हमें चुटकुले सुनाते थे, सुबह 11 बजे आती थी शराब की बू, पंजाब में राहुल गांधी ने सुनाई भगवंत मान की कौन सी कहानी
| संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने भगवंत मान पर निशाना साधा. दावा किया कि लोकसभा में सुबह 11 बजे उनके मुंह से शराब की बदबू आती थी.
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को पंजाब में आयोजित ‘इंसाफ रैली’ के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में नशे की समस्या को लेकर मान सरकार के दावों पर सवाल उठाए. राहुल ने आरोप लगाया कि पंजाब में चिट्टा और दूसरे नशीले पदार्थों का कारोबार अब भी बड़ी समस्या बना हुआ है, जबकि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले इसे खत्म करने का वादा किया था.
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब के लोगों से जब उन्होंने राज्य की सबसे बड़ी समस्या के बारे में पूछा तो सभी ने नशे का नाम लिया. उनके मुताबिक, चिट्टा, सिंथेटिक ड्रग्स और दवाओं के जरिए होने वाला नशा राज्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है.
भगवंत मान पर राहुल गांधी की निजी टिप्पणी, संसद के दिनों का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की. उन्होंने संसद में साथ बिताए दिनों का जिक्र करते हुए दावा किया कि मान सुबह 11 बजे भी शराब की गंध के साथ आते थे. राहुल ने कहा, “लोकसभा में वह हमारे साथ बैठकर मजाक किया करते थे. सुबह 11 बजे उनके पास से शराब की गंध आती थी. मैं यह नहीं कह रहा कि भगवंत मान को शराब नहीं पीनी चाहिए, यह उनका निजी मामला है. लेकिन अगर आपको नशे के खिलाफ लड़ना है तो मुख्यमंत्री हर शाम नशे में नहीं रह सकता.”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि पंजाब के लोगों ने आम आदमी पार्टी और भगवंत मान पर भरोसा करके उन्हें सत्ता सौंपी थी. पार्टी ने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद राज्य से नशे का कारोबार खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार पंजाब के किस हिस्से से नशे को खत्म करने में सफल रही है? राहुल ने कहा कि पंजाब को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो नशे की वजह से परिवारों को होने वाली तकलीफ को समझे और इस समस्या के खिलाफ गंभीरता से लड़ाई लड़े.
‘पंजाब की सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है’
राहुल गांधी ने भगवंत मान सरकार पर दिल्ली के नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पंजाब के फैसले पंजाब की जमीन से लिए जाने चाहिए, न कि दिल्ली में बैठे नेताओं के दखल से. राहुल के मुताबिक, राज्य की सरकार की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के हाथों में है, जबकि भगवंत मान के पास वास्तविक अधिकार नहीं हैं.
उन्होंने कहा, “हम पंजाब की सरकार पंजाब की जमीन से चलाएंगे. इसमें न तो गृह मंत्री का दखल होगा और न ही दिल्ली के किसी पूर्व मुख्यमंत्री का.” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब में रोजगार और नशामुक्ति जैसे मुद्दों पर सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर पाई है. उन्होंने लोगों से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की.
सिद्धू मूसेवाला को याद कर भावुक हुए राहुल गांधी
रैली में राहुल गांधी ने दिवंगत पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले मूसेवाला उनसे मिलने उनके कार्यालय आए थे. उस समय राहुल उन्हें व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानते थे, लेकिन पहली मुलाकात में ही वह उन्हें प्रभावशाली लगे थे.
राहुल ने कहा कि मूसेवाला राजनीति में नए थे और वह चाहते थे कि उन्हें पार्टी में सहज महसूस कराया जाए. उन्होंने उन्हें पंजाब के सबसे प्रतिभाशाली गायकों में से एक बताते हुए कहा कि संगीत के साथ-साथ राजनीति में भी वह अपनी पहचान बना सकते थे. राहुल के मुताबिक, बाद में उन्होंने मूसेवाला के गाने सुने और समझा कि किस तरह वह अपने संगीत के जरिए पंजाब की आवाज को लोगों तक पहुंचाते थे.
उन्होंने मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा हटा दी गई थी और एक दिन सरेआम उनकी हत्या कर दी गई. राहुल ने बताया कि बाद में जब वह मूसेवाला के घर गए तो उनके पिता बलकौर सिंह ने बेटे को खोने का दर्द बयां किया था. राहुल ने कहा कि अपने बेटे की मौत देखने से बड़ा दुख किसी पिता के लिए नहीं हो सकता. गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रैली में उनके पिता बलकौर सिंह भी मौजूद थे.
पीएम मोदी को फिर दी बहस की चुनौती, संसद में माइक बंद करने का आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खुली बहस की चुनौती दोहराई. उन्होंने बीजेपी की ओर से कांग्रेस को देशविरोधी बताए जाने वाले आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके साथ कहीं भी बैठकर इस मुद्दे पर बहस कर सकते हैं.
राहुल ने कहा, “कहीं भी आइए, मेरे साथ बैठिए और बहस कीजिए.”
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में जब वह सरकार से सवाल पूछते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता और उनका माइक बंद कर दिया जाता है. राहुल ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा की बात तो करती है, लेकिन विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं देती. उनका यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने विशेष संसद सत्र बुलाकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चर्चा कराने की चुनौती दी थी.
रैली में कांग्रेस के कई बड़े नेता रहे मौजूद
‘इंसाफ रैली’ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इनके अलावा प्रताप सिंह बाजवा, विजय इंदर सिंगला, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राजिंदर कौर भट्ठल और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी रैली में मौजूद रहे.
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की यह रैली आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. राहुल गांधी ने अपने भाषण में नशे के मुद्दे के साथ-साथ राज्य की सत्ता के कथित रिमोट कंट्रोल, रोजगार और कानून-व्यवस्था को भी चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की.