जिस सांप ने काटा उसे जैकेट के अंदर छिपाकर अस्पताल ले आया युवक, इलाज के लिए मचाया हंगामा | VIDEO
मथुरा जिला अस्पताल उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब इमरजेंसी वार्ड में एक शख्स हाथ में जिंदा सांप लेकर इलाज कराने पहुंच गया. ये देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. यह मामला शिवाजी नगर निवासी 39 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दीपक से जुड़ा है, जिसे सांप ने डस लिया था.;
मथुरा जिला अस्पताल उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब इमरजेंसी वार्ड में एक शख्स हाथ में जिंदा सांप लेकर इलाज कराने पहुंच गया. ये देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. यह मामला शिवाजी नगर निवासी 39 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दीपक से जुड़ा है, जिसे सांप ने डस लिया था.
दीपक ने सांप को पकड़ लिया और बिना देर किए सीधे जिला अस्पताल का रुख किया. लेकिन अस्पताल पहुंचते ही हालात ऐसे बिगड़े कि इलाज से पहले ही हंगामा खड़ा हो गया.
इमरजेंसी वार्ड में जिंदा सांप देख दहशत
दीपक जब हाथ में जिंदा सांप लेकर इमरजेंसी वार्ड में दाखिल हुआ, तो वहां मौजूद लोग डर के मारे पीछे हट गए. डॉक्टरों ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अस्पताल परिसर और अन्य मरीजों की सुरक्षा का हवाला दिया और दीपक से कहा कि वह पहले सांप को बाहर सुरक्षित स्थान पर छोड़कर आए. डॉक्टरों की बात से नाराज दीपक अस्पताल के बाहर आ गया और अपना ई-रिक्शा बीच सड़क पर खड़ा कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल के सामने लंबा जाम लग गया. राहगीर उस समय और भी सहम गए, जब उन्होंने ई-रिक्शा चालक के हाथ में जिंदा सांप देखा.
युवक ने पुलिस से भी बहस
जाम खुलवाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दीपक ने रिक्शे पर बैठे-बैठे हाथ में सांप पकड़े हुए पुलिसकर्मियों से भी बहस शुरू कर दी. वह लगातार यही कहता रहा कि डॉक्टर उसका इलाज नहीं कर रहे हैं, तो वह क्या करे? उसने जिद पकड़ ली कि पहले उसे इंजेक्शन लगाया जाए, तभी वह रास्ता छोड़ेगा.
काफी मशक्कत के बाद सुलझा मामला
इस पूरे ड्रामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक दीपक को समझाने का प्रयास किया. आखिरकार पुलिस के दबाव और समझाइश के बाद दीपक ने सांप को एक डिब्बे में बंद किया और दोबारा अस्पताल के भीतर गया. अस्पताल के अंदर पहुंचते ही डॉक्टर ने दीपक को तत्काल एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगाया. प्राथमिक उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और वह अस्पताल से रवाना हो गया.
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने पूरे मामले पर स्पष्ट किया "मरीज अपने साथ एक जिंदा सांप लाया था, जिससे अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों को उसके डसने का खतरा था. इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से मरीज को पहले सांप को किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए कहा गया था."