Train से उतरे और Chill Mode ऑन! 100 रुपये से कम में रेलवे की नई सुविधा, जानें कहां शुरू हुई
लंबी ट्रेन यात्रा के बाद यात्रियों की थकान दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने एक नई और अनोखी सुविधा की शुरुआत की है. अब स्टेशन पर उतरते ही यात्रियों को सिर्फ 99 रुपये में फुल बॉडी मसाज का लाभ मिलेगा. हाई-टेक मसाज चेयर्स के जरिए पीठ दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और तनाव से तुरंत राहत मिल सकेगी. यह सुविधा फिलहाल मुंबई के एक प्रमुख रेलवे स्टेशन पर शुरू की गई है और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर इसे अन्य बड़े स्टेशनों तक विस्तार देने की योजना है. यह कदम रेलवे को अधिक यात्री-हितैषी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
लंबी ट्रेन यात्रा के बाद शरीर टूट-सा जाता है और कई यात्रियों को कमर, गर्दन व पैरों में दर्द की शिकायत रहने लगती है. ऐसे में अब रेलवे ने यात्रियों की परेशानी को समझते हुए एक अनोखी और राहत देने वाली पहल की है. अब ट्रेन से उतरते ही यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही फुल बॉडी मसाज की सुविधा मिलेगी. खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए जेब पर भारी बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसकी कीमत सिर्फ 99 रुपये रखी गई है. यह पहल यात्रा के अनुभव को पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
रेलवे स्टेशन पर लगाए गए हाई-टेक मसाज चेयर्स कुछ ही मिनटों में शरीर की थकान कम करने में मदद करते हैं. ये चेयर्स पीठ दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और सफर से पैदा हुए तनाव को टारगेट करती हैं. यात्री अपनी सुविधा के अनुसार कुछ मिनट का सेशन चुन सकते हैं और तुरंत तरोताजा महसूस कर सकते हैं. कम समय और कम खर्च में मिलने वाली यह सुविधा खासतौर पर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है.
भारत में कहां शुरू हुई यह अनोखी सुविधा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सुविधा फिलहाल मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर शुरू की गई है. मध्य रेलवे ने यहां यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस रिलैक्सेशन जोन की शुरुआत की है. मुंबई जैसे व्यस्त शहर में, जहां रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं, यह कदम काफी अहम माना जा रहा है. यहां उतरते ही यात्री बिना स्टेशन से बाहर जाए आराम का अनुभव ले सकते हैं.
‘क्विक रेस्ट’ के साथ साझेदारी
मध्य रेलवे ने यह सुविधा ‘क्विक रेस्ट’ नामक कंपनी के सहयोग से शुरू की है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह रिलैक्स जोन पूरी तरह स्वच्छ, सुरक्षित और शांत वातावरण में बनाया गया है. यहां यात्रियों की गोपनीयता और आराम दोनों का ध्यान रखा गया है. स्टेशन की भागदौड़ और शोर-शराबे के बीच यह जगह यात्रियों को कुछ पल सुकून देने का काम करती है.
यात्रियों के लिए क्यों है यह कदम खास?
लंबे सफर के बाद अक्सर यात्रियों को तुरंत किसी मीटिंग, होटल या दूसरी ट्रेन पकड़नी होती है. ऐसे में स्टेशन पर ही थकान दूर करने का विकल्प मिलना किसी ‘वरदान’ से कम नहीं है. कम कीमत होने की वजह से यह सुविधा आम यात्रियों की पहुंच में भी है. इससे रेलवे की छवि एक यात्री-हितैषी संस्था के रूप में और मजबूत होती है.
आगे और स्टेशनों तक पहुंचेगी सुविधा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है. अगर यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है, तो इसे देश के अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा. इस पहल से स्टेशन सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि आराम का केंद्र भी बनेंगे. आने वाले समय में रेलवे यात्रियों के सफर को और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में ऐसे कई नए कदम उठा सकता है.





