मौत होने पर परिवार को पेंशन, तलाकशुदा-बेटियों को राहत- MP में नई पेंशन स्कीम की 10 बड़ी बातें

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने नई पेंशन स्कीम का ऐलान किया है. इस स्कीम में तलाकशुदा बेटियों और विधवा महिलाओं को भी राहत देने की बात की गई है.;

( Image Source:  AI GENERATED IMAGE )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 11 Feb 2026 10:46 AM IST

MP News Pension Scheme 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था से लेकर जनजातीय कल्याण और बिजलीकरण तक कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

मंत्रिपरिषद ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2026 और मध्य प्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का समानीकरण) नियम, 2026 को मंजूरी दे दी है. इस नई स्कीम में कई चीजें शामिल की गई हैं, जिससे कर्मचारियों को काफी लाभ होने वाला है. सरकार ने नियम 44 के तहत अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन देने की बात कही है. सरकार के इश फैसले की काफी सराहना भी हो रही है.

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

इसके साथ ही कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का क्रियान्वयन) नियम, 2026 और मध्य प्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी भुगतान) नियम, 2026 को मंजूरी दे दी है. नए प्रावधानों के अनुसार, अगर किसी मेंबर की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पेंशन देने की व्यवस्था की गई है. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का भी प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा कहा गया है कि पेंशन के फायदे केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार में की गई पिछली सेवाओं को जोड़कर तय किए जाएंगे

मध्य प्रदेश नई पेंशन स्कीम में क्या है?

  • सरकार का कहना है कि नए नियमों से प्रक्रियाएं सरल होंगी और पेंशन से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा हो सकेगा.
  • रिटायर कर्मचारियों को पेंशन की गणना और समानीकरण (कम्यूटेशन) में सुविधा मिलेगी.
  • नियम 44 के तहत अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन दी जाएगी.
  • इसके साथ ही ग्रेच्युटी भुगतान नियम, 2026 को भी मंजूरी दी गई है.
  • सरकार ने फैसला किया है कि ये नियम 1 अप्रैल 2026 से ही लागू कर दिए जाएंगे
  • नए प्रावधानों के तहत सदस्य की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार पेंशन की व्यवस्था की गई है, ताकि आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
  • कर्मचारियों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए ई-सेवा पुस्तिका लागू की जाएगी.
  • केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार में की गई पूर्व सेवाओं को जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे पेंशन लाभ तय करने में सुविधा होगी.
  • रिटायरमेंट के बाद विभागीय जांच की कंडीशन में ग्रेच्युटी से रिकवरी मुमकिन होगी.
  • विभागीय जांच लंबित रहने पर इंप्लोयर के कंट्रीब्यूशन को रोके जाने और रिटयरमेंट से तीन महीने पहले कर्मचारी के कंट्रीब्यूशन को रोकने का प्रावधान शामिल किया गया है. 

Similar News