पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूप विवाद के बीच इस्तीफा देने वाले डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी कौन? AAP को लगा बड़ा झटका

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता स्वरूप विवाद के बीच बंगा से AAP विधायक डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी ने कैबिनेट रैंक और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े धार्मिक स्थल को राजनीति से दूर रखना चाहते हैं और सच सामने लाने के लिए यह फैसला लिया है. उनके इस्तीफे से AAP को दोआबा में बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है.;

( Image Source:  Sukhwinder Singh Sukhi Facebook )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 18 Jan 2026 6:33 PM IST

Who is Sukhwinder Singh Sukhi, Guru Granth Sahib 328 missing saroops controversy: पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता स्वरूपों को लेकर जारी सियासी और धार्मिक विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) को दोआबा क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है. बंगा से AAP विधायक डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी ने आज अपने कैबिनेट रैंक और पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.

डॉ. सुखी ने यह घोषणा फेसबुक पोस्ट के ज़रिए सार्वजनिक रूप से की. उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया था कि लापता 328 स्वरूपों में से 169 स्वरूप बंगा के नवांशहर स्थित एक धार्मिक स्थल से बरामद किए गए हैं.

“यह मेरे लिए राजनीति की जगह नहीं है”

इस्तीफे की घोषणा करते हुए डॉ. सुखी रसोखाना श्री नाभ कंवल राजा साहिब धार्मिक स्थल पर मौजूद थे, जो इस पूरे विवाद का केंद्र बना हुआ है. उन्होंने कहा, “यह स्थान मेरे लिए राजनीति का नहीं है. मैं राज्य सरकार द्वारा दिए गए कैबिनेट मंत्री के दर्जे और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से इस्तीफा देता हूं. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मुझे इतनी शक्ति दे कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP नेतृत्व के सामने सच्चाई रख सकूं और इस मुद्दे को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकूं.”

धार्मिक स्थल पर उठे सवालों से आहत हैं श्रद्धालु

डॉ. सुखी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस धार्मिक स्थल पर सिख मर्यादा के उल्लंघन का कोई मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि वे लगातार यहां मत्था टेकने आ रहे हैं और हाल के दिनों में इस स्थल को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उससे यहां की संगत को गहरी ठेस पहुंची है.

सुखी ने कहा, “यहां श्री अखंड पाठ साहिब या स्वरूपों को लेकर जो संदेह फैलाए जा रहे हैं, उससे संगत आहत है. मैं भी इसी संगत का हिस्सा हूं. यह मेरे लिए आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं.” उन्होंने यह भी बताया कि FIR दर्ज होने वाली रात भी वे यहां मौजूद थे और आज भी सिर्फ अरदास करने आए हैं कि सच सामने आए और झूठ फैलाने वालों के मन में ईश्वर भय पैदा करे.

सियासी सरगर्मी का केंद्र बना रसोखाना दरबार

गौरतलब है कि श्री नाभ कंवल राजा साहिब दरबार, जिसे रसोखाना या दरबार साहिब भी कहा जाता है, पिछले कई दिनों से राजनीतिक और जांच एजेंसियों की गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है. SIT लगातार जांच कर रही है. शिरोमणि अकाली दल (SAD), कांग्रेस और AAP के कई नेता यहां पहुंच चुके हैं.

कौन हैं डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी?

डॉ. सुखविंदर सिंह सुखी का राजनीतिक सफर काफ़ी लंबा रहा है. वे पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) से विधायक रह चुके हैं. इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (BSP) में भी काम किया. अगस्त 2024 में उन्होंने AAP जॉइन की थी. दोआबा क्षेत्र में उनकी पहचान एक प्रभावशाली नेता के रूप में रही है. 

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