उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक 13 साल की बच्ची से “वर्जिनिटी सर्टिफिकेट” मांगने वाले मदरसे का मामला अब नया मोड़ ले चुका है. जिस जामिया एहसानुल बनात मदरसे पर यह घिनौना आरोप लगा था, उसने अब सफाई में चौंकाने वाला दावा किया है. मदरसे की प्रिंसिपल रहनुमा का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि बच्ची के अपने पिता से “अवैध संबंध” थे.

इसलिए उन्होंने री-एंट्री से पहले वर्जिनिटी सर्टिफिकेट की मांग की थी. अब तक इस मामले में पुलिस ने एडमिशन इंचार्ज को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, पुलिस प्रिसिंपल की तलाश में जुटी हुई है.

ये मामला दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बने एक बड़े मदरसे जामिया एहसानुल बनात इंटर कॉलेज से जुड़ा है. बताया जाता है कि इस मदरसे को अरब देशों से फंडिंग मिलती है. मदरसे का मालिक मुफ्ती अरबाब शम्सी है. उसका परिवार हैंडीक्राफ्ट का काम करता है, लेकिन मदरसे की फंडिंग से उसका नाम भी जुड़ा हुआ है. 

पिता के थे बेटी संग संबंध

मदरसे की प्रिंसिपल रहनुमा का कहना था कि उन्हें पता चला किछात्रा के अपने पिता के साथ अवैध संबंध हैं. इसलिए जब बच्ची दोबारा एडमिशन लेने आई तो मैनेजमेंट ने वर्जिन होने का सबूत मांगा. उसी के बाद उसे पढ़ाई जारी रखने दिया जाएगा. यही बात पूरे विवाद की वजह बन गई. परिवार को जब ये बात पता चली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.

पिता ने मदरसे पर लगाए गंभीर आरोप

लड़की के पिता यूसुफ ने बताया कि मदरसे के आरोप सुनने के बाद उनकी बेटी कई बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी है. उन्होंने कहा कि मदरसा न सिर्फ झूठे इल्जाम लगा रहा है बल्कि उनकी बच्ची को टीसी भी नहीं दे रहा. यूसुफ का आरोप है कि मदरसा उनके पैसे भी वापस नहीं दे रही और अब बच्ची की जिंदगी तबाह कर दी है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी मदरसे को क्या हक है कि वो बच्चियों के कैरेक्टर का सर्टिफिकेट बांटे?

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत के बाद पुलिस ने मदरसे में छापा मारा और एडमिशन इंचार्ज मौलाना शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, प्रिंसिपल रहनुमा फिलहाल फरार हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने 9 दिन पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया है, इसलिए पुलिस गिरफ्तारी से पहले कानूनी राय ले रही है.