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कौन हैं ज्योत्सना सिंह, जो राजा भैया के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव? सपा के इस इशारे से मची हलचल

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इशारों ने राजनीतिक हलचल तेज़ कर दी है. प्रतापगढ़ के कुंडा में राजा भैया के खिलाफ सपा युवा महिला नेता ज्योत्सना सिंह को मैदान में उतार सकती है. ज्योत्सना सिंह पत्रकारिता में स्नातक हैं, 2016 से सपा में सक्रिय और परिवार से भी राजनीति से जुड़ी हैं. उनका नाम कुंडा या प्रतापगढ़ सदर से चुनाव लड़ने के लिए चर्चा में है, जिससे मुकाबला हाई-वोल्टेज होने की संभावना है.

कौन हैं ज्योत्सना सिंह,  जो राजा भैया के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव? सपा के इस इशारे से मची हलचल
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 6 Jan 2026 9:49 PM IST

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 भले अभी दूर हों, लेकिन सियासी अखाड़े में हलचल अभी से तेज़ हो चुकी है. समाजवादी पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है. टिकट बंटवारे को लेकर अंदरखाने मंथन चल रहा है और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अब खुले मंच पर नहीं, बल्कि इशारों-इशारों में टिकट का गेम खेलते नजर आ रहे हैं. मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने प्रतापगढ़ की राजनीति में खलबली मचा दी.

संकेत मिले कि सपा इस बार कुंडा में राजा भैया के किले को भेदने की तैयारी में है और सामने आ सकता है एक युवा महिला चेहरा- ज्योत्सना सिंह. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी सूत्रों का दावा है कि यह महज़ हवा नहीं, बल्कि सपा की सोची-समझी रणनीति है.

अखिलेश का इशारा और कुंडा की सियासत में हलचल

इन दिनों अखिलेश यादव लगातार जिलों के पदाधिकारियों और विधायकों से बैठक कर रहे हैं. मकसद साफ है- 2027 से पहले हर सीट का मिज़ाज टटोलना. इसी कड़ी में हुई ताज़ा बैठक में सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने कुंडा सीट को लेकर बड़ा संकेत दे दिया. यह पहला मौका नहीं है जब अखिलेश ने सीधे नाम न लेकर टिकट का संदेश दिया हो. इससे पहले मेहनौन सीट को लेकर भी उन्होंने एक युवा महिला नेता से साफ कहा था- “पहले SIR में नाम जुड़वाओ, तभी टिकट मिलेगा.” अब वही स्टाइल कुंडा में भी दोहराया जा रहा है.

राजा भैया के गढ़ में सपा का ‘महिला मास्टरस्ट्रोक’?

जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के मुखिया राजा भैया पिछले कई चुनावों से कुंडा में अजेय माने जाते हैं. लेकिन 2027 में सपा उनका किला हिलाने की तैयारी में है. सूत्र बताते हैं कि इस बार सपा युवा + महिला + लोकल फैक्टर को हथियार बना सकती है, और इसी फॉर्मूले में फिट बैठता है ज्योत्सना सिंह का नाम. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि ज्योत्सना सिंह कुंडा से उतरेंगी या प्रतापगढ़ सदर से, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि सपा उन्हें चुनावी मैदान में जरूर उतारने के मूड में है.

कौन हैं ज्योत्सना सिंह?

ज्योत्सना सिंह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं और क्षेत्रीय राजनीति में लगातार सक्रिय रही हैं. उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ से पत्रकारिता में स्नातक किया है. स्कूली पढ़ाई और कोचिंग कोटा के एलेन संस्थान से, वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली. साल 2022 से प्रतापगढ़ में सक्रिय राजनीतिक भूमिका में हैं. ज्योत्सना सिंह की सपा सांसद प्रिया सरोज से नजदीकी दोस्ती है और दोनों परिवारों के आपसी रिश्ते भी हैं. दोनों ही परिवार लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं.

राजनीति विरासत में मिली, मैदान में उतरने को तैयार

ज्योत्सना सिंह का राजनीतिक बैकग्राउंड भी मजबूत है. उनके पिता राजकुमार सिंह प्रतापगढ़ सदर से पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और सपा के टिकट पर नगर पालिका चुनाव लड़ चुके हैं. उनकी मां भी राजनीति में सक्रिय हैं- सदर ब्लॉक की पूर्व ब्लॉक प्रमुख, वर्तमान में सपा महिला सभा, प्रतापगढ़ की जिला अध्यक्ष यानि राजनीति ज्योत्सना के लिए नई नहीं, बल्कि विरासत का हिस्सा रही है.

2027 में कुंडा बनेगा सबसे हॉट सीट?

अगर अखिलेश यादव वाकई राजा भैया के खिलाफ ज्योत्सना सिंह को कुंडा से उतारते हैं, तो यह मुकाबला यूपी की सबसे हाई-वोल्टेज लड़ाइयों में शामिल हो सकता है. युवा चेहरा, महिला कार्ड, स्थानीय पकड़ और सपा का पूरा संगठन- कुंडा में इस बार खेल बड़ा होने वाला है. अब सबकी नजर इस सवाल पर टिकी है- क्या अखिलेश यादव राजा भैया के गढ़ में सच में ‘ज्योत्सना दांव’ खेलेंगे? इसका जवाब आने वाले दिनों में सियासत खुद देगी.

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