आरोप नहीं लगाया है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरस्वती ने क्या कहा?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी दावा किया कि शाहजहांपुर से एक परिवार उनसे मिला और बताया कि आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति ने उनकी नाबालिग बेटियों के नाम पर उनके खिलाफ शिकायत करने का दबाव बनाया. मना करने पर उन्हें धमकी दी गई. स्वामी ने कहा कि लोगों को लालच और डर दिखाकर उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है.
कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी?
- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज (जिन्हें आशुतोष ब्रह्मचारी के नाम से भी जाना जाता है) शाकुंभरी पीठाधीश्वर और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं. उनका असली नाम आशुतोष पांडेय है.
- आशुतोष शामली जिले के कांदला स्थित प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर से जुड़े हैं. वे वर्तमान में शाकुंभरी पीठाधीश्वर हैं. बताया जाता है कि उन्होंने 2022 में महाकुंभ के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी.
- आशुतोष महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी पर प्रयागराज के माघ मेला शिविर में नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाया है. उनकी याचिका पर ही प्रयागराज की पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी को एक 'हिस्ट्रीशीटर' बताया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों (शामली, मुजफ्फरनगर, लखनऊ आदि) में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ किन धाराओं में दर्ज हैं मुकदमा?
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ प्रयागराज की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. इनमें शामिल हैं,
- पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): धारा 3, 5, 9, 17 और 18। ये धाराएं मुख्य रूप से 'पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट' (गंभीर यौन हमला) और अपराध के लिए उकसाने से संबंधित हैं।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109। ये धाराएं यौन शोषण, महिला/बच्चे की गरिमा को ठेस पहुँचाने और आपराधिक साजिश से जुड़ी हैं।
- आरोप की प्रकृति: एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आश्रम/गुरुकुल में 'गुरु सेवा' के नाम पर नाबालिग बच्चों (उम्र लगभग 14-17 वर्ष) का यौन शोषण किया गया.
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
- विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी थाना प्रभारी को तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने उन पेन ड्राइव और शपथ पत्रों की भी जांच करने को कहा है जिन्हें साक्ष्य (Evidence) के तौर पर पेश किया गया था.
- पॉक्सो की धाराएं गैर-जमानती होती हैं और इनमें अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) का प्रावधान नहीं है. इसलिए कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पुलिस जांच के आधार पर गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है.
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को 'झूठा और मनगढ़ंत' बताया है और इसे गौ-माता के लिए उनकी आवाज़ दबाने की एक साजिश करार दिया है.