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11 सीएम और 8 राज्यपाल मौजूद... 21 दूल्हों के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीएम मोहन यादव के बेटे की हुई शादी

यह शादी नहीं, एक ऐतिहासिक आयोजन की झलक है. उज्जैन में आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की बारात 21 दूल्हों के साथ एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन से होकर गुज़री. शहर में ऐसा नज़ारा पहले कभी नहीं देखा गया, जहां मुख्यमंत्री का बेटा भी उसी मंच पर विवाह करेगा, जहां अन्य साधारण परिवारों के युवा दूल्हे-दुल्हनें अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे.

11 सीएम और 8 राज्यपाल मौजूद... 21 दूल्हों के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीएम मोहन यादव के बेटे की हुई शादी
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( Image Source:  instagram-@statemirrorhindi )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 30 Nov 2025 3:34 PM IST

उज्जैन आज एक अनोखे और ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बन गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन में हो रही है, जहां उनकी 21 अन्य दूल्हों के साथ घोड़ी पर चढ़कर बारात निकल गई है और यह विवाह संपन्न हो चुका है.

आमतौर पर वीवीआईपी परिवारों की शादियां निजी और भव्य होती हैं, लेकिन इस शादी को जनसमुदाय के साथ जोड़कर एक मिसाल पेश की जा रही है. उज्जैन में हरिफाटक के पास सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ जुटने लगी है, ताकि इस अनूठे विवाह समारोह को अपनी आंखों से देख सकें. इस शादी में 11 सीएम और 8 राज्यपाल शिरकत करेंगे.

21 दूल्हों के साथ निकली सीएम के बेटे की बारात

उज्जैन में सीएम के बेटे की शादी की तैयारियां किसी फेस्टिवल से कम नहीं हैं. जैसे ही बारात निकलने की खबर फैली, लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. मुख्यमंत्री के बेटे अभिमन्यु 21 दूल्हों के साथ एक साथ घोड़ी पर सवार होकर निकल चुके हैं. वहीं दुल्हनें सजाई गई बग्गियों में बैठकर समारोह स्थल तक पहुंचेंगी. बारात में बैंड-बाजों, रिश्तेदारों के नृत्य और पारंपरिक संगीत की गूंज पूरे इलाके को उत्सव में बदल रही है. इस शादी की खासियत यह है कि इसमें 11 मुख्यमंत्री और कई राज्यपाल भी शिरकत करेंगे, जिससे माहौल और भी भव्य हो गया है.

सांवराखेड़ी में तैयारियां बनी आकर्षण का केंद्र

वाकणकर ब्रिज के पास स्थित सांवराखेड़ी में होने वाले इस सामूहिक विवाह समारोह के लिए बेहद भव्य तैयारियां की गई हैं. विशाल खुले क्षेत्र में पांच बड़े डोम खड़े किए गए हैं, जिनके भीतर प्लाइवुड से बने अस्थायी कमरे और स्पेशल ग्रीनरूम तैयार हैं ताकि दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो. वीआईपी अतिथियों के लिए अलग से एक पैंट्री बनाई गई है, जहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी. मुख्य कार्यक्रम के लिए 40×100 फुट का विशाल स्टेज केंद्र आकर्षण के रूप में तैयार किया गया है, जबकि विवाह की रस्में सम्पन्न कराने के लिए 22 खूबसूरत मंडप सजाए गए हैं. इसके साथ ही गाड़ियों की पार्किंग, साफ वॉशरूम और सुरक्षा इंतज़ाम भी बड़े पैमाने पर किए गए हैं, ताकि समारोह के दौरान हर अतिथि को आराम महसूस हो.

जनभागीदारी का अनोखा उदाहरण

यह सामूहिक विवाह सम्मेलन सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी दे रहा है, भव्यता और परंपरा के बीच सामूहिकता का मेल. मुख्यमंत्री का परिवार इस मंच पर अपने बेटे का विवाह बाकी परिवारों के साथ करवाकर यह संदेश दे रहा है कि सामाजिक समरसता ही असली शक्ति है. उज्जैन की जनता भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनकर उत्साहित है, और हरिफाटक से सांवराखेड़ी तक उत्साह, संगीत और रंगों से भरा माहौल देखते ही बनता है. यह आयोजन आने वाले समय में सामाजिक आयोजनों की एक मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा.

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