पंजाब में बनेगी ग्रैंड फिल्म सिटी! CM भगवंत मान का बड़ा ऐलान, Netflix-T Series समेत कई दिग्गज कंपनियों से बातचीत
पंजाब सरकार राज्य में फिल्म सिटी बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है. Netflix, T-Series और Yash Raj Films जैसी बड़ी कंपनियों से बातचीत चल रही है और नई फिल्म नीति में 30% तक सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब में जल्द ही एक फिल्म सिटी बनाने की योजना बन रही है. यह काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार ने पहले से ही कई बड़े-बड़े प्रोडक्शन हाउसों से बातचीत शुरू कर दी है. यह बात उन्होंने प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन कही। यह सम्मेलन मोहाली में हुआ था. मीडिया और एंटरटेनमेंट से जुड़े सत्र के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम मान ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि नेटफ्लिक्स, टी-सीरीज, यशराज फिल्म्स और एक्टर शेखर सुमन की प्रोडक्शन कंपनी के साथ पंजाब में सहयोग करने की बात चल रही है. ये सभी बड़े नाम हैं, जो फिल्म और ओटीटी दुनिया में बहुत मशहूर हैं. सीएम मान ने कहा कि हिंदी फिल्मों (बॉलीवुड) की जड़ें पंजाब में बहुत गहरी हैं। बॉलीवुड के कई बड़े प्रोड्यूसर, गायक और एक्टर पंजाब से ही आते हैं। उन्होंने उदाहरण दिए – जैसे मोहम्मद रफी, सुखविंदर सिंह, जसपिंदर नरूला, दिलजीत दोसांझ, राज कपूर और धर्मेंद्र. ये सभी पंजाबी मूल के हैं और बॉलीवुड में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है.
फिल्म इंडस्ट्री पंजाबियों के बिना अधूरी
मान ने कहा, 'पंजाबी गाने के बिना फिल्म का संगीत अधूरा लगता है. पंजाबी लोग दुनिया भर में फैले हुए हैं, इसलिए पंजाबी गाने फिल्म को हिट बनाने में बहुत मदद करते हैं.' पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री भी पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ी है. पंजाब में ढेर सारी खूबसूरत जगहें हैं, जहां फिल्मों की शूटिंग की जा सकती है. जैसे सरसों के पीले खेत, नहरें, बांध, नीला पानी और गांवों का देसी माहौल. यहां भांगड़ा और गिद्दा जैसे जीवंत नाच भी आसानी से फिल्माए जा सकते हैं. असली पंजाबी कलाकार भी यहीं मिलेंगे, जो परफॉर्मेंस में जान डाल देते हैं.
इन फिल्म का किया जिक्र
सीएम ने पुरानी हिट फिल्मों का जिक्र किया जैसे- 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' और 'वीर-ज़ारा'. इन फिल्मों में पंजाब का खूबसूरत परिवेश दिखाया गया था. उन्होंने कहा कि अगर फिल्ममेकर पंजाब में शूटिंग करेंगे, तो पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भी यहीं हो सकता है. फिल्म सिटी बनाने से पहले सरकार फिल्ममेकरों से सलाह लेगी. वे बताएंगे कि उन्हें किस तरह की जगहें, उपकरण, स्टूडियो और तकनीक चाहिए. इसमें नई AI आधारित तकनीकें भी शामिल होंगी, जो आजकल फिल्म बनाने में बहुत इस्तेमाल हो रही हैं. मान ने कहा, "हमारी सरकार को राजस्व (टैक्स और कमाई) चाहिए, और फिल्ममेकरों को अच्छा माहौल और सुविधाएं चाहिए. हम चाहते हैं कि वे यहां आएं, फिल्में बनाएं, काम करें और राज्य में पैसा भी आए. इससे राज्य को फायदा होगा.' इस प्रोजेक्ट से पंजाब में बहुत सारे रोजगार पैदा होंगे.
क्या है पंजाब फिल्म प्रोत्साहन नीति 2026?
इससे पहले, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने नई पंजाब फिल्म प्रोत्साहन नीति 2026 के बारे में बताया. इस नीति के तहत, अगर कोई फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज पंजाब में बनाई जाती है, तो उस पर 25% तक की सब्सिडी मिलेगी. अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक. अगर फिल्म पंजाबी भाषा में है, तो 30% सब्सिडी मिलेगी, अधिकतम 3.5 करोड़ तक. फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, वीएफएक्स स्टूडियो या ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाने पर 20% कैपिटल सब्सिडी मिलेगी. ढाका ने कहा कि भारत के कुल इलाके का सिर्फ 1.5% और आबादी का 2% होने के बावजूद, पंजाब की सांस्कृतिक पहचान बहुत बड़ी है. राज्य में फिल्ममेकरों के लिए एक खिड़की ऑनलाइन सिस्टम होगा, जहां आसानी से परमिशन मिल जाएगी. पंजाबी कंटेंट पहले से ही डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर करीब 40% हिस्सा ले रहा है. ओटीटी चौपाल के एमडी संदीप बंसल ने कहा कि अगले 4-5 साल में पंजाब का ओटीटी बिजनेस 2000 करोड़ रुपये का हो सकता है.