लखनऊ से पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों का दुबई कनेक्शन उजागर, आकिब खान मास्टरमाइंड; बिजनौर पुलिस की पुरानी क्लीनचिट पर उठे सवाल
लखनऊ से पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों का दुबई कनेक्शन उजागर हुआ है. आकिब खान मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसके बाद बिजनौर पुलिस की पुरानी क्लीनचिट पर सवाल उठ रहे हैं.
लखनऊ आतंकी साजिश का दुबई कनेक्शन उजागर
Lucknow Terror Plot Dubai Link, Aqib Khan Named Mastermind: यूपी की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार चार संदिग्ध आरोपियों को यूपी एटीएस ने पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क नोएडा और आसपास के इलाकों में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था. बताया जा रहा है कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा आकिब खान है, जिसने हाल ही में एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया और वायरल वीडियो में दिखाई गई AK-47 को नकली करार दिया.
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के छपरौला निवासी लोकेश और बुलंदशहर के विकास फरवरी में नौकरी के बहाने मुंबई गए थे, जहां उन्हें आगजनी की घटना को अंजाम देने के बदले एक लाख रुपये देने का वादा किया गया था. हालांकि, वे इसमें सफल नहीं हो सके और वापस लौट आए. इसके बाद उन्हें दिल्ली-एनसीआर में रेकी करने और छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो भेजने का टास्क दिया गया, जिसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपये मिलते थे.
जांच में क्या सामने आया?
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को बाद में गुरदासपुर भेजा गया, जहां उन्हें हथियारों की डिलीवरी का जिम्मा सौंपा गया. एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या हथियारों की सप्लाई की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हो सकते हैं.
बिजनौर को लेकर क्या खुलासा हुआ?
इस बीच इस पूरे मामले में बिजनौर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, पिछले साल दुबई में बैठे आकिब खान को स्थानीय पुलिस ने एक वायरल वीडियो मामले में क्लीनचिट दे दी थी. उस वीडियो में AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाए गए थे, जिन्हें जांच के दौरान खिलौना और परफ्यूम की बोतल बताकर मामला बंद कर दिया गया था.
पुलिस पर सवाल उठने के बाद कार्रवाई हुई?
अब एटीएस की ताजा जांच में आकिब का नाम सामने आने के बाद पुलिस की उस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले में लापरवाही बरतने पर बिजनौर एसपी अभिषेक झा ने तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया है, जबकि नजीबाबाद के सीओ नितेश प्रताप सिंह को हटा दिया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि आकिब सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ता था. उसके तीन इंस्टाग्राम अकाउंट थे, जिन पर हजारों फॉलोअर्स थे और वहां धार्मिक भाषण, हथियारों की तस्वीरें और धमकी भरे वीडियो पोस्ट किए जाते थे.
एटीएस ने किन आरोपियों को गिया गिरफ्तार?
एटीएस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित शामिल हैं. ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की साजिश रचने के इरादे से पहुंचे थे. जांच एजेंसियां अब इनके फंडिंग नेटवर्क, अन्य संपर्कों और देशभर में फैले संभावित मॉड्यूल की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
फिलहाल एटीएस की पूछताछ में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय होकर बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था.