यूपी के IAS अफसर का 'दाढ़ी वाला द्वंद', सैनिकों की ख़ातिर लिया 'धुरंधर संकल्प'; दिल्ली तक मचा शोर
IAS Divyanshu Patel: यूपी के मुरादाबाद के नगर आयुक्त IAS दिव्यांशु पटेल की दाढ़ी इन दिनों दिल्ली तक चर्चा में है. यह कोई फैशन नहीं, बल्कि सैनिकों और शहीदों के सम्मान में लिया गया ‘धुरंधर संकल्प’ है. त्रिशूल–भारतीय सैन्य संग्रहालय के निर्माण तक दाढ़ी न हटाने का उनका प्रण लोगों को प्रेरित कर रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक ने इस जज्बे की सराहना की है.;
यूपी के एक IAS अधिकारी की दाढ़ी आजकल ख़ूब चर्चा में है. सिर्फ़ प्रदेश में नहीं बल्कि अब तक उस अफसर की दाढ़ी को लेकर छप रही ख़बरों ने दिल्ली में भी दस्तक दे दी है. IAS अफसर की दाढ़ी में आख़िर ऐसा क्या है, जिसे लेकर ख़बरें बन रही हैं? क्या उस अधिकारी की दाढ़ी किसी ख़ास लुक की वजह से चर्चा में है या माजरा कुछ और है? दरअसल, सिर्फ़ साहब की दाढ़ी सिर्फ़ एक ख़ास वजह से सुर्ख़ियों में है. दाढ़ी रखने की वो वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
यूपी में पीतलनगरी कहलाने वाले मुरादाबाद में दिव्यांशु पटेल नगर आयुक्त हैं. आजकल उनके चेहरे पर बड़ी सी दाढ़ी नज़र आती है. ये पहले नहीं थी. पहले वो दाढ़ी नहीं रखते थे, लेकिन अब ऐसी दाढ़ी रखी है कि उसे कटवाने या छंटवाने तक का नाम नहीं ले रहे हैं. शहर की सूरत संवारते-संवारते आख़िरकार नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने अचानक अपनी दाढ़ी बढ़ानी क्यों शुरू कर दी? इसी बात की चर्चा हो रही है.
IAS दिव्यांशु पटेल की ‘दाढ़ी’ की चर्चा दिल्ली तक!
IAS अफसर दिव्यांशु पटेल की लंबी दाढ़ी वाले लुक की चर्चा अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है. लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक जब मुरादाबाद के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल की दाढ़ी और उसे रखने की ख़ास वजह मालूम हुई, तो उन्होंने कमिश्नर और नगर आयुक्त को दिल्ली बुलाकर सारा माजरा समझा. इसके आगे की कहानी भी आपके सामने आएगी. फिलहाल तो रक्षा मंत्री ने मुरादाबाद में दाढ़ी वाले IAS अफसर के जुनून की सराहना की.
सैनिकों की ख़ातिर दाढ़ी रखकर ‘धुरंधर संकल्प’ लिया
मुरादाबाद के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने शहर की सूरत और सीरत संवारने के लिए ज़मीनी स्तर पर कई बेहतर प्रयास किए हैं. उनके प्रयासों की वजह से मुरादाबाद नगर निगम को कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. शहर में नगर निगम ने बच्चों के मनोरंजन से लेकर बेहतरीन पार्क और यहां तक कि संविधान पार्क भी बनवाया है. एनिमेटेड थीम वाले पार्क, प्ले स्टेशन समेत तमाम सौग़ातों से शहर को संवारा गया है. लेकिन, जब बात सैनिकों और जांबाज़ों के सम्मान की आई, तो नगर आयुक्त ने एक भावुक संकल्प लिया. दिव्यांशु पटेल के मुताबिक उन्होंने मुरादाबाद में नगर निगम द्वारा शहर में एक डिफेंस म्यूज़ियम यानी रक्षा संग्रहालय बनाने की शपथ ली. इसे शुपथ इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने जब ‘त्रिशूल- भारतीय सैन्य संग्रहालय’ की परिकल्पना को साकार करने की रणनीति बनाई, तो इसे कार्ययोजना के बजाय संकल्प माना. इसके बाद उन्होंने ख़ुद से एक वादा किया, कि जब तक सैनिकों, शहीदों और भारत के शूरवीरों को समर्पित देश का सबसे आधुनिक रक्षा संग्रहालय नहीं तैयार करवा लेंगे, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं हटाएंगे.
दिव्यांशु पटेल के संकल्प ने सबको चौंकाया!
कुछ दिनों तक तो नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के सहयोगियों, कर्मचारियों और अधिकारियों को लगा कि उन्होंने अपना लुक चेंज करने के लिए दाढ़ी रखी है. लेकिन, जब धीरे-धीरे दाढ़ी बढ़ने लगी, तो लोगों ने आपस में चर्चा शुरू कर दी. फिर मीडिया वालों ने भी उनकी बढ़ी हुई दाढ़ी देखकर सवाल किया, तो जवाब मिला कि ये रक्षा संग्रहालय पूरा होने और उसके उद्घाटन के बाद ही हटेगी. ये जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त की दाढ़ी और उसके पीछे के संकल्प के बारे में ख़बरें छपने लगीं.
कुछ दिनों पहले नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल धुरंधर फिल्म वाले रणवीर सिंह की तरह पठानी सूट पहने नज़र आए, तो उनकी दाढ़ी और लुक को देखकर लोगों ने कहा कि ये तो धुरंधर वाला लुक है. लेकिन, इसके पीछे की असली वजह है मुरादाबाद में बनाया गया ‘त्रिशूल- भारतीय सैन्य संग्रहालय’. अपने लुक को लेकर उन्होंने मीडिया से कहा कि ये कोई फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि उनके अटूट संकल्प का अंश है. जनवरी 2026 तक वो मुरादाबाद के बहुप्रतीक्षित 'त्रिशूल- भारतीय सैन्य संग्रहालय' को तैयार करवाकर इसे शहीदों को समर्पित कर देंगे.
सैनिकों का मान और शहीदों का सम्मान है ‘त्रिशूल’
मुरादाबाद में बना त्रिशूल डिफेंस म्यूजियम सिर्फ़ शहर के लिए नहीं बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का प्रतीक है. यहां भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास टैंक और मिग विमानों समेत तमाम हथियारों और वीर गाथाओं के ज़रिये प्रदर्शित किया गया है. नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि त्रिशूल डिफेंस म्यूज़ियम यूपी ही नहीं देश का सबसे अत्याधुनिक रक्षा संग्रहालय है, यहां 1971 की जंग दिखाने के लिए पूरी ट्रेंच बनी है. इसके साथ ही यहां डोम थिएटर भी है, जहां भारत के जांबाज़ों की वीर गाथाएं भी देखी जा सकती हैं. डिफेंस म्यूजियम में एक्टिविटी सेंटर भी बना है, ताकि लोग यहां आकर सैनिकों के कठिन कर्तव्यों को महसूस कर सकें.
परमवीर चक्र विजेता खेत्रपाल को समर्पित द्वार
मुरादाबाद में तैयार किया गया त्रिशूल सैन्य संग्रहालय सैनिकों के संघर्षों और उनकी विजयगाथा का प्रतीक है. नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के मुताबिक देश के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल जी के नाम पर त्रिशूल संग्रहालय की ओर जाने वाली रोड पर एक विशाल द्वार बनाया गया है. 1 जनवरी 2026 को शहीद अरुण खेत्रपाल पर बनी फिल्म इक्कीस रिलीज़ की गई है. नगर निगम की ओर से शहीद अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर बनी फिल्म इक्कीस की स्पेशल स्क्रीनिंग भी करवाई गई थी. ये सभी प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ाए जा रहे हैं, कि लोगों के दिल में अपनी सेना और सैनिकों के प्रति समर्पण और सम्मान बढ़ता रहे.
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के मुताबिक मुरादाबाद में बने त्रिशूल डिफेंस म्यूज़ियम की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर तैयार की गई है. पीएम मोदी ने जिस तरह सेना को हर तरह से मज़बूत करने और भारत के रक्षा मोर्चों पर प्रभावी बनाने में मदद की है, उन्हीं प्रयासों को इस रक्षा संग्रहालय के माध्यम से संवारने की कोशिश की जा रही है. ये डिफेंस म्यूज़ियम खेल, प्रशिक्षण और प्रेरणा का अद्भुत संगम है. यहां त्रिशूल एडवेंचर ज़ोन बनाया गया है. यहां आकर लोग ना सिर्फ़ सैनिकों के जीवन को इतिहास, हथियारों, चित्रों और उपकरणों के ज़रिये जान सकेंगे, बल्कि उनकी तरह कठिन ट्रेनिंग वाली एक्टिविटी भी कर सकेंगे. अब मुरादाबाद के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल और उनकी पूरी टीम इस बात की कोशिश कर रही है कि जल्दी से इस अनूठे डिफेंस म्यूज़ियम त्रिशूल का भव्य और दिव्य उद्घाटन कराया जाए.