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MP में असम के छात्र पर हमला, आरोपियों को ही सकती है 7 साल तक की जेल; CM मोहन यादव बोले- किसी को नहीं बख्शा जाएगा

अमरकंटक स्थित IGNTU में असम के छात्र हिरोस ज्योति दास पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने गैर-जमानती धारा जोड़ दी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि के बाद BNS की धारा 114 लगाई गई है. यह मामला देश में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आया है.

MP में असम के छात्र पर हमला, आरोपियों को ही सकती है 7 साल तक की जेल; CM मोहन यादव बोले- किसी को नहीं बख्शा जाएगा
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( Image Source:  X/@Mithileshdhar/ANI )
स्टेट मिरर डेस्क
By: स्टेट मिरर डेस्क

Published on: 17 Jan 2026 10:39 PM

Assam Student assault in MP: मध्य प्रदेश के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) में असम के एक छात्र पर हुए हमले के मामले में अब सख्त रुख अपनाया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने केस में गैर-जमानती धारा जोड़ दी है, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

यह घटना मंगलवार को शाम करीब 4 बजे की है, जब असम निवासी 22 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट छात्र हिरोस ज्योति दास पर यूनिवर्सिटी हॉस्टल के भीतर ही पांच अन्य छात्रों ने कथित तौर पर हमला किया. दास की शिकायत के आधार पर बुधवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई.

“किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा”

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी आरोपियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं. उन्होंने साफ कहा, “किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.”

'छात्र की नाक और आंखों के नीचे गंभीर चोटें'

अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक मोती-उर-रहमान ने बताया कि मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (MLC) में छात्र की नाक और आंखों के नीचे गंभीर चोटें पाई गई हैं. इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 114 (गंभीर चोट पहुंचाना) को केस में जोड़ा गया है। इस धारा के जुड़ने के बाद मामला गैर-जमानती हो गया है, जिसमें अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है.

शुरुआत में आरोपियों पर BNS की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 296 (अश्लील हरकत और शब्द), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस जांच में सामने आया है कि हमले से पहले आरोपियों ने छात्र से उसके मूल स्थान को लेकर सवाल किए थे, हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी तरह की नस्लीय टिप्पणी की पुष्टि नहीं हुई है.

वॉशरूम से रूम की ओर लौटते समय हुआ हमला

अपनी शिकायत में हिरोस ज्योति दास ने बताया कि वह वॉशरूम से लौटकर अपने हॉस्टल कमरे की ओर जा रहा था, तभी उस पर हमला किया गया. उसने अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह को आरोपी बताया है. पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही पांचों आरोपी छात्र उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्थित अपने घरों को लौट गए थे या फरार हो गए थे.

यह मामला हाल ही में देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में त्रिपुरा के छात्र अंजेल चकमा की मौत के बाद सामने आया है, जिससे देशभर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

असम न्‍यूज
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