हसीनाओं की फर्जी तस्वीर, खाली अकाउंट और बदनामी का डर, पुलिस ने राजस्थान एस्कॉर्ट सर्विस SCAM का किया खुलासा

ऑनलाइन दुनिया में एक क्लिक इंसान को कहीं भी ले जा सकता है. कई बार यही क्लिक सीधे ठगी के जाल में फंसा देता है. राजस्थान में ऐसा ही एक एस्कॉर्ट सर्विस SCAM सामने आया है, जहां हसीन लड़कियों की फर्जी तस्वीरें दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा था. ऑनलाइन ठगी रैकेट के संचालक लालच, अकेलापन और शर्म तीनों का फायदा उठाकर लोगों की जेब ढीली कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते इस खेल से उठा दिया पर्दा.;

राजस्थान में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है. सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर हसीन युवतियों की फर्जी तस्वीरें डालकर लोगों को फंसाया जा रहा था. जैसे ही ग्राहक संपर्क करता, उससे रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी और एडवांस के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते. जयपुर पुलिस की दबिश में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह गंदा खेल सामने आया है. जानिए पूरा मामला, ठगी का तरीका और कैसे आप ऐसे स्कैम से बच सकते हैं.

कैसे शुरू होता था ठगी का खेल?

राजस्थान की राजधानी जयपुर की चौमूं थाना क्षेत्र में ठग सोशल मीडिया, वेबसाइट और मैसेजिंग ऐप्स पर एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन डालते थे. इन विज्ञापनों में इस्तेमाल की जाती थीं विदेशी और मॉडल्स जैसी दिखने वाली लड़कियों की तस्वीरें, जो पूरी तरह फर्जी थीं. जैसे ही कोई व्यक्ति दिए गए नंबर पर कॉल करता, ठग बेहद प्रोफेशनल अंदाज में बात करते. पहले भरोसा जीतते, फिर कहते रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी और बुकिंग चार्ज मांगते थे. पैसे ट्रांसफर होते ही नंबर बंद हो जाता है. उसके बाद हसीनाओं से मौज करने  के लिए पैसा लुटाने वाले लोगों के हाथ कुछ नहीं लगता था.

शर्म और बदनामी की डर से चुप रहते थे पीड़ित

राजस्थान के ऑनलाइन ठगी रैकेट के इस गिरोह का सबसे बड़ा हथियार था पीड़ितों की चुप्पी. लोग बदनामी के डर से पुलिस के पास नहीं जाते थे, जिससे ठग और बेखौफ हो जाते थे.

 पुलिस की प्लानिंग और दबिश

इस फर्जी गिरोह के बारे में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राजस्थान जयपुर की चौमूं थाना पुलिस ने पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई. दबिश के दौरान दो ठग गिरफ्तार किए गए और मोबाइल, सिम कार्ड व बैंक डिटेल्स बरामद हुईं.

पुलिस ने साफ कहा कि ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस के 90 फीसदी विज्ञापन फर्जी होते हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक, नंबर या एडवांस पेमेंट से बचें. न ही कोई संपर्क रखें.

कई शिकायतों के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

राजस्थान की राजधानी जयपुर की चौमूं थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो हसीनों की फर्जी तस्वीरें दिखाकर आपकी जेब साफ कर रहा था. पुलिस ने एक फ्लैट पर दबिश देकर दो ठगों को गिरफ्तार किया है, जो डिजिटल दुनिया में ठगी का मायाजाल बुनकर बैठे थे.  पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेन्द्र कुमार यादव और अंकित गलेत के रूप में हुई है. पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया.

फर्जीवाड़े के आरोपी यूट्यूब (YouTube) पर वीडियो देखकर ठगी करने का 'प्रोफेशनल' तरीका सीखा था. इन्होंने 'Call Girls Schloka' नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई और उस पर अपने मोबाइल नंबर अपलोड कर दिए. पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम हनुमान प्रसाद मीणा के अनुसार इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था. ये लोग सबसे पहले अश्लील तस्वीरों का जाल बिछाते थे और नीचे अपना नंबर छोड़ देते थे. जैसे ही कोई व्यक्ति वेबसाइट पर दिए नंबर पर संपर्क करता, आरोपी उसे सोशल मीडिया से चुराई गई 10-12 सुंदर लड़कियों की अश्लील तस्वीरें भेजते.

बाहरी लोग थे सॉफ्ट टारगेट

जयपुर पुलिस के मुताबिक आरोपी मुख्य रूप से राजस्थान के बाहर (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि) के लोगों को अपना निशाना बनाते थे. इनका मानना था कि बदनामी के डर से और दूरी की वजह से दूसरे राज्य के लोग पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे.

आरोपियों ने यहां बनाया था ठगी का अड्डा

जयपुर पुलिस के मुताबिक कचोलिया रोड स्थित मयंक एन्क्लेव के एक फ्लैट में चल रहे इस काले धंधे की भनक पुलिस को मुखबिर से लगी. सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) उषा यादव के सुपरविजन में टीम ने जब रेड मारी, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई. पुलिस ने मौके से 7 हाई-टेक मोबाइल फोन, क्यूआर कोड स्कैनर, फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड, लाखों की ठगी के डिजिटल दस्तावेज बरामद किए.

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