सोने का घड़ा नहीं सिल्वर का बर्तन, आखिर क्या सोचकर मुकेश और अभिषेक ने खेत में दबाया था; हुआ बड़ा खुलासा
Fake Gold Pot: टोंक जिले में 4 दिन पहले एक खेत में खुदाई के दौरान एक भारी घड़ा मिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी. शुरुआती सूचना के अनुसार, घड़े का वजन डेढ़ सौ किलो के आसपास था और इसके अंदर सोने-चांदी होने की चर्चा ने सैकड़ों की भीड़ को वहां खींच लिया था.
Fake Gold Pot: टोंक जिले में 4 दिन पहले एक खेत में खुदाई के दौरान एक भारी घड़ा मिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी. शुरुआती सूचना के अनुसार, घड़े का वजन डेढ़ सौ किलो के आसपास था और इसके अंदर सोने-चांदी होने की चर्चा ने सैकड़ों की भीड़ को वहां खींच लिया था. भीड़ ने घड़ा लूटने के लिए मारामारी शुरू कर दी, जिसे प्रशासन ने काबू में कर ट्रेजरी ऑफिस में सुरक्षित रखवाया.
लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई असली खजाना नहीं था. घड़े में रखी गई सोने की ईंटें और कुछ जेवर नकली निकले. जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल के पीछे दो युवक मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा थे, जो लोगों को सोने का लालच देकर ठगते थे.
नकली खजाने का खेल
पुलिस के मुताबिक, घड़े में रखी सोने की ईंटें और बिस्किट जैसी वस्तुएं असल में पीतल और तांबे की बनी हुई थीं. आरोपी इन पर सोने की परत चढ़ाते थे और लोगों को जमीन में दबा खजाना होने का भ्रम देते थे.
ASI राजेंद्र सिंह ने बताया "पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई खजाना नहीं था. दोनों आरोपियों ने लोगों को ठगने के लिए पहले से नकली वस्तुएं जमीन में दबाई थी. दोनों के पास से 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना बरामद हुआ है."
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा को गिरफ्तार किया. सूचना के मुताबिक वे लोगों को तंत्र-मंत्र और जादू-टोना का बहाना देकर जमीन में दबे खजाने की तलाश का दावा करते और फिर नकली सोने के लालच में उन्हें ठगते थे.
ASI राजेंद्र सिंह ने बताया कि "4 जनवरी की रात 11:25 बजे हमें मुखबिर से सूचना मिली कि जयपुर से टोंक जाने वाली सड़क की निर्माणाधीन सर्विस रोड पर एक कार में दो युवक नकली सोना बेचने के लिए बैठे हैं। हमारी टीम ने उन्हें पकड़ लिया." प्रशासन ने तुरंत घड़े को कब्जे में लेकर ट्रेजरी ऑफिस में सुरक्षित करवा दिया. आरोपी अब न्यायालय में पेश किए जाएंगे.





