सड़कों पर ठिठुरते लोगों के लिए भीख मांगने वाला राजू बना मसीहा, दिल छूने वाले काम से कर दी मानवता की मिसाल कायम

भारत में चल रही भीषण शीत लहर ने गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की जिंदगी को और कठिन बना दिया है. ऐसे समय में पंजाब के पठानकोट से मानवता की एक दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है. भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले राजू नामक व्यक्ति ने ठंड से जूझ रहे लोगों लगभग 500 कंबल बांटे. राजू का यह निस्वार्थ प्रयास न केवल सड़कों पर ठिठुरते लोगों के लिए राहत बन गया;

( Image Source:  X/@vannumeena0 )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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भारत में चल रही भीषण शीत लहर ने गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की जिंदगी को और कठिन बना दिया है. ऐसे समय में पंजाब के पठानकोट से मानवता की एक दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है. भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले राजू नामक व्यक्ति ने ठंड से जूझ रहे लोगों लगभग 500 कंबल बांटे. राजू का यह निस्वार्थ प्रयास न केवल सड़कों पर ठिठुरते लोगों के लिए राहत बन गया, बल्कि यह दिखाता है कि दयालुता और मानवता धन पर निर्भर नहीं करती.

राजू ने बांटे कंबल

राजू ने बताया कि अपने पास सीमित संसाधन होने के बावजूद उन्होंने ठंड में ठिठुर रहे गरीबों और बेघरों के लिए कंबल इकट्ठा किए. उन्होंने छोटी-छोटी रकमें इकट्ठा करके यह काम किया, कभी-कभी सिर्फ 10 रुपये का योगदान भी किसी के लिए राहत बन गया. राजू का कहना है “ईश्वर चीजों को घटित करता रहता है, और मैं बस अपना काम करता रहता हूं.”

कोविड से लेकर ठंड तक

राजू सामाजिक सेवा में नए नहीं हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जरूरतमंदों की मदद की थी. उनके प्रयासों की सराहना तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में की थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि राजू की यह पहल समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दिखाती है कि कठिन समय में भी मानवता जीवित रह सकती है.

हालांकि राजू ने समाज की सेवा में अपना योगदान दिया है, लेकिन फिलहाल उनके पास स्थायी रहने की जगह नहीं है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि उन्हें एक स्थायी घर उपलब्ध कराया जाए. स्थानीय निवासी और समाज के लोग राजू के प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं और मानते हैं कि सभी को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना

सोशल मीडिया पर राजू के इस नेक काम की काफी सराहना हो रही है. एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट शेयर करके लिखा कि 'अब तक आपने सुना होगा कि लोगों ने भिखारियों को कंबल दान दिया. लेकिन पठानकोट से अलग तस्वीर सामने आई है. यहां दिव्यांग भिखारी राजू ने 500 जरूरतमंद लोगों को कंबल बांटा है.'

दूसरे यूजर ने लिखा कि 'कई बार हम सोचते हैं कि जब पैसे आएंगे तब लोगों की मदद करेंगे लेकिन शायद मदद करने के लिए आपके पास पैसे से ज्यादा नीयत की जरूरत है और ये बात साबित कर दी है. पठानकोट के राजू भाई ने...जो दिव्यांग हैं और भीख मांगकर गुजारा करते हैं। फिर भी राजू भाई ने 10-10 रुपये जोड़कर 500 कंबल बांटे हैं. बताइए जिसके पास कुछ नहीं है वो इतना कुछ कर रहा है समाज के लिए और जो सबकुछ कर सकते हैं वो अपना ही घर भरने में लगे हैं.'

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