कौन थे SSB जवान प्रह्लाद सिंह, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली? वजह बनी रहस्य
झारखंड के चतरा में SSB के जवान प्रह्लाद सिंह ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या की वजह अभी साफ नहीं है. पुलिस और अधिकारी जांच में जुटे हैं.
SSB Jawan प्रह्लाद सिंह के सुसाइड करने से मचा हड़कंप
(Image Source: X/@madanmohansoni )झारखंड के चतरा जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा बलों के भीतर भी चिंता बढ़ा दी है. सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान ने ड्यूटी के दौरान अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. यह घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे Chatra के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित शिला ओपी पिकेट पर हुई.
घटना की जानकारी मिलते ही चतरा के पुलिस अधीक्षक Sumit Kumar Agrawal और SSB के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया है. परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है.
कौन था मृतक जवान?
मृतक जवान की पहचान 35वीं बटालियन के जवान प्रह्लाद सिंह के रूप में हुई है. वह Deoghar जिले के निवासी थे और लंबे समय से SSB में तैनात थे. घटना के समय वह अपनी नियमित ड्यूटी पर थे, तभी उन्होंने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रह्लाद एक महीने पहले छुट्टी से वापस लौटे थे. उनकी नौकरी 2017 में लगी थी. इसके बाद 2018 में उनकी शादी हुई. उनकी एक बेटी भी है.
जवान ने क्यों की आत्महत्या?
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. जवान के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे कारण स्पष्ट हो सके. पुलिस और SSB अधिकारी हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं. सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है.
क्या पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले?
झारखंड में जवानों की आत्महत्या का यह पहला मामला नहीं है. अक्टूबर 2025 में रांची में जेएपी-2 के जवान शिव पूजन रजवार ने भी आत्महत्या की थी. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में CRPF और CAF के जवानों के बीच भी ऐसे मामलों की खबरें सामने आती रही हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुरक्षा बलों में आत्महत्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें मानसिक तनाव और डिप्रेशन, परिवार से लंबी दूरी, छुट्टी की कमी और ड्यूटी का दबाव, यूनिट के अंदर तनाव और निजी या आर्थिक परेशानियां शामिल हैं.
सुसाइड को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
Indian Armed Forces ने इस समस्या को कम करने के लिए कई पहल शुरू की हैं, जैसे- काउंसलिंग और हेल्पलाइन सेवाएं, 'Buddy System' के जरिए साथियों का सहयोग, छुट्टियों और रोटेशन में सुधार, योग और तनाव प्रबंधन कार्यक्रम और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता.
जरूरत पड़ने पर मदद लेना बेहद जरूरी है. iCALL जैसी मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (9152987821) पर गोपनीय और प्रोफेशनल सहायता उपलब्ध है (सोम–शनि, सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक).