BHU कैंपस बना जंग का अखाड़ा! किस बात को लेकर छात्रों के बीच हिंसक झड़प, देखें पत्थरबाजी के Video

बीएचयू कैंपस एक बार फिर हिंसा की वजह से चर्चा में है. बिरला और रुइया हॉस्टल के छात्रों के बीच पुराने विवाद ने गुरुवार शाम हिंसक रूप ले लिया. मारपीट के बाद दोनों ओर से पथराव हुआ, जिसमें कई छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हुए. हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाया गया. पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की पहचान और कार्रवाई शुरू कर दी है.;

( Image Source:  @SachinGuptaUP- X )

वाराणसी स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) परिसर में एक बार फिर छात्र गुटों के बीच बवाल देखने को मिला. बिरला और रुइया छात्रावास के छात्रों के बीच पुरानी कहासुनी ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों हॉस्टलों के छात्र आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और जमकर पथराव हुआ, जिसमें एक छात्र घायल हो गया.पत्थरबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में देखा जा सकता है कि किस प्रकार बवाल मचा हुआ है.

घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई. हालात को काबू में करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों हॉस्टलों के आसपास मोर्चा संभाला और एहतियातन तलाशी अभियान भी शुरू किया गया. घायल छात्र को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

पुलिस के मुताबिक, विवाद की जड़ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान दो हॉस्टलों के छात्रों के बीच हुआ एक पुराना झगड़ा है, जो अब फिर से उभर आया. मामले की जानकारी देते हुए वाराणसी के डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि बिरला और रुइया हॉस्टल के छात्रों के गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर टकराव हुआ था.

उन्होंने कहा कि 'पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया. एक छात्र घायल हुआ है, जिसने अपने बयान में कुछ पूर्व छात्रों के नाम बताए हैं, जो अनाधिकृत रूप से हॉस्टल में रह रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.' फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन परिसर में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन सतर्क नजर बनाए हुए है. 

मामले पर अब तक क्या हुआ?

लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के अनुसार, बीएचयू के संस्कृत विभाग में एमए द्वितीय वर्ष के छात्र पीयूष तिवारी (निवासी छित्तूपुर, मूल निवासी रोहतास) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. तहरीर में दर्शित पांडेय, इतिहास के शोध छात्र श्वेताभ और अरुण, बीए के छात्र शशांक सिंह, रोशन मिश्रा, विश्वजीत यादव सहित 30–40 अज्ञात लोगों के नाम शामिल हैं. आरोपियों पर बलवा, मारपीट, धमकी समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

छात्रों के हंगामे के दौरान नवनियुक्त चीफ प्रॉक्टर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह हेलमेट पहनकर और हाथ में डंडा लिए छात्रों को समझाने के लिए आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं. हालांकि मौके पर मौजूद अनुभवी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया. हालात शांत होने के बाद चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि तीनों हॉस्टलों से बाहरी लोगों को बाहर निकाल दिया गया है. खुले कमरों की जांच कराई जा रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, गुरुवार शाम रुइया हॉस्टल में रहने वाले पीजी छात्र पीयूष तिवारी के साथ बिरला हॉस्टल के कुछ छात्रों ने मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई. प्रॉक्टोरियल स्टाफ और छात्रों ने किसी तरह मामला शांत कराया, लेकिन इसके बाद स्थिति बिगड़ गई. बिरला ए और सी ब्लॉक के कई छात्र चेहरे ढंककर लाठी-डंडों के साथ बाहर निकले और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने जब छात्रों को खदेड़ा, तो रुइया छात्रावास से भी सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए और पत्थरबाजी करने लगे. हालात काबू से बाहर होते देख कई थानों की फोर्स, पीएसी, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीसीपी सरवणन टी. मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया. इस दौरान हुई मारपीट और पथराव में कई छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हुए.

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