बच्चियों की मौत कैसे हुई, उनके फोन क्यों छीने? पिता ने हर सवाल का दिया जवाब- जानें गाजियाबाद केस में अब तक क्या-क्या पता चला
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड केस में पिता चेतन कुमार ने कहा कि उन्होंने बेटियों की आंखें सूजने पर उनके फोन छीने थे. पुलिस को अब तक किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं.;
Ghaziabad Three Sisters Suicide Case: गाजियाबाद के हाई-राइज अपार्टमेंट से तीन सगी बहनों के सुसाइड मामले में पिता चेतन कुमार का बयान सामने आया है. उन्होंने इस घटना को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बताते हुए कहा कि वह अपनी बेटियों से बहुत प्यार करते थे और उन्हें हमेशा दुलारते रहे. चेतन कुमार के मुताबिक, उन्हें इस दर्दनाक घटना की जानकारी तब मिली, जब उनकी पत्नी ने देखा कि तीनों बच्चियों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा है. कुछ देर बाद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो शक गहराया और फिर जो सामने आया, उसने पूरे परिवार को तोड़ दिया.
मृत बच्चियों की पहचान निशिका (16), प्राची (14) और पाकी (12) के रूप में हुई है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों ने कथित तौर पर एक के बाद एक खिड़की से छलांग लगाई.
पिता ने क्या कहा?
पिता चेतन कुमार ने बताया कि उनकी बेटियां कोरियन ड्रामा, गेम्स और रील्स देखने की आदी हो गई थीं. उन्होंने कहा, “मैं अपने बच्चों को बहुत लाड़-प्यार करता था. उनकी आंखें सूज गई थीं, इसलिए मैंने उनके फोन छीन लिए. वे इस बात से नाराज थीं. क्या बच्चे से फोन छीनना गुनाह है? मैंने यह उनकी सेहत के लिए किया था.”
पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में किसी साजिश या जबरदस्ती के संकेत नहीं मिले हैं. साइबर क्राइम टीम बच्चियों के मोबाइल फोन को IMEI नंबर के जरिए ट्रेस करने की कोशिश कर रही है, ताकि कोरियन ऐप्स और गेम्स से जुड़ा डेटा निकाला जा सके.
चेतन कुमार के बारे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को परिवार की काफी जटिल पारिवारिक संरचना के बारे में भी पता चला है. चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं- सुजाता, हीना और टीना, जो आपस में सगी बहनें हैं. सबसे बड़ी बेटी निशिका सुजाता की संतान हैं, जबकि प्राची और पाकी हीना की बेटियां थीं. इस केस ने चेतन के अतीत को भी फिर से चर्चा में ला दिया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी एक पूर्व लिव-इन पार्टनर की 2015 में मौत हुई थी, जिसे उस समय आत्महत्या माना गया था.
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों के मुताबिक, कोविड महामारी के बाद से परिवार आर्थिक तंगी और कर्ज से जूझ रहा था. जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बच्चियां अपनी मां से ज्यादा इमोशनल रूप से पिता से जुड़ी हुई थीं. यही वजह है कि कमरे से मिला सुसाइड नोट और 9 पन्नों की डायरी सिर्फ पिता को संबोधित थी. डायरी में अकेलापन, मानसिक तनाव और कोरियन संस्कृति के प्रति गहरा लगाव झलकता है.
नाना ने की कोरियन गेम्स पर बैन लगाने की मांग
इस बीच बच्चियों के नाना ने सरकार से कोरियन टास्क-बेस्ड गेम्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसे ऐप्स बच्चों को मानसिक रूप से तोड़ रहे हैं और उन्हें गलत कदम उठाने पर मजबूर कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं सरकार से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि इन गेम्स पर रोक लगे, ताकि आगे किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े.”