योगी के मंत्री को बंधक बनाने वाला विधायक कौन? सफाई में क्या बोले स्वतंत्र देव सिंह, जानिए पूरा विवाद

उत्तर प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ी हलचल देखने को मिली! योगी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने ग्राम प्रधानों के साथ बंधक बना लिया. ऐसा करने वाले बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत कौन हैं? क्या है सड़क-पानी को लेकर उठा विवाद और क्यों पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी सबके सामने आई.;

उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को कुछ देर के लिए बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने बंधक बना लिया. विधायक ने करीब 100 ग्राम प्रधानों और अपने समर्थकों के साथ ऐसा किया. इस घटना के बाद से यह मसला सिर्फ सड़क और पानी का नहीं रहा, बल्कि इस घटना ने बीजेपी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी को भी उजागर कर दिया है. सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सत्ता में रहते हुए सड़क पर विरोध करना पड़ा? और क्या यह टकराव आने वाले दिनों में पार्टी के लिए नया सिरदर्द बनेगा?

दरअसल, महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने रोक दिया. जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया. नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई. मंत्री को सफाई देनी पड़ी. इस घटना ने सत्ता के भीतर असंतोष उजागर किया.

इस घटना का वीडियो वायसरल होने केबाद अखिलेश यादव के तंज पर स्वतंत्र देव सिंह ने एक्स पर लिखा, "मुझे गर्व है कि मैं भी ABVP का कार्यकर्ता रहा हूं, कठोर परिश्रम और अनुशासन ये मैंने विद्यार्थी परिषद से सीखा है. आज जनपद महोबा में विश्व के सबसे बड़े एवं शक्तिशाली छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित ‘युवा उद्घोष’ कार्यक्रम को संबोधित किया."

कहीं कोई लापरवाही दिखी तो कार्रवाई करूंगा

स्वतंत्र देव सिंह एक वायरल वीडियो में यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि अगर कहीं जल-जीवन मिशन के तहत पानी नहीं पहुंच रहा या सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, तो वे खुद ग्रामीणों के बीच जाकर समस्या का समाधान करेंगे.

उन्होंने विधायक से कहा, “आप मुझे किसी भी गांव का नाम बताइए जहां पानी की समस्या है, मैं वहीं जाऊंगा. मैं, उस स्थिति को खुद देखूंगा और आवश्यक कार्रवाई करूंगा.” “यदि कोई अधिकारी काम नहीं कर रहा है, तो उसकी निलंबन तक की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.”

विवाद की वजह क्या?

उत्तर प्रदेश के महोबा में BJP के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा जिले के दौरे पर थे, जहां वे एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लौट रहे थे उसी दौरान चरखारी से BJP विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों और करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मंत्री का काफिला बीच सड़क रोक दिया. विधायक ने मुख्य रूप से गांवों में पानी की किल्लत, बदहाल सड़कों और ‘जल जीवन मिशन’ के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने को लेकर विरोध जताया.

विधायक ने उठाया पानी और सड़क का मुद्दा

बीजेपी विधायक बृजभूषण ने मंत्री का काफिला रोकने के बार उन पर आरोप लगाया कि कई गांवों में पीने का पानी सही ढंग से नहीं पहुंच रहा है. ‘हर घर जल’ योजना के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं हुई. इससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारियों ने कार्य पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के लिए किया जा रहा है. ताकि इसे सही तरीके से लागू किया जा सके.

मंत्री और विधायक की आमने-सामने बातचीत

जब मंत्री का काफिला रुका, तो स्वतंत्र देव सिंह ने खुद गाड़ी से उतरकर विधायक से बातचीत की. मंत्री ने कहा कि वे शिकायतों को सुनने के लिए तैयार हैं और प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे. आवश्यक कार्रवाई करेंगे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाए जा सकते हैं. बाद में दोनों जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां ग्राम प्रधानों और अधिकारियों के साथ बैठक की.

झड़प और नारेबाजी भी हुई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विरोध के दौरान बृजभूषण के समर्थकों और सुरक्षा/पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी भी हुई. यह नजारा पार्टी के भीतर अंतरकलह का संकेत है.

विपक्ष ने बताया डबल इंजन के कोचों में टकराव

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने इस घटना का तंज कसते हुए कहा कि यह BJP सरकार के ‘डबल इंजन’ वाले मॉडल में भी असंतोष और टकराव का संकेत है, और उसको 'कोचों के टकराव' वाली स्थिति के रूप में पेश किया.

क्या हैं इसके सियासी मायने?

यह विवाद सिर्फ एक स्थानीय समस्या का विरोध नहीं रहा; इसके कारण पार्टी के भीतर कार्यनीति और प्राथमिकताओं पर मतभेद की झलक मिली है. एक ही सरकार के मंत्री और विधायक के बीच सार्वजनिक टकराव से विरोधी दलों को BJP पर निशाना लगाने का मौका मिला. इस घटना ने सिस्टम की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं.

महोबा में बृजभूषण राजपूत द्वारा स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोककर सड़क तथा पानी की समस्याओं को उजागर करना पार्टी के भीतर विचारधारात्मक और कार्यान्वयन से जुड़े मतभेदों को भी सामने लाकर रख दिया है. इससे BJP के एकजुट नेतृत्व की भी छवि पर भी सवाल उठे हैं.

फिर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को बृजभूषण राजपूत द्वारा रोकना सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि सरकार के भीतर उभरती असहजता का बड़ा संकेत है.

कौन हैं बृजभूषण राजपूत?

बृजभूषण राजपूत उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं. वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय नेता के रूप में जाने जाते हैं और अपने क्षेत्र में विकास, जल आपूर्ति तथा सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर चर्चा में रहते हैं. पहली बार 2017 में विधायक चुने गए और बाद में 2022 में दूसरी बार 18वीं विधानसभा के लिए जीत दर्ज की. वह अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता की समस्याओं, सड़क और पानी जैसी समस्याओं को सामने लाने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं.

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